व्यक्तित्व – सामाजिक न्याय के बड़े पैरोकार थे “करूणानिधि”

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एम करुणानिधि का मंगलवार शाम 6:10 मिनट में चेन्नई के एक निजी अस्पताल में 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया. निधन के पूर्व करूणानिधि को बुखार और इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था. Press release from Kauvery Hospital – Admin pic.twitter.com/o52AioshPR — KalaignarKarunanidhi (@kalaignar89) August 7, 2018 करुणानिधि का जन्म 3 जून … पढ़ना जारी रखें व्यक्तित्व – सामाजिक न्याय के बड़े पैरोकार थे “करूणानिधि”

नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

आरक्षण से पहले जातिगत आधार पर हिंदुओं का ध्रुविकरण होता था, आरक्षण के उपरांत आरक्षण प्राप्त जातियों के भीतर का आक्रोश आखिर कहां फूटता, वह मुसलमानों के विरूद्ध इस्तेमाल होने लगा। पिछड़े,दलित तथा आदिवासियों का जीवन स्तर जितनी तेजी से सुधरा वे उतनी ही उग्रता से हिंदुत्व की ओर बढ़े। हिंदू बनने की इस होड़ में गली मोहल्ले में नए नए उत्सव त्योहार की शक्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

क्या अपना मज़बूत किला ढहने से बचा पाएगी भाजपा

गुजरात के चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है दोनों पार्टियां अपने अपने लिए गुजरात के रन में जमीन तलाश रहीं हैं सत्तारूढ़ दल भाजपा फिर चुनाव जीतने के लिए प्रयास कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपनी 22 साल पहले की खोई ज़मीन को तलाशने में जुटी है. जहां प्रधानमंत्री लगातार ज़ोरदार रोड शो और रैलियां के माध्यम से बैकवर्ड, दलित … पढ़ना जारी रखें क्या अपना मज़बूत किला ढहने से बचा पाएगी भाजपा

भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

ये आपने कब देखा था कि एक राज्य के चुनाव और उसके नतीजों में लगभग सवा महीने का फासला रखा गया हो? चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में आठ नवंबर को चुनाव कराने का ऐलान किया है, लेकिन नतीजों का ऐलान 18 दिसंबर को किया जाएगा। कोई भी सामान्य बुद्धि रखने वाला शख्स भी समझ सकता है कि ऐसा क्यों किया गया है? क्या चुनाव … पढ़ना जारी रखें भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है

पहली बार गुजरात चुनाव को ले कर कांग्रेस वह अक्लमंदी और दूरदर्शिता दिखा रही है, जो उसे संसदीय चुनाव के बाद होने वाले सभी विधान सभा चुनाव में दिखाना चाहिए था. क्योंकि इन चुनावों में बीजेपी की जीत उसकी लोकप्रियता से ज़्यादा उसके चुनाव मैनेजमेंट और तिकड़मबाज़ी की जीत थी. जिसका शर्मनाक सुबूत गोवा और मणिपुर में उसका हार के बाद भी जोड़ तोड़ और … पढ़ना जारी रखें 2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है