भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष साख का संकट

कल 20 मई की रात से ही हंगामा मचा हुआ है कि यूपी और बिहार के कुछ जिलों, चंदौली, गाजीपुर, सारण और हरियाणा के फतेहाबाद में ईवीएम से लदे बिना नम्बर वाले ट्रक मतगणना स्थल के पास जहां ईवीएम रखी हुई है देखे गए हैं। शिकायतें हैं कि ईवीएम बदली जा रहीं है। अब हैकिंग संभव नहीं तो स्वैपिंग की जा रही है। लंबे समय तक चुनाव … पढ़ना जारी रखें भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष साख का संकट

नज़रिया – क्या चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है ?

चुनाव आयोग द्वारा, पश्चिम बंगाल में सातवें चरण के चुनाव प्रचार का समय एक दिन घटाने का आदेश विधि विरुद्ध है। 19 मई को आखिरी चरण का चुनाव है और नियमतः 48 घन्टे पहले यानी 17 मई को सायं 5 बजे तक सभी दल चुनाव प्रचार कर सकते हैं। सातवें चरण के लिये जो अधिसूचना लागू की गयी है उसमें यही समय सीमा प्रचार के … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है ?

क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

क्या खुद चुनाव आयोग मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी कर इस 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है? इसकी आशंका फोन पर मित्र Apurva Bharadwaj ने आज दोपहर में जाहिर की तो मै भी एकबारगी चौक गया अपूर्व डेटा एनिलिसिस के पुराने खिलाड़ी रह चुके हैं इसलिए उनकी बात वजन रखती है. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने एक एप्प … पढ़ना जारी रखें क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

चुनावी मुद्दा बनती सेना और बिना लाइसेंस के चलता नमो टीवी चैनल

लोकसभा चुनाव 2019 देश का पहला चुनाव है जिसने दो बातें अनोखी हुयी हैं। हो तो और भी रही हैं पर जिन दो बातों का में उल्लेख कर रहा हूँ वह आज तक किसी चुनाव में नहीं हुई। एक तो नमो नाम से टीवी चैनल का प्रसारण और दूसरा सेना को चुनावी मुद्दा बनाना। क्या नमो टीवी पर चुनाव आयोग की चुप्पी, भाजपा के साथ … पढ़ना जारी रखें चुनावी मुद्दा बनती सेना और बिना लाइसेंस के चलता नमो टीवी चैनल

चुनाव और निर्वाचन आयोग की साख – एक प्रतिक्रिया

राजनीति में उखाड़ पछाड़ चलता रहता है। यह सनातन है। उसी तरह से संसदीय लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है। बिल्कुल एक बनारसी कहावत की तरह, कभी घनीघना, कभी मुट्ठी भर चना कभी वह भी मना। लेकिन संसदीय लोकतंत्र को पटरी पर बनाये रखने के लिये जिन संस्थाओं का गठन संविधान में किया गया है उनमें भारतीय निर्वाचन आयोग सबसे महत्वपूर्ण है। चुनाव, प्रतितिनिधित्व … पढ़ना जारी रखें चुनाव और निर्वाचन आयोग की साख – एक प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग से पहले भाजपा आईटी सेल ने कैसे कर दी कर्नाटक चुनाव की घोषणा?

चुनाव आयोग से पहले ही तारीखें सार्वजनिक होने से एक बार फिर चुनाव आयोग की विश्वस्नीयता पर सवाल उठ रहे हैं. मालूम होकि बीजेपी के आईटी सेल इंचार्ज अमित मालवीय ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी. जब चुनाव आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तो उनके द्वारा तारीख बताने से पहले ही अमित मालवीय ने चुनाव तारीख के बारे में जानकारी दे दी … पढ़ना जारी रखें चुनाव आयोग से पहले भाजपा आईटी सेल ने कैसे कर दी कर्नाटक चुनाव की घोषणा?