किसान पशुओं को DM कार्यालय बांध आयें – अमीक़ जामेई

उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ के गोंडा में किसानो ने 700-800 गाय को ले जाकर सरकारी स्कूल में बांध आये इससे बाद बवाल खडा हो गया है, गौरतलब है की किसानो की फसल इन आवारा पशुवो से नुकसान पहुच रहा है जिससे तंग आकर किसानो ने आवारा पशुवो को सरकारी स्कूल व हस्पताल में बांध आये. किसानो का कहना है की जिला मजिस्ट्रेट गौशाला बनाने की ज़िम्मेदारी … पढ़ना जारी रखें किसान पशुओं को DM कार्यालय बांध आयें – अमीक़ जामेई

कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

मिडिल क्लास को बड़ा गुरूर है टैक्स देने का. चले तो आख़िरी चवन्नी बचाने लेने वाला यह क्लास किसानों की कर्ज़माफ़ी को लेकर बहुत उछल रहा है मानो उसकी तनख्वाह से पैसा काट के दिया गया है. उसे लगता है देश उसी के पैसे से चलता है तो दुनिया की सारी सुविधा उसी को मिलनी चाहिए. उछल तो वे पूंजीपति भी रहे हैं जो सब्सिडी … पढ़ना जारी रखें कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

देश के 17 राज्यों के 25000 भूमिहीन क्यों चल रहे हैं पैदल ?

भारत की आज़ादी की लड़ाई में ज़मीन हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा। संथाल विद्रोह, बारडोली से लेकर चंपारण सत्याग्रह तक हर संघर्ष में ज़मीन एक केंद्रीय मुद्दा बना रहा। अंग्रेजों ने रजवाड़ों और ज़मींदारों को भारतीयों के शोषण का माध्यम बना रखा था, क्योंकि भारतीय अधिकतर किसान थे इसीलिए भूमि पर उनके अधिकार छीनकर उन्हें आराम से शोषित किया जा सकता था। और इसीलिए देश के अलग … पढ़ना जारी रखें देश के 17 राज्यों के 25000 भूमिहीन क्यों चल रहे हैं पैदल ?

विजय माल्या या नीरव मोदी नहीं बल्कि महाराष्ट्र का एक किसान परिवार है

महाराष्ट्र के एक किसान ने अपनी पत्नी और बच्ची के साथ आत्महत्या कर लिया है, पेड़ में लटकी इन तीनों लाशों की तस्वीर सोशल मीडिया में बहुत वायरल हो रही है. इस तस्वीर पर सभी की तीखी प्रतिक्रिया आ रही है. दरअसल दिनोदिन किसानो की हालत दयनीय होती जा रही है विजय माल्या की ऐसी कोई तस्वीर किसी दिन सोशल मीडिया पर दिख जाए तो … पढ़ना जारी रखें विजय माल्या या नीरव मोदी नहीं बल्कि महाराष्ट्र का एक किसान परिवार है

मंदसौर गोलीकांड का एक साल – किसानों की बदहाली और विकास गाथा

सरकार द्वारा मंदसौर में किसानों की हत्या को कल पूरे एक साल हो रहे हैं। लेकिन पिछले एक साल में किसानों की दशा सुधारने की ओर क्या किया सरकार ने? राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक विधायकों और सांसदों की आय तो रातोंरात दुगूनी कर देती हैं लेकिन जो सरकार किसानों को लागत का डेढ़गुणा ज्यादा MSP देने का वादा करने के बाद सत्ता में … पढ़ना जारी रखें मंदसौर गोलीकांड का एक साल – किसानों की बदहाली और विकास गाथा

मध्यप्रदेश में सरकारी व्यवस्थाओं के शिकार एक और किसान की मौत

लगता है जैसे किसानों को लेकर सरकार का रवैया अब बदलने वाला नहीं है. भारतीय जनता पार्टी की राज्य और केंद्र की सरकार ये मानकर बैठी है, कि कुछ भी हो जाये जनता हिंदुत्व के नाम पर उन्हें ही वोट देगी. इसी बीच किसानों की मृत्यु की खबरें देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही हैं. फ़िलहाल मध्यप्रदेश में किसानों की मौत का सिलसिला थमने … पढ़ना जारी रखें मध्यप्रदेश में सरकारी व्यवस्थाओं के शिकार एक और किसान की मौत

नज़रिया – नंगे पाँव चलता किसान उनको माओवादी नज़र आता है

क्या किसी विरोधी विचारधारा के किसान संगठन के बैनर तले इकठ्ठा होकर किसान प्रदर्शन करें तो भारतीय जनता पार्टी और संघ के लोगों को किसानों की मांग और प्रदर्शन पर सवाल उठाने का अधिकार मिल जाता है. देश की लगभग हर राजनीतिक पार्टी और विचारधारा सरे सम्बन्ध रखने वाले अलग-अलग संगठन कार्य कर रहे हैं. उनमे छात्र संगठनों से लेकर युवा, मज़दूर और किसान संगठन … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – नंगे पाँव चलता किसान उनको माओवादी नज़र आता है

क्या मोदी सरकार “किसान विरोधी” है ?

