नेताजी सुभाषचंद्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति (पार्ट-2)

सुभाष बाबू 1938 के कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ही कांग्रेस में वैचारिक संघर्ष भी छिड़ गया था। वे 1921 से 1940 तक कांग्रेस में रहे। फिर उनका कांग्रेस से मोहभंग हो गया। 1939 में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक नामक दल का गठन किया जो प्रगतिशील विचारों का था। यह दल आज भी है और वामपंथी दलों के … पढ़ना जारी रखें नेताजी सुभाषचंद्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति (पार्ट-2)

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति ( पार्ट-1)

सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अप्रतिम योद्धा थे। योद्धा शब्द सच मे केवल उन्हीं के लिये कहा जा सकता है। अंग्रेज़ी हुक़ूमत के खिलाफ 1857 का विप्लव एक विद्रोह था जो चर्बी मिले कारतूस के मुद्दे पर अचानक भड़क उठा था। तब अंग्रेज़ उतने मज़बूत नहीं थे संख्या भी कम थी। 1885 ई में कांग्रेस के गठन के बाद और फिर महात्मा गांधी … पढ़ना जारी रखें नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति ( पार्ट-1)

“नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति”, एक चर्चा-1

12 मई 1940 को बंगाल के झाड़ग्राम नामक एक स्थान पर बंगाल में हिन्दू महासभा के प्रचार के तरीके पर टिप्पणी करते हुये, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने निम्न पंक्तियां कहीं थीं। ” हिन्दू महासभा ने वोट लेने के लिये सन्यासियों और सन्यासिनियों का एक दल बना रखा है जो हांथो में त्रिशूल ले कर गांव गांव घूम रहा है। सन्यासी समूह को देख कर … पढ़ना जारी रखें “नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति”, एक चर्चा-1

ट्विट्टर के टॉप ट्रेंड पर #Netaji , आज है जन्मदिन

आज आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी “नेताजी सुभाष चंद्र बोस” का जन्मदिन है. यही वजह है कि ट्विट्टर में टॉप ट्रेंड पर है #Netaji . इस हैज़टैग के अलावा देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने ट्वीट कर श्रृद्धांजलि अर्पित की. सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने ट्विट्टर हैंडल से उनके जन्मदिन पर विशेष ट्वीट भी किये, आईये देखें किसने क्या … पढ़ना जारी रखें ट्विट्टर के टॉप ट्रेंड पर #Netaji , आज है जन्मदिन

रास बिहारी बोस :पूर्वी एशिया में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के जन्मदाता

वैसे तो हमारे देश की आजादी के लिए बहुतों ने खुद को आहुत किया था लेकिन रास बिहारी बोस की बात ही अलग थी. वे पहले भारत में थे और फिर विदेश से देश की आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे.रास बिहारी बोस क्रांतिकारी होने के साथ सर्वप्रथम आज़ाद हिन्द फौज के निर्माता भी थे. ‘‘एशिया एशियावासियों का है’’ का नारा बुलन्द करने वाले रास … पढ़ना जारी रखें रास बिहारी बोस :पूर्वी एशिया में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के जन्मदाता