नज़रिया – क्या है, राहुल गांधी का भारत ?

हिना जुनी पंडित 16 मई 2014 बुरी तरह हार कर, गोरखपुर की दूसरी सीट बांस गांव से एक असफल चुनाव लड़वाकर अन्ततः में दिल्ली वापस आ गयी। वह वर्ष कई बुरी यादों को सहेजे है। जिनमें सबसे बुरी थी मेरी वजूद के बीस वर्षों में हो रहे ‘‘ध्रुवीकरण’’ को देखना और झेलना। इस ‘‘ध्रुवीकरण’’ का असर न सिर्फ चुनावी नतीजों पर पड़ा वरन् हमारे समाज … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या है, राहुल गांधी का भारत ?

आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

आरएसएस ने अपने काडर को तो चुनाव में लगाया हुआ है लेकिन खुद मोहन भागवत और उनके नंबर टू भैयाजी जोशी चुनाव की घोषणा के बाद से ठंडी सांस खींचे हुये हैं. भागवत का आखिरी बयान बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फरवरी के तीसरे सप्ताह में आया था और तब से शांत हैं. 2014 के चुनाव की याद करें तो मतदान के कई सप्ताह पहले … पढ़ना जारी रखें आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

कांग्रेस सत्ता में आई तो पाकिस्तान में जश्न मानेगा – विजय रूपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ( Vijay Rupani ) ने मेहसाणा की एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधटे हुये कहा कि यदि 2019 में कांग्रेस सत्ता में वापस आई तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे. रूपाणी ने नेता सैम पित्रोदा द्वारा बालाकोट हवाई हमले वाले बयान पर हमला करते हुए कहा, ‘पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवादियों की शरणस्थली है और … पढ़ना जारी रखें कांग्रेस सत्ता में आई तो पाकिस्तान में जश्न मानेगा – विजय रूपाणी

कर्नाटक में कांग्रेस 20 तो जेडीएस 8 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

14 मार्च 2019: कर्णाटक में कांग्रेस और जेडीएस के बीच सीटों को लेकर समझौता हो गया है. इस समझौते के बाद सीटों के हुए बंटवारे में 20 सीटों पर कांग्रेस तो 8 सीटों पर जेडीएस चुनाव लड़ेगी. इस समझौते में सबसे चौकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस ने अपनी जीती हुई सीट तुमकुर जेडीएस को दे दी तो जेडीएस ने मैसूर सीट कांग्रेस के … पढ़ना जारी रखें कर्नाटक में कांग्रेस 20 तो जेडीएस 8 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

जॉर्ज फर्नांडिस के घर आडवाणी और मुलायम की वो गुप्त मुलाकात

बात अप्रैल 1999 की है. उड़ीसा के कांग्रेसी मुख्यमंत्री गिरिधर गोमांग के एक वोट से वाजपेयी की एनडीए सरकार सदन के शक्ति परीक्षण में शिकस्त खा चुकी थी. वाजपेयी और आडवाणी भौचक्के थे. उनके पांवों के नीचे से जमीन खिसक गई थी. सिर्फ एक वोट, सिर्फ एक से वाजपेयी सरकार अल्पमत में आ गई थी और सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति भवन जाकर सरकार बनाने का … पढ़ना जारी रखें जॉर्ज फर्नांडिस के घर आडवाणी और मुलायम की वो गुप्त मुलाकात

हार गए तो गुलाम हो जाएंगे – अमित शाह को यह डर क्यों है?

आमिर खान और नसीरुद्दीन शाह ही नहीं अमित शाह भी डरते हैं। पर दोनों के डर में अंतर है। आमिर और नसीर का भय प्रजा का भय है जब कि अमित शाह का भय सत्ता खोने से उपजता हुआ भय है। वैसे भी अपराधी मानसिकता का कोई व्यक्ति कितनी ही सुरक्षा में रहे, हमेशा डरता ही रहता है। मैंने अपने सेवाकाल में, बेहद खतरनाक माफिया … पढ़ना जारी रखें हार गए तो गुलाम हो जाएंगे – अमित शाह को यह डर क्यों है?

