नज़रिया – आपको मनौवैज्ञानिक तौर पर इन ‘घटनाओं का आदी बना दिया गया है

सोचिये उत्तराखंड के सतपुली में एक गाय से दुष्कर्म हो जाता है मगर कोई गौरक्षक उस कुकर्मी को एक थप्पड़ तक नहीं मारता, वहीँ हापुड़ में अपने खेत से गाय भगाने वाले क़ासिम को नामर्द भीड़ घेर कर पीट पीट कर मार डालती है, ये क़त्ले आम करने की सोची समझी साजिश नहीं तो क्या है? मॉब लिंचिंग, मुसलमानों से गौरक्षकों की गुंडागर्दी और क़त्ले … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – आपको मनौवैज्ञानिक तौर पर इन ‘घटनाओं का आदी बना दिया गया है