नज़रिया – दलित एवं सवर्ण राजनीति के भवंर में फंसी भाजपा

दलित आन्दोलन की तर्ज़ पर इस बार मध्यप्रदेश में स्वर्ण आन्दोलन की चर्चा है. SC/ST एक्ट में बदलाव की मांग सवर्णों के द्वारा पूरी ताक़त से की जा रही है. चम्बल से लेकर महाकौशल तक, और मालवा से लेकर विंध्य तक परशुराम सेना, करणी सेना, और अन्य ब्राम्हण व राजपूत संगठन सक्रीय हो गए हैं. सभी एक सुर में पिछड़ी जातियों को दिए जाने वाले … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – दलित एवं सवर्ण राजनीति के भवंर में फंसी भाजपा

“दलित” शब्द के पीछे क्यों पड़े है कट्टरपंथी समूह ?

दलित शब्द दलन से अभिप्रेत है , जिनका दलन हुआ ,शोषण हुआ ,वो दलित के रूप में जाने पहचाने गये। दलित शब्द दुधारी तलवार है ,यह अछूत समुदायों को साथ लाने वाला एकता वाचक अल्फ़ाज़ है, इससे जाति की घेराबंदी कमजोर होती है और शोषितों की जमात निर्मित होती है, जो कतिपय तत्वों को पसंद नहीं है। दलित शब्द कुछ समूहों को अपराध बोध भी … पढ़ना जारी रखें “दलित” शब्द के पीछे क्यों पड़े है कट्टरपंथी समूह ?

दलितों की नाराज़गी को दूर करने अध्यादेश लाएगी मोदी सरकार

देशभर में दलित एवं आदिवासियों के गुस्से के बाद केंद्र सरकार बैकफ़ुट पर आती नज़र आ रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किये गए SC/ST एट्रोसिटी एक्ट में बदलावों के विरोध में दलित एवं आदिवासी समुदाय का गुस्सा चरम पर है. सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से जारी पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतेज़ार कर रही है. … पढ़ना जारी रखें दलितों की नाराज़गी को दूर करने अध्यादेश लाएगी मोदी सरकार

दलित व आदिवासी विरोधी चार साल

एक महीने बाद मोदी सरकार के चार साल पूरे हो जाएंगे इन चार सालों में राजनीतिक, सामाजिक, और आर्थिक तौर से भारत व्यस्त ही है, हर नया सवेरा एक नया मुद्दा लेकर आता है और लेकर आता है अविश्वास, डर, और गुस्सा। इन चार सालों में शायद ही कोई ऐसा तबका रहा होगा जो मोदी सरकार के प्रकोपों से बचा हो। सबका साथ सबका विकास … पढ़ना जारी रखें दलित व आदिवासी विरोधी चार साल

सामने आया पूरा वीडियो, जिग्नेश ने नहीं किया बाबा साहब का अपमान

जिग्नेश मेवानी पिछले महीने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर गुजरात विधानसभा के लिए चुने गए थे,लेकिन उन्हें मुख्य रूप से दलित नेता और दलित अधिकारों के लिए एक कट्टर कार्यकर्ता माना जाता है। फिर क्यों  भीमराव अम्बेडकर को अपमानित करने के लिए उनकी आलोचना की जा रही है। जो अन्य बातों के अलावा दलित अधिकारों का समर्थन करता है। मेवानी द्वारा 15 अगस्त को … पढ़ना जारी रखें सामने आया पूरा वीडियो, जिग्नेश ने नहीं किया बाबा साहब का अपमान

दलित अत्याचार पर कब चुप्पी तोड़ेंगे पीएम – जिग्नेश

महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे में FIR दर्ज होने के बाद गुजरात के दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने सभी आरोपों से इनकार किया है. और उनपर दर्ज किए गए भड़काऊ भाषण देने के केस पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि पूरे मामले में मुझे फंसाया जा रहा है. मेवाणी ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए … पढ़ना जारी रखें दलित अत्याचार पर कब चुप्पी तोड़ेंगे पीएम – जिग्नेश

