उत्तरप्रदेश में शासन और प्रशासन द्वारा फ़र्ज़ी एनकाउंटर की होती अनदेखी

बीते कुछ दिनों में आपने देखा होगा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक राह चलती गाड़ी में बैठे बेकसूर लड़के को पुलिस वालों ने गोली मार दी, जिसका नाम था विवेक तिवारी! विवेक की इसमें कोई गलती नहीं थी ना ही वो कोई अपराधी था और ना ही आतंकी, उसकी गलती सिर्फ यह थी कि वो रात को तकरीबन 1: 00 बजे अपने काम … पढ़ना जारी रखें उत्तरप्रदेश में शासन और प्रशासन द्वारा फ़र्ज़ी एनकाउंटर की होती अनदेखी

कल्पना तिवारी की चीत्कार में नौशाद और मुस्तकीम की मां की चीत्कार शामिल क्यों नहीं है?

कल दिल्ली जाते हुए सोशल मीडिया से विवेक तिवारी की हत्या का समाचार मिला। ज्यादा जानकारी लेने के लिए एक अखबार की वेबसाइट पर गया तो वहां जाकर दिमाग सुन्न हो गया। खबर का कमेंट बॉक्स उन लोगों से भरा था, जो हत्या को सही ठहरा रहे थे। सोचने लगा कि ये कौन लोग हैं, जो एक निर्दोष की हत्या को सही बता रहे हैं? … पढ़ना जारी रखें कल्पना तिवारी की चीत्कार में नौशाद और मुस्तकीम की मां की चीत्कार शामिल क्यों नहीं है?