नासिक से पैदल चलकर मुंबई पहुंचे किसानों ने सरकार और प्रशासन की धडकनें बढ़ा दी है. लगभग 180 किलोमीटर पैदल चलकर मुंबई पहुंचे ये किसान बड़ी तादाद में हैं. कोई इनकी तादाद 35 हज़ार बता रहा है तो को 50 हज़ार. अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकला आक्रोशित किसानों का ये जत्था अब मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया है. रविवार … पढ़ना जारी रखें क्या मोदी सरकार “किसान विरोधी” है ?

महाराष्ट्र की सडकों पर क्यों निकले हैं किसान ?

नासिक से निकला किसानों का बड़ा जनसमूह पैदल मुंबई पहुँच चुका है. सब हैरत में हैं, कि आखिर किसानों का इतना बड़ा जनसमूह कैसे पैदल ही इतनी लम्बी यात्रा में निकल पड़ा. भारतीय कम्युनिष्ठ पार्टी के किसान संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. सभी विपक्षी पार्टियों ने इस विरोध … पढ़ना जारी रखें महाराष्ट्र की सडकों पर क्यों निकले हैं किसान ?

गुजरात में मिल्क मार्केट क्रैश, यूपी में गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा पैसा

चीनी मील नहीं चुका रहे हैं कि गन्ना किसानों का पैसा, बकाया रिकार्ड स्तर पर बिजनेस स्टैंडर्ड के बृजेश भयानी ने लिखा है कि चीनी मीलों का गन्ना किसानों पर बक़ाया अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है। इतना कभी नहीं था। चीनी मीलों को 95.76 अरब रुपये चुकाने हैं। 2012 में 78 अरब तक पहुंच गया था। उत्तर प्रदेश के किसानों का चीनी मीलों … पढ़ना जारी रखें गुजरात में मिल्क मार्केट क्रैश, यूपी में गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा पैसा

किसान पर कविता- दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा

किसान बेटा जब बोल उठेगा जिस दिन किसान का बेटा बोल उठेगा…. दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा…. मिट्टी में मिल जायेंगे तख्तो ताज तुम्हारे… जिस दिन किसान का बेटा भी, किसान एकता बोल उठेगा….!! अभी रो रहा है,वो बात बात पे… अभी सो रहा है ,वो दिल्ली घाट पे.. अभी गुमराह ही रहा है,वो बात बात पे.. पर जिस दिन वो बोल उठेगा…. दिल्ली का … पढ़ना जारी रखें किसान पर कविता- दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा

मध्य प्रदेश में किसानों ने किया दूध बहाकर प्रदर्शन

काफी दिनों से देश के अन्नदाता अपने लिय संर्घष कर रहे हैं, कभी फसल के निर्धारित मूल्य के लिए, तो कभी दूध के उचित मूल्य के लिय. कई बार सड़क पर उतरता तो कई बार सड़क पर फैंक कर और अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन करता है, पर देश की सरकारे भी शायद कुंभकर्ण की नींद में सोई हुई है. ताजा मामला मध्यप्रदेश के मुरैना का है, दूध … पढ़ना जारी रखें मध्य प्रदेश में किसानों ने किया दूध बहाकर प्रदर्शन

क्या कोई है, जो सुनेगा किसानों की व्यथा

हमारे देश की 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से  कृषि से जड़ी हुयी है.आज किसानों  की आत्महत्या करना इस देश के खास लोगों के बीच में आम सा हो गया है. कोई भी किसान की सूध लेने वाला नहीं है.  हजारों किसान अपने हाथों से लगायी हुई फसल को उजड़ते देख अपनी जान दे चुके है. क्या  यह लोकतान्त्रिक देश के लिये शर्म की बात नहीं है. शास्त्री … पढ़ना जारी रखें क्या कोई है, जो सुनेगा किसानों की व्यथा