किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे – रविश कुमार

ग्रामीण इलाके में न सिर्फ खेती से आय घटी है बल्कि खेती से जुड़े काम करने वालों की मज़दूरी भी घटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस असफलता को आतंकवाद और राष्ट्रवाद के जोशीले नारों से ढंकने की कोशिश में हैं मगर पांच साल में उस जगह को बर्बाद किया है जहां से किसान आता है और सेना के लिए जवान आता है। इसके बाद … पढ़ना जारी रखें किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे – रविश कुमार

वरुण गांधी ने कहा – किसानों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

एक के बाद एक अपनी ही पार्टी के नेताओं के बगावती तेवर से परेशान भाजपा के लिये एक और परेशानी बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. ख़बरों के मुताबिक़ नई दिल्ली में इंडिया डायलॉग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरुण गांधी ने मोदी सरकार को किसानों के मुद्दों पर घेरा है. वरुण गांधी ने इण्डिया डायलॉग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा क्या आप यह … पढ़ना जारी रखें वरुण गांधी ने कहा – किसानों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

मिडिल क्लास को बड़ा गुरूर है टैक्स देने का. चले तो आख़िरी चवन्नी बचाने लेने वाला यह क्लास किसानों की कर्ज़माफ़ी को लेकर बहुत उछल रहा है मानो उसकी तनख्वाह से पैसा काट के दिया गया है. उसे लगता है देश उसी के पैसे से चलता है तो दुनिया की सारी सुविधा उसी को मिलनी चाहिए. उछल तो वे पूंजीपति भी रहे हैं जो सब्सिडी … पढ़ना जारी रखें कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

देश के 17 राज्यों के 25000 भूमिहीन क्यों चल रहे हैं पैदल ?

भारत की आज़ादी की लड़ाई में ज़मीन हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा। संथाल विद्रोह, बारडोली से लेकर चंपारण सत्याग्रह तक हर संघर्ष में ज़मीन एक केंद्रीय मुद्दा बना रहा। अंग्रेजों ने रजवाड़ों और ज़मींदारों को भारतीयों के शोषण का माध्यम बना रखा था, क्योंकि भारतीय अधिकतर किसान थे इसीलिए भूमि पर उनके अधिकार छीनकर उन्हें आराम से शोषित किया जा सकता था। और इसीलिए देश के अलग … पढ़ना जारी रखें देश के 17 राज्यों के 25000 भूमिहीन क्यों चल रहे हैं पैदल ?

मध्यप्रदेश में सरकारी व्यवस्थाओं के शिकार एक और किसान की मौत

लगता है जैसे किसानों को लेकर सरकार का रवैया अब बदलने वाला नहीं है. भारतीय जनता पार्टी की राज्य और केंद्र की सरकार ये मानकर बैठी है, कि कुछ भी हो जाये जनता हिंदुत्व के नाम पर उन्हें ही वोट देगी. इसी बीच किसानों की मृत्यु की खबरें देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही हैं. फ़िलहाल मध्यप्रदेश में किसानों की मौत का सिलसिला थमने … पढ़ना जारी रखें मध्यप्रदेश में सरकारी व्यवस्थाओं के शिकार एक और किसान की मौत

क्या मोदी सरकार “किसान विरोधी” है ?

नासिक से पैदल चलकर मुंबई पहुंचे किसानों ने सरकार और प्रशासन की धडकनें बढ़ा दी है. लगभग 180 किलोमीटर पैदल चलकर मुंबई पहुंचे ये किसान बड़ी तादाद में हैं. कोई इनकी तादाद 35 हज़ार बता रहा है तो को 50 हज़ार. अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकला आक्रोशित किसानों का ये जत्था अब मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया है. रविवार … पढ़ना जारी रखें क्या मोदी सरकार “किसान विरोधी” है ?

गुजरात में मिल्क मार्केट क्रैश, यूपी में गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा पैसा

चीनी मील नहीं चुका रहे हैं कि गन्ना किसानों का पैसा, बकाया रिकार्ड स्तर पर बिजनेस स्टैंडर्ड के बृजेश भयानी ने लिखा है कि चीनी मीलों का गन्ना किसानों पर बक़ाया अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है। इतना कभी नहीं था। चीनी मीलों को 95.76 अरब रुपये चुकाने हैं। 2012 में 78 अरब तक पहुंच गया था। उत्तर प्रदेश के किसानों का चीनी मीलों … पढ़ना जारी रखें गुजरात में मिल्क मार्केट क्रैश, यूपी में गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा पैसा