फ़िल्म द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर विवाद अनावश्यक है

फ़िल्म, ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर ( The Accidental Prime Minister )’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है और फिल्म पर राजनैतिक बहस भी छिड़ गई है। कांग्रेस के कुछ लोगों ने फ़िल्म को प्रदर्शन से पहले देखने की मांग की है। फ़िल्म के बारे में भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया गया है। फ़िल्म को विजय रत्नाकर गुट्टे ने निर्देशित किया है … पढ़ना जारी रखें फ़िल्म द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर विवाद अनावश्यक है

राफ़ेल पर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बोला ये झूठ

14 दिसंबर 2018 की सुबह राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया शाम तक यह भी साफ हो गया कि यह फैसला किस आधार पर लिया गया,………फैसले में कहा गया कि राफेल की कीमत से जुड़ी जानकारियां भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से साझा की गई थीं, जिसने बाद में लोक लेखा समिति (PAC) को अपनी रिपोर्ट सौंपी ओर उसी को … पढ़ना जारी रखें राफ़ेल पर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बोला ये झूठ

मध्यप्रदेश – कांग्रेस के इस विज्ञापन को चुनाव आयोग ने दी हरी झंडी

विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के ‘गुस्सा आता है’ और ‘मामा तो गयो रे’ विज्ञापन को चुनाव आयोग ने हरी झंडी दे दी है. बीजेपी ने इस विज्ञापन के खिलाफ आपत्ति जताते हुए आयोग में अपील की थी. आयोग की जांच समिति ने बीजेपी की अपत्ति को खारिज करते हुए कांग्रेस के विज्ञापन से रोक हटा ली है. दरअसल, … पढ़ना जारी रखें मध्यप्रदेश – कांग्रेस के इस विज्ञापन को चुनाव आयोग ने दी हरी झंडी

NDA के लिए बिहार में 2014 का परिणाम दोहरा पाना आसान नहीं होगा

लोकसभा आम चुनाव में अभी 6 महीने का समय है, और मैं आज बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करूंगा बिहार राजनीति काफ़ी गर्म है बयानबाज़ी अपने ज़ोर पर है सारी पार्टियां अपने आप को मज़बूत में दिखाने में लगी हुई है इन सब के बीच लगभग सारी पार्टियां तैयारी में लग चुकी है. अब तक के समीकरण से इतना तो तय हो चुका है … पढ़ना जारी रखें NDA के लिए बिहार में 2014 का परिणाम दोहरा पाना आसान नहीं होगा

राहुल के मध्यप्रदेश दौरे के वक़्त कांग्रेस में शामिल हुए ये भाजपा नेता

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार और शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश में थे. शुक्रवार को रीवा राजघराने के बड़े नाम पुष्पराज सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात की और कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया. राहुल गांधी ने चित्रकूट और सतना में जनसभा की और लोगों के बीच भी गये. पुष्पराज भाजपा के पूर्व विधायक हैं. पुष्पराज सिंह कांग्रेस के कार्यकाल … पढ़ना जारी रखें राहुल के मध्यप्रदेश दौरे के वक़्त कांग्रेस में शामिल हुए ये भाजपा नेता

नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके भाषण के निहितार्थ निकालने में लगे हैं। जिनका संघ के बारे में अध्ययन नहीं है, वे इसे संघ में बदलाव की संज्ञा दे रहे हैं। लेकिन न संघ बदला है, न ही कभी बदलेगा। दरअसल मोहन भागवत के भाषण को उसके पुराने आचरण से ही समझना होगा। इतिहास गवाह है कि … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

नज़रिया – क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं

वोट देना आपका अधिकार है, जिसे चाहें उसे वोट दें. आपको भाजपा अच्छी लगती है उसे वोट दीजिये. कांग्रेस या अन्य क्षेत्रीय पार्टियों की नीतियां आपको पसंद हैं तो उसे वोट दें,पर अपने चुने गए सांसदों और विधायकों से सवाल तो करिए? क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं. भाई सवाल करना देश के हर नागरिक लोकतांत्रिक अधिकार है. अगर … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं

70 साल के इतिहास में कांग्रेस ने बुलाया था पहला भारत बंद

70 सालों के इतिहास में कांग्रेस ने पहली बार ‘भारत बंद’ बुलाया था. कांग्रेस की अगुवाई में आज 20 विपक्षी दल भी उसके साथ थे. पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ इस बंद समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट विपक्ष ने पेट्रोल, डीजल की बढ़ी कीमतों के विरोध में पैदल मार्च किया. राजघाट और जाकिर हुसैन कॉलेज के बीच 1.8 किलोमीटर … पढ़ना जारी रखें 70 साल के इतिहास में कांग्रेस ने बुलाया था पहला भारत बंद