जब 500 दलितों ने 28000 पेशवा सेना को दी थी शिकस्त

महाराष्ट्र में “बवाल” हो रहा है और भरपूर हो रहा है,अगर कुछ दिनों पहले के हालातों पर गौर करें तो स्थिति बदतर हो गयी थी और स्कूल, कॉलेजेस से लेकर काफी सरकारी कार्यालय बन्द रहें । लेकिन इसके पीछे वजह क्या? क्या है ये कोरेगांव विवाद और कोनसी जीत का जश्न मनाया जा रहा था जिससे समस्याएं उतपन्न हुई और बवाल हुआ है और शांत … पढ़ना जारी रखें जब 500 दलितों ने 28000 पेशवा सेना को दी थी शिकस्त

मुझे डीसीपी ने जूता चाटने के लिए मजबूर किया

दलितों पर अत्याचार की घटना आये दिन बढ़ रही है. खबर भाजपा शासित गुजरात की  है. गुजरात में एक बार फिर दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां एक दलित शख्स ने पुलिस के आला अधिकारी पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शख्स का कहना है कि पुलिस ने उसे लॉकअप में बंद कर जमकर पीटा और डीसीपी का जूता चाटने के लिए … पढ़ना जारी रखें मुझे डीसीपी ने जूता चाटने के लिए मजबूर किया

नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

आरक्षण से पहले जातिगत आधार पर हिंदुओं का ध्रुविकरण होता था, आरक्षण के उपरांत आरक्षण प्राप्त जातियों के भीतर का आक्रोश आखिर कहां फूटता, वह मुसलमानों के विरूद्ध इस्तेमाल होने लगा। पिछड़े,दलित तथा आदिवासियों का जीवन स्तर जितनी तेजी से सुधरा वे उतनी ही उग्रता से हिंदुत्व की ओर बढ़े। हिंदू बनने की इस होड़ में गली मोहल्ले में नए नए उत्सव त्योहार की शक्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

क्या अपना मज़बूत किला ढहने से बचा पाएगी भाजपा

गुजरात के चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है दोनों पार्टियां अपने अपने लिए गुजरात के रन में जमीन तलाश रहीं हैं सत्तारूढ़ दल भाजपा फिर चुनाव जीतने के लिए प्रयास कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपनी 22 साल पहले की खोई ज़मीन को तलाशने में जुटी है. जहां प्रधानमंत्री लगातार ज़ोरदार रोड शो और रैलियां के माध्यम से बैकवर्ड, दलित … पढ़ना जारी रखें क्या अपना मज़बूत किला ढहने से बचा पाएगी भाजपा

भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

ये आपने कब देखा था कि एक राज्य के चुनाव और उसके नतीजों में लगभग सवा महीने का फासला रखा गया हो? चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में आठ नवंबर को चुनाव कराने का ऐलान किया है, लेकिन नतीजों का ऐलान 18 दिसंबर को किया जाएगा। कोई भी सामान्य बुद्धि रखने वाला शख्स भी समझ सकता है कि ऐसा क्यों किया गया है? क्या चुनाव … पढ़ना जारी रखें भाजपा के मुकाबिल तिकड़ी

2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है

पहली बार गुजरात चुनाव को ले कर कांग्रेस वह अक्लमंदी और दूरदर्शिता दिखा रही है, जो उसे संसदीय चुनाव के बाद होने वाले सभी विधान सभा चुनाव में दिखाना चाहिए था. क्योंकि इन चुनावों में बीजेपी की जीत उसकी लोकप्रियता से ज़्यादा उसके चुनाव मैनेजमेंट और तिकड़मबाज़ी की जीत थी. जिसका शर्मनाक सुबूत गोवा और मणिपुर में उसका हार के बाद भी जोड़ तोड़ और … पढ़ना जारी रखें 2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है

जेएनयू के छात्र नेता की आप बीती, कहा- “मुस्लिम होता तो यूपी पुलिस वाले एंकाउंटर कर डालते”

