नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

अगर राम आपके आदर्श हैं तो उनके नाम का इस्तेमाल आप किसी को चिढ़ाने, उकसाने के लिए कैसे कर लेते हैं? अगर आप उनमें श्रद्धा रखते हैं तो उनका नाम इतने हल्के में इस्तेमाल कैसे कर पा रहे हैं? ‘जय श्री राम’ के नारे से किसी को आपत्ति नहीं बशर्ते आप अपनी श्रद्धा से यह नारा लगा रहे हों. लेकिन अगर यही नारा आप मसखरी … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

प्रेम प्रकाश जी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेरे मित्र हैं। कम लिखते हैं पर लाजवाब लिखते हैं। उनकी एक रोचक लेख नीचे प्रस्तुत कर रहा हूँ। उसे पढ़ने के पहले मेरी यह बात भी पढ़ लीजिएगा। प्रेम प्रकाश जी ने कल्पना की है कि अगर भगवान राम स्वतः 29 तारीख को आ कर बनारस कचहरी में लोकसभा चुनाव के संदर्भ में अपना पर्चा दाखिल कर … पढ़ना जारी रखें अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

भाजपा के पास महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने का एकमात्र साधन “राम” जी हैं

अयोध्या में राम मंदिर बनने के अभी कोई आसार नहीं है इसलिए तब तक के लिए राम की मूर्ति से काम चलाया जाए पढ़ना जारी रखें भाजपा के पास महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने का एकमात्र साधन “राम” जी हैं

स्मृति- जब रामायण केंद्रित अंताक्षरी में एक मुस्लिम युवक ने पढ़ा श्लोक

मैं मुस्कराया और उनसे कहा यही तो हमारी सांझी संस्कृति है जो कोई भी न तो हमें अलग कर सकता और न ही छीन सकता है। गंगा यमुना के संगम की तरह हम एक दूसरे में मिल महसूसते बहते जाते। इसी से शायद गंगा यमुनी तहज़ीब की बात होती है पढ़ना जारी रखें स्मृति- जब रामायण केंद्रित अंताक्षरी में एक मुस्लिम युवक ने पढ़ा श्लोक