अर्बन नक्सल के नाम पर मामला कारपोरेट लूट की दलाली खाने का है

बस्तर या छोटा नागपुर या झारखण्ड के जंगलों में रहने वाले आदिवासिओं ने सरकार का एक ही चेहरा देखा है – टिम्बर माफिया का साथ देने वाला फ़ॉरेस्ट ऑफिसर, खनन कंपनियों का पहरेदार सुरक्षाकर्मी और आदिवासिओं के शोषण का साथ देने वाला नेता . इनके लिए सरकार, राजनीती और उद्योग बाहरी जगत है . ऐसी सामाजिक ज़मीन पर बिसात फ़ैलाते है तीन तरह के तत्त्व … पढ़ना जारी रखें अर्बन नक्सल के नाम पर मामला कारपोरेट लूट की दलाली खाने का है

क्या लोकतांत्रिक देश में आलोचनात्मक कार्टून शेयर करना, राजद्रोह है ?

खबर है, की फेसबुक पर एक कार्टून पोस्‍ट करने के आरोप में छत्तीसगढ़ के पत्रकार कमल शुक्‍ला के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा कायम हुआ है. मीडिया विजिल की एक ख़बर के मुताबिक़ कमल शुक्‍ला के खिलाफ कांकेर जिला के कोतवाली थाने में मुकदमा कायम हुआ है. कांकेर के एसपी के मुताबिक कमल शुक्‍ला के ऊपर आइपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह) के तहत मुकदमा कायम किया … पढ़ना जारी रखें क्या लोकतांत्रिक देश में आलोचनात्मक कार्टून शेयर करना, राजद्रोह है ?

छत्तीसगढ़ के किसान क्यों कह रहे हैं ,धान की फसल लेकर रहेंगे

छतीसगढ़  सरकार की  ओर से रबी सीजन में धान की फसल नहीं  बोने संबंधी आदेश पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने शनिवार को बैठक आयोजित की. पटवारी कार्यालय के सामने आयोजित ‘किसान बइठका’ में जिलेभर से हजारों की संख्या अन्नदाता  एकत्रित हुए. यहां सभी अन्नदाताओ  ने एक सुर में कहा, ‘नहीं मानेंगे सरकारी फरमान, हम तो बोएंगे धान’. बैठक के पश्चात रैली निकालकर किसान कलेक्टोरेट … पढ़ना जारी रखें छत्तीसगढ़ के किसान क्यों कह रहे हैं ,धान की फसल लेकर रहेंगे

महिलाओ के लिये नर्क़ बनता छत्तीसगढ – ज़िम्मेदार कौन ?

  आज का छत्तीसगढ़ कभी धान का कटोरा कहलाता रहा है. अविभाजित मध्य प्रदेश से 1 नवम्बर 2000 में अलग होकर ये एक राज्य की शक्ल में आया, सत्रह बरस के इस युवा राज्य की जनसंख्या – 2011 की गणना के मुताबिक़ 2 करोड़ 55 लाख थी. जिसमें 1,28,32,895 पुरुष और 1,27,12,303 औरतों की जनसंख्या थी. यहाँ की साक्षरता दर 71 फ़ीसदी है. वैसे तो … पढ़ना जारी रखें महिलाओ के लिये नर्क़ बनता छत्तीसगढ – ज़िम्मेदार कौन ?

वर्षा डोंगरे केस – क्या उद्योगपतियो के सामने नत्मस्तक है सरकार

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ फ़िर से चर्चा में था, लेकिन इस बार दुर्दांत नक्सलियों की वजह से नहीं बल्कि वजह थी राज्य सरकार की मूर्खता की वजह से, राजधानी रायपुर के सेन्ट्रल जेल की डेप्युटी जेलर सुश्री वर्षा डोंगरे जिन्होंने अपनी फ़ेसबुक वाल पे आदिवासी बच्चियों के जिस्म पे पुलिस बर्बरता की न सिर्फ दास्तान पोस्ट की बल्कि उनके मानवाधिकारों की बहाली और शांति क़ायम … पढ़ना जारी रखें वर्षा डोंगरे केस – क्या उद्योगपतियो के सामने नत्मस्तक है सरकार

IAS ने पंडित दीनदयाल के योगदान के बारे में पूछा, हुआ तबादला

रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक IAS को जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर सवाल करना भारी पड़ गया है, नक्सल प्रभावित ज़िला कांकेर में ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी “शिव अनंत तायल” ने बीते शुक्रवार को अपनी फेसबुक वाल पर जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सम्बन्ध में सवाल किया था. कि उनका देशहित में कुछ योगदान है क्या ? शिव अनंत तायल … पढ़ना जारी रखें IAS ने पंडित दीनदयाल के योगदान के बारे में पूछा, हुआ तबादला