बीते 15 अक्टूबर को दिल्ली से सटे फ़रीदाबाद से एक जेएनयू छात्र नेता को बंदूक की नोक पर उत्तरप्रदेश पुलिस ने उठा लिया. छात्र नेता प्रदीप नरवाल का गुनाह ये था, कि वो जेएनयू के छात्र नेता हैं,  और भीम आर्मी के एक प्रोग्राम में शामिल हुए थे. दलित एवं मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध कार्य कर रहे  प्रदीप नरवाल पूर्व में एबीवीपी … पढ़ना जारी रखें जेएनयू के छात्र नेता की आप बीती, कहा- “मुस्लिम होता तो यूपी पुलिस वाले एंकाउंटर कर डालते”

आर्टिकल 341 का दूसरा पहलू, दलितों को नहीं है पूर्ण धार्मिक आज़ादी

भारतीय संविधान जहाँ आर्टिकल 25 के तहत लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है जिससे वे जिस धर्म को मानना चाहें वो अपना सकते हैं। पर क्या आपको पता है इस देश के दलितों को पूर्ण रूप से ये धार्मिक आज़ादी नहीं है, अगर वे ईसाई/इस्लाम धर्म अपना लेते हैं तो उनसे दलित स्टेटस छिन जायेगा एवं स्टेट की तरफ़ से उन्हें कोई लाभ … पढ़ना जारी रखें आर्टिकल 341 का दूसरा पहलू, दलितों को नहीं है पूर्ण धार्मिक आज़ादी

डॉ अंबेडकर पूजने की “वस्तु” नहीं..अपनाये जाने वाले “लीजेंड”(दिव्यचरित्र) हैं

मैं, फ़िक्रमंद हूँ कि वर्णाश्रम के आख़िरी पायदान पे लटका दिये गए “शूद्र” अपना “ज़िंदा अस्तित्व” मनुवादी निज़ाम मे कैसे ढूंढ सकते हैं? उसमें भी ख़ासकर अतिशूद्र वर्ग ?  इससे बुरा और क्या हो सकता है कि अछूतों के अंदर भी “महाअछूत” वर्ग है जो “इनके” पढ़े लिखे वर्ग के लिए भी उतना ही घृणित है, जितना ब्राह्मणों के लिए “ये शिक्षित दलित”. अचंभित हूँ … पढ़ना जारी रखें डॉ अंबेडकर पूजने की “वस्तु” नहीं..अपनाये जाने वाले “लीजेंड”(दिव्यचरित्र) हैं

वर्षा डोंगरे केस – क्या उद्योगपतियो के सामने नत्मस्तक है सरकार

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ फ़िर से चर्चा में था, लेकिन इस बार दुर्दांत नक्सलियों की वजह से नहीं बल्कि वजह थी राज्य सरकार की मूर्खता की वजह से, राजधानी रायपुर के सेन्ट्रल जेल की डेप्युटी जेलर सुश्री वर्षा डोंगरे जिन्होंने अपनी फ़ेसबुक वाल पे आदिवासी बच्चियों के जिस्म पे पुलिस बर्बरता की न सिर्फ दास्तान पोस्ट की बल्कि उनके मानवाधिकारों की बहाली और शांति क़ायम … पढ़ना जारी रखें वर्षा डोंगरे केस – क्या उद्योगपतियो के सामने नत्मस्तक है सरकार

क्या दलितों का भाजपा से मोह भंग हो रहा है, ऊना घटना के बाद बदलते राजनीतिक समीकरण

अहमदाबाद: ऊना की शर्मनाक घटना के बाद पूरे गुजरात में दलित समुदाय आन्दोलन की राह पकड़ चुका है, संघ ने इस घटना के बाद एक सर्वे किया, जिसमें बड़े ही चौकाने वाले नतीजे सामने आये है.पहले पटेल आन्दोलन और फिर अब दलित आन्दोलन से गुजरात ही नहीं यूपी से भी दलितों का मोहभंग होता दिख रहा है.अहमदाबाद और मुंबई में विभिन्न दलित संगठनो ने जिस … पढ़ना जारी रखें क्या दलितों का भाजपा से मोह भंग हो रहा है, ऊना घटना के बाद बदलते राजनीतिक समीकरण