नज़रिया – क्या हर समुदाय रिज़र्वेशन में अपना विकास ढूंढ रहा है ?

पिछले कुछ समय से भारत में अशांति का माहौल पनपता जा रहा है। देश के अलग अलग हिस्सों से दो तीन सालों से सामाजिक आंदोलन के खबरें बढ़ रही है इसी कारण सामाजिक टकराव भी बढ़ रहा है इन आंदोलनों की पीछे कहीं न कहीं रिजर्वेशन की मांग की मांग छुपी हुई है, हर समुदाय रिजर्वेशन की आड़ में विकास की संभावनाएं तलाश रहा है … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या हर समुदाय रिज़र्वेशन में अपना विकास ढूंढ रहा है ?

हार्दिक की रैलियों में उमड़ रही भीड़, भाजपा के लिए बुरी ख़बर

गुजरात में चुनावी पारा अपने चरम पर, सभी पार्टियों ने अपनी पूरी जान झोक रखी है हर पार्टी ताबड़ तोड़ रैलियां कर रही हैं. चुनावी रैलियों में आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. जेतपुर ब्लॉक में आरक्षण,किसान और बेरोज़गारी मुद्दे के साथ परिवर्तन सभा में जुड़े लोग,भाजपा को जुठ बोलना,ज़ोर से बोलना और बार बार बोलने की आदत हैं।यह जनता अपने भविष्य के लिए … पढ़ना जारी रखें हार्दिक की रैलियों में उमड़ रही भीड़, भाजपा के लिए बुरी ख़बर

चुनाव के आईने में गुजरात का गौरवशाली अतीत

लोकतंत्र के भविष्य के लिए गुजरात चुनाव अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। पर गुजरात के राजनीतिक व्यवहार को समझने के लिए उसकी सामाजिक-वर्ग संरचनाओं को एक ऐतिहासिक संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है। उथल-पुथल के दौर ही में सामाजिक-वर्ग संरचनाओं उभर कर सामने आती हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (BEIC) के खिलाफ 1857-58 के दौरान गुजरात में भारी विद्रोह हुआ था। इस विद्रोह के क्षेत्रों में, ब्रिटिश शासन के … पढ़ना जारी रखें चुनाव के आईने में गुजरात का गौरवशाली अतीत

Agrarian anger is boiling in Gujarat

A journalist friend and I travelled from Ahmedabad to Rajkot via Sanand, Viramgam, Dhrangadhra, Halvad and Morbi, stopping at wayside tea stalls to chat with people, mostly youth, farmers, artisans. We returned to Ahmedabad via Chotila, Limdi, Bavla and Changodar. Everyone we chatted with said they want to kick out the BJP government. A carpenter, who walks with the help of crutches, insisted we visit … पढ़ना जारी रखें Agrarian anger is boiling in Gujarat

भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

ये आपने कब देखा था कि एक राज्य के चुनाव और उसके नतीजों में लगभग सवा महीने का फासला रखा गया हो? चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में आठ नवंबर को चुनाव कराने का ऐलान किया है, लेकिन नतीजों का ऐलान 18 दिसंबर को किया जाएगा। कोई भी सामान्य बुद्धि रखने वाला शख्स भी समझ सकता है कि ऐसा क्यों किया गया है? क्या चुनाव … पढ़ना जारी रखें भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है

पहली बार गुजरात चुनाव को ले कर कांग्रेस वह अक्लमंदी और दूरदर्शिता दिखा रही है, जो उसे संसदीय चुनाव के बाद होने वाले सभी विधान सभा चुनाव में दिखाना चाहिए था. क्योंकि इन चुनावों में बीजेपी की जीत उसकी लोकप्रियता से ज़्यादा उसके चुनाव मैनेजमेंट और तिकड़मबाज़ी की जीत थी. जिसका शर्मनाक सुबूत गोवा और मणिपुर में उसका हार के बाद भी जोड़ तोड़ और … पढ़ना जारी रखें 2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है