नज़रिया – भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25,26,27,28 प्रत्येक नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है, और ये मौलिक अधिकारों की सूची में दर्ज है जिसका हर हाल में पालन होना चाहिए। इस अधिकार का मूल उद्देश्य भारत में धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को बनाए रखना है। संविधान के तीसरे भाग में सम्मिलित ये सब मौलिक अधिकार, नागरिकों की धार्मिक/सांस्कृतिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है, उनको अपने रीतिरिवाज … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है

कलाम साहब इस देश के अनमोल नगीने एवं भारतीय मुस्लिम समाज का गौरव हैं

डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम साहब निजी जीवन में धार्मिक व्यक्ति थे। इनकी किताबें पढ़ने से पता चलता है कि इनका धर्म के प्रति विश्वास कितना गहरा था। इस्लामी परम्परा का ये बख़ूबी पालन करते थे। अपनी किताब ‘इग्नाइटेड माइंड’ में इन्होंने क़ुरान से लेकर पैग़म्बर मोहम्मद साहब का ज़िक्र भी बख़ूबी किया। कई जगह इन्होंने कोट करके इस्लाम को लेकर एक बेहतरीन अंदाज़ … पढ़ना जारी रखें कलाम साहब इस देश के अनमोल नगीने एवं भारतीय मुस्लिम समाज का गौरव हैं

नज़रिया – हज़रतगंज चौराहा, मुग़लसराय, औरंगजेब रोड का नाम ही क्यों बदला गया?

एक दिन सियासत तुम्हारा नाम निसार से बदलकर नरेश कर देगी और तुम बस लोकतंत्र को बचाते रहना। नाम बदलना कोई छोटी बात नहीं है। ये तुम्हारी विरासत, तुम्हारे आब-ओ-अजदाद की कुर्बानियां, तुम्हारी तारीख़ के साथ सबसे बड़ा हमला है। यक़ीन न हो तो जाके यूरोप में उन शहरों को देख लो कि जहाँ तुम्हारे आब-ओ-अजदाद सैकड़ों साल हुकूमत किए हैं, जिस यूरोप को डार्क … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – हज़रतगंज चौराहा, मुग़लसराय, औरंगजेब रोड का नाम ही क्यों बदला गया?

“और कितनी मोहब्बत तुम्हें चाहिए ऐ फ़राज़ – माजिद मजाज़”

“सुना है बोले तो बातों से फूल झड़ते हैं ये बात है तो चलो बात करके देखते हैं”। तो आइए आज बात करते हैं इस जैसी हज़ारों बेमिशाल ग़ज़लों और शेरों के ख़ालिक़, आबरू-ए-गज़ल, इस अहद की सच्चाइयों के अलंबरदार, लफ़्ज़ को फूल बनाने वाली शख़्सियत अहमद फ़राज़ के बारे में। अहमद फ़राज़ पाकिस्तान के शहर कोहाट में एक शायर बर्क कोहाटी के यहाँ 14 … पढ़ना जारी रखें “और कितनी मोहब्बत तुम्हें चाहिए ऐ फ़राज़ – माजिद मजाज़”