डियर हिंदू भाईयों ! मुस्लिमों के संबंध में आपसे एक झूठ बोला गया है.

सोशलमीडिया में रिषभ दुबे नामक फेसबुक अकाऊंट से एक चिट्ठी बहुत वायरल हो रही है, उस चिट्ठी में हिन्दू मुस्लिम एकता का जो मैसेज है. उसे पढ़कर हर कोई इसकी तारीफ़ कर रहा है. हमने यह चिट्ठी लेखक की फ़ेसबुक वाल से ली है और उसे लेखक के ही नाम से पब्लिश किया है.   Dear हिंदू भाइयों, एक बहुत झूठी और आम बात है। … पढ़ना जारी रखें डियर हिंदू भाईयों ! मुस्लिमों के संबंध में आपसे एक झूठ बोला गया है.

क्या हिन्दू और मुस्लिमो को लड़ाना बंद करेंगे न्यूज़ चैनल्स?

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में नंगे हो चुके न्यूज़ चैनल्स तीन साल से लगातार हिन्दू-मुसलमान का ज़हर कमज़ोर दिमाग़ों में ठूंसते आ रहे हैं, कभी इन न्यूज़ चैनल्स ने शांति, सौहार्द और भाईचारे पर ज़ोर नहीं दिया। जब इस ज़हर और उन्माद से आवारा भीड़ ब्रेन वाश हो गई तो इसकी परिणीति दंगों के रूप में देश में जगह जगह देखने को मिली, और अब … पढ़ना जारी रखें क्या हिन्दू और मुस्लिमो को लड़ाना बंद करेंगे न्यूज़ चैनल्स?

मेरा अपना भारत

मेरा अपना भारत मेरे बचपन से शुरु होता है,बिजनोर में गुज़रे हुए वक़्त से,जहां बस से उतर जाने के बाद अपने ननिहाल के मुस्लिम मोहल्ले में घुसने से पहले वहां की शुरुआत “राम” के चौराहे से होती थी,जहाँ कोने ही पर एक मंदिर मौजूद था,और यकीन मानिए वो बिजनौर के सबसे बड़े इलाकों में से एक मुस्लिम इलाके की शुरुआत ऐसी ही है,जहां थोड़ी दूरी … पढ़ना जारी रखें मेरा अपना भारत

पश्चिमी यूपी, हिन्दु मुस्लिम एकता और “बड़े चौधरी साहब”

चौधरी चरण सिंह “बड़े चौधरी साहब” पश्चिम उत्तर प्रदेश में पैदाईश पाने वाले नेता जो ईमानदारी के लिए जाने जाते थे जो “किसानों” के लिए काम करने के लिए जाने जाते थे चौधरी चरण सिंह वो ज़मीनी नेता थे जो ज़मीन से जुड़े रहते थे और ज़मीन पर ही रहतें थे। चौधरी चरण सिंह ने अपने राजनैतिक सफर एक विधायक से लेकर प्रधानमंत्री पद तक … पढ़ना जारी रखें पश्चिमी यूपी, हिन्दु मुस्लिम एकता और “बड़े चौधरी साहब”

यह एक सत्य है, कि भारतीय मुस्लिमों ने किसी मुस्लिम राजनैतिक दल को सपोर्ट नहीं किया

रोटी दोनों हाथ से पकती है और जिन लोगों को एक हाथ से रोटी पका लेने में विश्वास है उन लोगों ने योगी आदित्यनाथ का खुलकर सपोर्ट किया
और हमको लगता है कि आपसी भाईचारे की रोटी दोनों हाथ से पकती है इसलिए हम योगी आदित्य नाथ के पक्ष में खुलकर नहीं बोल सकते।

UP में भाजपा को हराने का ठेका केवल अल्पसंख्यक नहीं ले रखा था ? क्या इससे पहले यूपी की सत्ता में कोई अल्पसंख्यक मुख्यमंत्री था? क्या विपक्ष में कोई मुस्लिम पार्टी थी? क्या चौधरी चरण सिंह, राम मनोहर लोहिया, एनडी तिवारी, कांशी राम, मुलायम सिंह यादव, कुमारी मायावती, और अखिलेश यादव किसी मुस्लिम समाज से आया था या फिर इसी देश के हिंदू परिवार से नेता बने,
उपरोक्त नेताओं में से कितनों ने किसी मुस्लिम को अपनी पार्टी का बड़ा नेता बना दिया?

यूपी सरकार के कैबिनेट में क्या मुस्लिम मंत्रीयों की संख्या अधिक थी? या फिर योगी सरकार से पहले ओवैसी की सरकार थी? यूपी विधान सभा में कितने ऐसे बिल ओवैसी के मंत्री मंडल ने पास किए जिससे अराजकता आ गई या फिर मुसलमानों के पास सबसे अधिक काले धन आ गए थे?
क्या यूपी सरकार में सरकारी विभाग में मुस्लिम जंसंख्या के अनूपात में अधिक सरकारी नौकरी मिल गई थी? या फिर यूपी में सरकारी ठेकों में मुसलमानों की हिस्सेदारी बढ गई थी?
क्या अखिलेश के चुनावी घोषणा पत्र में सबसे ज्यादा ध्यान मुसलमानों पर केंद्रित था?
यह वह सवाल हैं जो आप अपने आप से पूछिए? क्या नोटबंदी का मार जलने वाले सबसे अधिक मुसलमान ही थे हिंदू नहीं थे?
क्या दंगों में केवल या दंगों से केवल मुसलमानों की ही शांति भंग होगी? पढ़ना जारी रखें “यह एक सत्य है, कि भारतीय मुस्लिमों ने किसी मुस्लिम राजनैतिक दल को सपोर्ट नहीं किया”