नज़रिया – आरएसएस की भागीदारी के बगैर सफल नहीं होता कोई आंदोलन

अपनी आंखें बंद कीजिए और सोचिए। क्या आजाद भारत में कभी आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक की भागीदारी के बगैर कोई आंदोलन कामयाब हुआ है? आजादी के लिए हुए आंदोलनों में जरूर आरएसएस अलग रहा, लेकिन आजादी के बाद हुए आंदोलनों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसकी हर उस आंदोलन में भागीदारी रही है, जो गैरभाजपाई सरकार या कांग्रेस की सरकार रहते हुए हैं। कल्पना … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – आरएसएस की भागीदारी के बगैर सफल नहीं होता कोई आंदोलन

नज़रिया – अबकी जीतेगी बीजेपी, अबकी जीतेगी कांग्रेस…..

और ये शर्मा जी थे जिन्होंने मिलते ही वो सवाल दाग दिया जिसका जबाव हमें इन दिनों बार बार देना पडता है। तो भाई क्या खबर है कौन जीतेगा इस बार। और इसके लिये हमने भी जबाव तैयार कर रखा है। तो वही शर्मा जी को भी दे मारा कि भैया इस बार बीजेपी तो जीत ही रही है मगर कांग्रेस भी जीत सकती है। … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – अबकी जीतेगी बीजेपी, अबकी जीतेगी कांग्रेस…..

क्या आप राहुल के भाषण पर मीडिया में चल रहे वर्ज़न को फॉलो कर रहे हैं?

राहुल गांधी फ़िलहाल कुछ यूरोपीय देशों के दौरों पर हैं. वहां पर विश्वविद्यालयों में छात्रों को संबोधित कर रहे हैं. उनके सवालों के जवाब दे रहे हैं. उनके इस दौरे के वक़्त दिए गए वक्तव्यों की बहुत चर्चा हो रही है. भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन पर इलज़ाम लगाया जा रहा है, कि वो विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करने का कार्य कर रहे … पढ़ना जारी रखें क्या आप राहुल के भाषण पर मीडिया में चल रहे वर्ज़न को फॉलो कर रहे हैं?

ये गठबंधन के मेले राजनीति में कम ना होंगे

अरे भाई, आप मायावती जी से गठबंधन करना चाहते हो तो कर लेना उनसे भी गठबंधन मगर हम जो यहां बैठे हैं हमसे भी तो गठबंधन कर लो क्योंकि हमसे बिना गठबंधन किये क्या तुम जीत पाओगे बताओ जरा,, हाथ जोडकर मजाकिया अंदाज में ये बात कहने वाले शख्स बहुजन संघर्ष दल के सर्वेसर्वा फूलसिंह बरैया थे जो भोपाल के गांधी भवन के हाल में … पढ़ना जारी रखें ये गठबंधन के मेले राजनीति में कम ना होंगे

कैसे थे महत्मा गांधी और बिड़ला परिवार के सम्बन्ध?

गांधी भी अजीब हैं। जो उनसे नफरत करते हैं वे भी उन जैसा बनना चाहते हैं। वे न उगलते बनते हैं न निगलते। न उन्हें खारिज किये बनता है, न उन्हें अपनाए। खारिज़ करें तो दुनिया सवाल करने लगती है, अपनाएं तो आत्मा की शुचिता और दौर्बल्य आड़े आता है। दुनिया के इतिहास में किसी देश के स्वातंत्रता संग्राम में शायद ही किसी व्यक्ति ने … पढ़ना जारी रखें कैसे थे महत्मा गांधी और बिड़ला परिवार के सम्बन्ध?

नज़रिया – क्या हिंदू वोट खोने के डर से “मोब लिंचिंग” पर चुप हैं राहुल गांधी?

प्रधानमंत्री Narendra Modi के तीन मंत्री हैं, एक Dr. Mahesh Sharma वे अखलाक के हत्यारोपी की लाश पर तिरंगा चढ़ाते हैं, उसकी लाश को नमन करते हैं, लेकिन पीड़ित परिवार से नही मिलते, दूसरे हैं Giriraj Singh वे बिहार के दंगाईयों से जेल में मिलने जाते हैं, वे भी उन लोगों से नहीं मिलते जिनका दंगों में जान माल का नुकसान हुआ है। तीसरे हैं Jayant Sinha वे अदालत से अलीमुद्दीन के कत्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या हिंदू वोट खोने के डर से “मोब लिंचिंग” पर चुप हैं राहुल गांधी?