अर्बन नक्सल के नाम पर मामला कारपोरेट लूट की दलाली खाने का है

बस्तर या छोटा नागपुर या झारखण्ड के जंगलों में रहने वाले आदिवासिओं ने सरकार का एक ही चेहरा देखा है – टिम्बर माफिया का साथ देने वाला फ़ॉरेस्ट ऑफिसर, खनन कंपनियों का पहरेदार सुरक्षाकर्मी और आदिवासिओं के शोषण का साथ देने वाला नेता . इनके लिए सरकार, राजनीती और उद्योग बाहरी जगत है . ऐसी सामाजिक ज़मीन पर बिसात फ़ैलाते है तीन तरह के तत्त्व … पढ़ना जारी रखें अर्बन नक्सल के नाम पर मामला कारपोरेट लूट की दलाली खाने का है