कोलकाता छापा और सीबीआई के समक्ष साख का संकट

एक खबर के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा चिटफंड और रोज वैली घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर छापा मारने पहुंची।  इसे लेकर सीबीआई की टीम और कोलकाता पुलिस के बीच कहासुनी और हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सीबीआई टीम को राजीव कुमार के घर घुसने से रोक दिया। वहीं, ऐसी भी खबरें हैं कि … पढ़ना जारी रखें कोलकाता छापा और सीबीआई के समक्ष साख का संकट

जब संस्थाएं दीवार की तरह गिरती हैं, तो उनके मलबे में धीरे-धीरे सब दब जाता है

जब संस्थाएं दीवार की तरह गिरती हैं, तो उनके मलबे में धीरे-धीरे सब दब जाता है … सबसे पहले शुरुआत तार्किकता से होती है, फिर उसकी जगह न्याय का प्राकृतिक सिद्धांत ले लेता है. सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा इस गिरावट को समझने के लिए एकदम मुफीद उदाहरण हैं. परद -दर परत प्याज के छिलकों की तरह इस सड़न की बदबू अखबार में सुर्खियों के शक्ल … पढ़ना जारी रखें जब संस्थाएं दीवार की तरह गिरती हैं, तो उनके मलबे में धीरे-धीरे सब दब जाता है

असल डर कहीं राफेल का तो नहीं है ?

अमर उजाला के अनुसार  आलोक वर्मा को जब पहली बार 23-24 अक्तूबर 2018 की रात जबरन छुट्टी पर भेजा गया तो उनके कमरे में मौजूद ‘राफेल’ मामले की फाइलें निकाल ली गई थीं। हालांकि उस रात वर्मा के कमरे की चाबी तो हेडक्वार्टर में मिल गई, लेकिन कुछ सेल्फ ऐसे थे, जिन्हें तोड़ा गया था। फाइलें मिलने के बाद उनके कमरे को लॉक किया गया। … पढ़ना जारी रखें असल डर कहीं राफेल का तो नहीं है ?

विशेष – सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद भी क्यों हटाये गए आलोक वर्मा

आज राजनीतिक गलियारों में पूछा जाने वाला सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि सुप्रीम कोर्ट से 2 दिन पहले क्लीन चिट मिलने के बाद आलोक वर्मा को क्यो मोदी सरकार ने अपने पद से हटा दिया? सीवीसी उन पर लगाए गए चार आरोप सही बता रही है तो यह बात सुप्रीम कोर्ट को क्यो नही दिखी? जिसने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश एके पटनायक की … पढ़ना जारी रखें विशेष – सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद भी क्यों हटाये गए आलोक वर्मा

सीबीआई से डरने वाले नहीं समाजवादी – अमीक जामेई

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के दिल्ली में मिलने की खबरे गरम है, अभी किसी रणनीती या मुलाक़ात की औपचारिक व्यक्तव्य तक नहीं आया था, इधर अखिलेश यादव और मायावती की मिलने की खबरों की अफवाह पर ही केंद्र सरकार ने सीबीआई का डायरेक्शन अखिलेश यादव की तरफ कर दिया है. सीबीआई के इस क़दम से जहां इसकी साख … पढ़ना जारी रखें सीबीआई से डरने वाले नहीं समाजवादी – अमीक जामेई

क्या सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को हटाने का फैसला अमित शाह ने लिया?

24 अक्तूबर की रात सीबीआई में तख्तापलट की टेलीग्राफ ने जो टाइमलाइन छापी है उसकी शुरुआत होती रात 10 बजे प्रधानमंत्री निवास पर एक बैठक से जिसमे प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दोवल और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे. इसी बैठक के आधे घंटे बाद यानि 10:30 बजे सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को हटाने का फैसला हो जाता है. … पढ़ना जारी रखें क्या सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को हटाने का फैसला अमित शाह ने लिया?

