युवाओं के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय कवि हैं “कुमार विश्वास”

उत्तर प्रदेश पुराने समय से ही कवियों, लेखकों का गढ़ रहा है. तुलसीदास, सूरदास सरीखे कई कवियों ने हिंदी भाषा को समृद्ध और परिपूर्ण किया है.ग़ालिब,मीर जैसी हस्तियां भी यहाँ मौजूद रही हैं. जैसे-जैसे हमारी आज की पीढ़ी बड़ी हुई, उनके पास ऐसी हस्तियां मौजूद नहीं थीं, लेकिन वक्त हम पर इतना भी कठोर नहीं हुआ और हमें कुमार विश्वास जैसे कवियों के लेखन से … पढ़ना जारी रखें युवाओं के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय कवि हैं “कुमार विश्वास”

कविता – मुझे कागज़ की अब तक नाव तैराना नहीं आता

तुम्हारे सामने मुझको भी शरमाना नहीं आता के जैसे सामने सूरज के परवाना नही आता ये नकली फूल हैं इनको भी मुरझाना नही आता के चौराहे के बुत को जैसे मुस्काना नही आता हिजाबो हुस्न की अब आप क्यों तौहीन करते हो किसी को सादगी में यूँ गज़ब ढाना नहीं आता फकीरों की जमातों में मैं शामिल हो गया हूँ पर मुझे वोटों की खातिर … पढ़ना जारी रखें कविता – मुझे कागज़ की अब तक नाव तैराना नहीं आता

कविता: नील में रंगे सियार, तुम मुझे क्या दोगे ? – सतीश सक्सेना

अगर तुम रहे कुछ दिन भी सरदारी में , बहुत शीघ्र गांधी, सुभाष के गौरव को गौतम बुद्ध की गरिमा कबिरा के दोहे , सर्वधर्म समभाव कलंकित कर दोगे ! कातिल, धूर्त, अंगरक्षक , धनपतियों के नील में रंगे सियार, तुम मुझे क्या दोगे ? दुःशाशन दुर्योधन शकुनि न टिक पाएं ! झूठ की हांडी बारम्बार न चढ़ पाए, बरसों से अक्षुण्ण रहा था, दुनियां … पढ़ना जारी रखें कविता: नील में रंगे सियार, तुम मुझे क्या दोगे ? – सतीश सक्सेना