इलेक्शन 2018 – एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में घटा महिला प्रतिनिधित्व

भारत में महिलाओं के सम्मान और पुरुषों के समान अधिकारों की मांग का सिलसिला विगत वर्षों से चला आ रहा है महिलाएं भारत की आबादी में आधे से कई ज़्यादा स्थान रखती हैं. इस आधी आबादी के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक अधिकारों को समय-समय पर उठाया भी जाता रहा है. राजनीतिक रूप से देखने पर ज्ञात होता है कि महिलओं से जुड़ा सबसे बड़ा मुद्दा विधायिका … पढ़ना जारी रखें इलेक्शन 2018 – एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में घटा महिला प्रतिनिधित्व

आखिर कौन हैं ये ” आजकल की लडकियां “

दीपक मिश्रा “आजकल की लड़कियाँ” ये लाइन हमें आसपास हमेशा सुनने को मिल जाती है अधिकतर नकारात्मक रूप में। पुरुषों का एक बड़ा वर्ग हो या पितृसत्तात्मक विचारों में जकड़ा हुआ समाज( महिलाएं भी शामिल हैं) हो जिन्हें “आजकल की लड़कियाँ” जाने क्यूँ सभ्य नहीं लगती। इन की बातों को सुना जाए तो बड़ी हास्यास्पद होती हैं जैसे “अरे आजकल की लड़कियों के तो नख़रे … पढ़ना जारी रखें आखिर कौन हैं ये ” आजकल की लडकियां “

बिलक़ीस बानो – “हिम्मत और बहादुरी की मिसाल”

क़ुदरत नें हिन्द के खज़ाने में किसी चीज़ की कमी शायद नही छोड़ी, यहाँ हर फ़िल्ड के माहिर मिलते हैं, यहाँ की औरतें भी हर दौर में हर समय अपनी मिसाल, अपनी पहचान की छाप एैसी छोड़ जाती हैं जिसे एक लंबे समय तक भुलाने वाले चाह कर भी भुला नही पाते हैं। ये हिन्द की ही सर जमीं है जहाँ रज़िया सुल्ताना पैदा हुई … पढ़ना जारी रखें बिलक़ीस बानो – “हिम्मत और बहादुरी की मिसाल”

क्या संदेश छोड़ गया बीएचयू की छात्राओं का आंदोलन?

पिछले कुछ दिनों से हमारे देश का मीडिया, सरकार, बुद्धिजीवी व छात्र वर्ग काफी बेचैन और व्यस्त दिखाई पड रहे है इसका कारण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसने सभी लोगो को एक बार फिर अपने सामाजिक, राजनीतिक कार्यो की जांच पड़ताल करने पर मजबूर कर दिया। जिस पर पूरे जोश के साथ कवरेज की जा रही थी भाषण दिए जा रहे थे क्यूंकि मुद्दा भारत … पढ़ना जारी रखें क्या संदेश छोड़ गया बीएचयू की छात्राओं का आंदोलन?