आप JNU, BHU, TISS के लिए बोलोगे, पर AMU के लिए नहीं

कुछ एक सेक्युलर लोगों को छोड़कर, देश के लिबरल-लेफ़्ट, प्रोग्रेसिव (Islamophobic Muslims, Self-hating Muslims, और Majoritarian Muslim Apologists अलग से शामिल हैं..) का पूरा का पूरा जमावड़ा न तो JNU में नजीब अहमद पर संघी हमले और उसके गायब होने, और बाद में नजीब के लिए इंसाफ मांग रही उसकी माँ के संघर्ष में शरीक हुआ. और अब AMU में संघियों का पुलिस के साथ … पढ़ना जारी रखें आप JNU, BHU, TISS के लिए बोलोगे, पर AMU के लिए नहीं

आईये जानें, क्या है “भारतीय संविधान की प्रस्तावना”

‘हम भारत के लोग’, भारत को लोकतांत्रिक,संप्रभुत्व ,धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों में बांधने वाला भारत का एकमात्र ग्रंथ(संविधान) इन्हीं शब्दों से आरंभ होता है। देश की आत्मा को स्वयं में बसाये संविधान विभिन्नताओं से भरे इस राष्ट्र को एक सूत्र में बंधने का सर्वप्रथम साधन है। संविधान का आरंभ ‘प्रस्तावना’से होता है संविधान के उद्देश्यों को प्रकट करने हेतु यह ‘उद्देशिका ‘ प्रस्तुत की जाती है। … पढ़ना जारी रखें आईये जानें, क्या है “भारतीय संविधान की प्रस्तावना”