सूरत हादसा हमें बताता है, कि हम हमारे बच्चों को लाईफ स्किल्स सिखाएं

“कुछ विषय ऐसे होते हैं जिनपर लिखना खुद की आत्मा पर कुफ्र तोड़ने जैसा है, सूरत की बिल्डिंग में आग. 21 बच्चों की मौत. आग और घुटन से घबराए बच्चों को इससे भयावह वीडियो आज तक नहीं देखा….इससे ज्यादा छलनी मन और आत्मा आज तक नहीं हुई. फिर भी लिखूंगी…क्योंकि हम सब गलत हैं, सारे कुएं में भांग पड़ी हुई है। हमने किताबी ज्ञान में … पढ़ना जारी रखें सूरत हादसा हमें बताता है, कि हम हमारे बच्चों को लाईफ स्किल्स सिखाएं

गुजरात में दिखी शहर और गाँव की अलग-अलग राय

गुजरात में भाजपा ने बाजी मारली और मोदी और अमित शाह जीत गये. सरकार भी इनकी बन रही है पर इस चुनाव में गुजरात दो धड़े में बंट गया. शहरी गुजरात ने मोदी जी के विकास पर मोहर लगा दी. और मान लिया की, वो ही विकास हैं. उधर, ग्रामीण क्षेत्र और किसान क्षेत्र ने राहुल गाँधी के नारे को मान लिया की विकास पागल … पढ़ना जारी रखें गुजरात में दिखी शहर और गाँव की अलग-अलग राय

नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

आरक्षण से पहले जातिगत आधार पर हिंदुओं का ध्रुविकरण होता था, आरक्षण के उपरांत आरक्षण प्राप्त जातियों के भीतर का आक्रोश आखिर कहां फूटता, वह मुसलमानों के विरूद्ध इस्तेमाल होने लगा। पिछड़े,दलित तथा आदिवासियों का जीवन स्तर जितनी तेजी से सुधरा वे उतनी ही उग्रता से हिंदुत्व की ओर बढ़े। हिंदू बनने की इस होड़ में गली मोहल्ले में नए नए उत्सव त्योहार की शक्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?