नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

अगर राम आपके आदर्श हैं तो उनके नाम का इस्तेमाल आप किसी को चिढ़ाने, उकसाने के लिए कैसे कर लेते हैं? अगर आप उनमें श्रद्धा रखते हैं तो उनका नाम इतने हल्के में इस्तेमाल कैसे कर पा रहे हैं? ‘जय श्री राम’ के नारे से किसी को आपत्ति नहीं बशर्ते आप अपनी श्रद्धा से यह नारा लगा रहे हों. लेकिन अगर यही नारा आप मसखरी … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

ममता कैसे बनीं “बंगाल की शेरनी’

वो नेता जो “नेता” बनी तो सिर्फ अपने दम पर,अपनी मेहनत से और लगन से,वो जिसने अपने “महिला” होने को अपनी ताकत बनाया और अपने गरीब घर से आने को कभी सामने नही आने दिया. जब चुनावी मैदान में उतरी तो अपने वक़्त की सबसे कम उम्र की सांसद बनी और फिर बनी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, जी हां बात हो रही है राजनीतिक हलकों … पढ़ना जारी रखें ममता कैसे बनीं “बंगाल की शेरनी’