किसान पर कविता- दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा

किसान बेटा जब बोल उठेगा जिस दिन किसान का बेटा बोल उठेगा…. दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा…. मिट्टी में मिल जायेंगे तख्तो ताज तुम्हारे… जिस दिन किसान का बेटा भी, किसान एकता बोल उठेगा….!! अभी रो रहा है,वो बात बात पे… अभी सो रहा है ,वो दिल्ली घाट पे.. अभी गुमराह ही रहा है,वो बात बात पे.. पर जिस दिन वो बोल उठेगा…. दिल्ली का … पढ़ना जारी रखें किसान पर कविता- दिल्ली का सिंहासन डोल उठेगा

मध्य प्रदेश में किसानों ने किया दूध बहाकर प्रदर्शन

काफी दिनों से देश के अन्नदाता अपने लिय संर्घष कर रहे हैं, कभी फसल के निर्धारित मूल्य के लिए, तो कभी दूध के उचित मूल्य के लिय. कई बार सड़क पर उतरता तो कई बार सड़क पर फैंक कर और अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन करता है, पर देश की सरकारे भी शायद कुंभकर्ण की नींद में सोई हुई है. ताजा मामला मध्यप्रदेश के मुरैना का है, दूध … पढ़ना जारी रखें मध्य प्रदेश में किसानों ने किया दूध बहाकर प्रदर्शन

इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बचीं सैंकड़ों जानें

उतर प्रदेश के शाहजहाँपुर  में शुक्रवार को बड़ा हादसा होने से टल गया.  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शुक्रवार को किसानों के अचानक रेलवे पटरी पर धरना देने से उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब ट्रेन चालक ने इमर्जेंसी ब्रेक लगा दिया. आरपीएफ बिना पूर्व सूचना के ट्रेन रोकने के आरोप में किसानों के खिलाफ कार्रवाई कर … पढ़ना जारी रखें इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बचीं सैंकड़ों जानें

मध्यप्रदेश में “मटर”उत्पादक किसान, क्यों होता है परेशान ?

देश के भोले भाले अन्नदाता कों हर कोई लूटना चाहता है चाहे, वो सरकार हो या मंडिया सभी सिर्फ अपना मुनाफा कमाना चाहते है ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है मध्य प्रदेश में. मध्य प्रदेश के जबलपुर मण्डी में मटर उत्पादक किसानों के साथ वर्षों से चली आ रही लूट थमने का नाम नहीं ले रही है. सब जानते हुए भी मजबूर किसान ठगी … पढ़ना जारी रखें मध्यप्रदेश में “मटर”उत्पादक किसान, क्यों होता है परेशान ?

सरकार के खिलाफ़, किसान असहयोग आंदोलन करें – शरद पवार

धीरे धीरे ही सही पर देश के अन्नदाता के पक्ष में विपक्ष लगभग एक जुट होने लगा है.मंगलवार को नागपुर में सरकार के खिलाफ विपक्ष के संयुक्त हल्ला बोल और जनाक्रोश मोर्चे को संबोधित करते हुए कहा, सरकार जब तक किसानों का कर्ज माफ़ नहीं करती, तब तक किसान न तो बिजली का बिल भरें और न ही बैंकों का कर्ज चुकाएं. उक्त बाते  एनसीपी अध्यक्ष … पढ़ना जारी रखें सरकार के खिलाफ़, किसान असहयोग आंदोलन करें – शरद पवार

छत्तीसगढ़ के किसान क्यों कह रहे हैं ,धान की फसल लेकर रहेंगे

छतीसगढ़  सरकार की  ओर से रबी सीजन में धान की फसल नहीं  बोने संबंधी आदेश पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने शनिवार को बैठक आयोजित की. पटवारी कार्यालय के सामने आयोजित ‘किसान बइठका’ में जिलेभर से हजारों की संख्या अन्नदाता  एकत्रित हुए. यहां सभी अन्नदाताओ  ने एक सुर में कहा, ‘नहीं मानेंगे सरकारी फरमान, हम तो बोएंगे धान’. बैठक के पश्चात रैली निकालकर किसान कलेक्टोरेट … पढ़ना जारी रखें छत्तीसगढ़ के किसान क्यों कह रहे हैं ,धान की फसल लेकर रहेंगे

किसान का धर्म

एक किसान बस किसान होता है,जब उसे मुनाफा हो तब भी किसान होता है और जब उसकी फसल बर्बाद हो जाए तब भी किसान होता है,जब उसे कर्जा मिलता है वो सिर्फ किसान होता है और फ़सल बर्बादी की वजह से वो जब कर्ज नही चुका पाता तब भी किसान होता है और तो और जब वो आर्थिक तंगी में आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला … पढ़ना जारी रखें किसान का धर्म