दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह

ये उसी शिखर अग्रवाल की पोस्ट है जिसने तीन दिसंबर की सुबह को खेतों में गाय कटी हुई देखी। दो दिसंबर की सुबह में इसने सभी स्वयंसेवकों की मीटिंग रखी और अगले दिन गाय कटी हुई प्राप्त हुईं। यदि सही और ईमानदारी से जांच हो तो पता चलेगा कि गाय किन लोगों ने काटी और उनका मकसद क्या था?   महत्वपूर्ण सवाल – आखिर दो … पढ़ना जारी रखें दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह