नज़रिया – ये सारे शहर में दहशत सी क्यूँ है?

कुछ सालों से भारत में धार्मिक त्यौहार एक त्यौहार के तौर पर नहीं मनाकर धौंस, धमकी, भयभीत करने और अपना मानसिक प्रदूषण निकालने का जरिया ज़्यादा बना गए हैं, पिछले दिनों टोंक में और देश के कई शहरों में हिंदू नव वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान आगज़नी, मारपीट और हिंसा की घटनाये हुई थीं. आज आदर्श पुरुष भगवान् राम … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – ये सारे शहर में दहशत सी क्यूँ है?

गुजरात चुनाव जीतने के लिए लिखी जा रही धार्मिक उन्माद की पटकथा

सलीम अख्तर सिद्दीकी सड़क पर चला जा रहा था। अचानक एक तेज आवाज हुई। दो बाइकें आपस में भिड़ गर्इं थीं। दोनों बाइकों के चारों सवार सड़क पर जा गिरे। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। चारों को पहचानना मुश्किल नहीं था। सभी मुसलमान थे। इलाका पूरा हिंदू बहुल था। किसी ने नहीं सोचा कि सड़क पर पड़े लोगों का धर्म क्या है? सभी … पढ़ना जारी रखें गुजरात चुनाव जीतने के लिए लिखी जा रही धार्मिक उन्माद की पटकथा

क़ब्रिस्तान बनाम श्मशान और रमज़ान बनाम दीवाली, क्या भाजपा को जीत का भरोसा नहीं – ओम थानवी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा कल लखनऊ में दिए भाषण की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है. कल उन्होंने लखनऊ में जो भाषण दिया उसे बुद्धिजीवी वर्ग साम्प्रदायिकता से भरा हुआ और प्रधानमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा न देने वाला भाषण बताया हैं. विपक्षी पार्टियों के बाद अब बुद्धिजीवी वर्ग एवं वरिष्ठ पत्रकारों का भी कहना है, कि यह भाषण उत्तरप्रदेश चुनाव में … पढ़ना जारी रखें क़ब्रिस्तान बनाम श्मशान और रमज़ान बनाम दीवाली, क्या भाजपा को जीत का भरोसा नहीं – ओम थानवी