टीवी डिबेट – झगड़े का अड्डा बनते टीवी स्टूडियो

मैंने एक बार पहले मज़ाक़ मज़ाक़ में कहा था कि कुछ टीवी चैनल्स पर डिबेट का स्तर ऐसा हो जाएगा कि हो सकता है पुलिस को स्टूडियो में ही घुस परधारा 151 सीआरपीसी केअंतर्गत कार्यवाही करनी न पड़ जाय। मैंने एक पोस्ट भी इसी आशय की डाली थी।।  यह उस समय कीबात है जब टीवी पर घर वापसी और गाय के मामले पर रोज़ बहस … पढ़ना जारी रखें टीवी डिबेट – झगड़े का अड्डा बनते टीवी स्टूडियो

मीडिया – लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है

लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है। एक अखबार है दैनिक जागरण वह हिन्दी में खबर प्रकाशित करता है कि कठुआ में दुष्कर्म नही हुआ, उसी अखबार का उर्दू संस्करण इंक्लाब उर्दू में कठुआ की वह रिपोर्ट प्रकाशित करता है जो फारेंसिक लैब ने सौंपी है। हिन्दी अखबार अपने ‘हिन्दू’ बाजार पर काबिज होने के लिये झूठी खबर प्रकाशित करता है, … पढ़ना जारी रखें मीडिया – लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है

विश्व में बज रहा है, भारतीय फ़ेक न्यूज़ का डंका

भारतीय मीडिया लगातार अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है.पत्रकारिता को अब चाटूकारिता का पर्याय कहें तो गलत न होगा.सत्ता की लालच ने भारतीय मीडिया को अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बदनाम कर दिया है. हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी फलिस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान की यात्रा पर गए थे. पीएम के देश से बाहर होने पर भी देश की मीडिया ने उनकी चाटुकारिता बंद … पढ़ना जारी रखें विश्व में बज रहा है, भारतीय फ़ेक न्यूज़ का डंका