राव, अस्थाना, वर्मा , मोदी और भ्रष्टाचार

सीबीआई के नए डायरेक्टर एम नागेश्वर राव के ख़िलाफ़ घूसखोरी के कई मामले हैं. आलोक वर्मा ने इन्हें हटाने की सिफारिश दी थी. सीवीसी ने मांगें नहीं मानी और राव के ख़िलाफ़ जांच नहीं हुई. अब घूसखोर अस्थाना को बचाने के लिए नागेश्वर राव को कमान दे दी गई. लोकपाल क़ानून 2013 में ये प्रावधान किया गया था कि सीबीआई की नियुक्ति प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष … पढ़ना जारी रखें राव, अस्थाना, वर्मा , मोदी और भ्रष्टाचार

विवाद दर विवाद में घिरती सीबीआई

सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया गया है । ज़ाहिर है यह कदम राकेश अस्थाना को राहत देगा। लेकिन आलोक वर्मा से सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी है और सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को इस मुक़दमे की सुनवायी करेगा। आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने का कदम राकेश अस्थाना को राहत देने के लिये भी उठाया गया है। क्योंकि … पढ़ना जारी रखें विवाद दर विवाद में घिरती सीबीआई

सीबीआई की चंद्रमुखी और पारो में किसे चुनेंगे देवदास हुज़ूर

आपने फ़िल्म देवदास में पारो और चंद्रमुखी के किरदार को देखा होगा। नहीं देख सके तो कोई बात नहीं। सीबीआई में देख लीजिए। सरकार के हाथ की कठपुतली दो अफ़सर उसके इशारे पर नाचते नाचते आपस में टकराने लगे हैं। इन दोनों को इशारे पर नचाने वाले देवदास सत्ता के मद में चूर हैं। नौकरशाही के भीतर बह रहा गंदा नाला ही छलका है। राजनीति … पढ़ना जारी रखें सीबीआई की चंद्रमुखी और पारो में किसे चुनेंगे देवदास हुज़ूर

घूसखोरी के केस में मुख्य आरोपी बनाये जाने के बाद, क्या CBI प्रमुख बन पाएंगे “राकेश अस्थाना”?

मोदी अपने चहेते और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को सीबीआई प्रमुख नहीं बना पायेंगे. सीबीआई द्वारा अपने ही दूसरे नंबर के अधिकारी के खिलाफ घूसखोरी कांड की एफआईआर में मुख्य अभियुक्त बनाने के बाद ये लगभग तय हो गया है. सीबीआई के मौजूदा प्रमुख आलोक वर्मा अगले साल जनवरी में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं. राकेश अस्थाना सीबीआई में रहते हुये गुजरात … पढ़ना जारी रखें घूसखोरी के केस में मुख्य आरोपी बनाये जाने के बाद, क्या CBI प्रमुख बन पाएंगे “राकेश अस्थाना”?

विशेष – सीबीआई, विजय माल्या का प्रकरण और लुक आउट नोटिस

लुकआउट नोटिस और विजय माल्या, ये दो नाम, आजकल यह नाम काफी चर्चा में है। यह भी अपराध के वैश्वीकरण के एक कारण है। अब दुनिया वैसी दुर्लंघ्य नहीं रह गयी है जैसी कभी पहले थी। अब ह्वेनसांग से लेकर इब्नबतूता से होते हुए राहुल सांकृत्यायन तक तक दुनिया की सरहदें नाप लेने वाले, अपने यात्रा वृतांतों से हम सबको चमत्कृत कर देने वाले, महान … पढ़ना जारी रखें विशेष – सीबीआई, विजय माल्या का प्रकरण और लुक आउट नोटिस

कहाँ है पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी ?

देश के बैंकिंग क्षेत्र को हिला देने वाले पीएनबी महा घोटाले की जैसे जैसे परते खुल रही हैं, वैसे -वैसे नये नये बाते सामने आ रही हैं. इलाहाबाद बैंक पीएनबी सहित देश के चार अन्य सरकारी बैंकों को लीड करता है. इस घोटाले की शुरुआत 2013 में इलाहाबाद बैंक की निदेशक मंडल की बैठक में ही हो गई थी. नई दिल्ली में हुई उस बैठक … पढ़ना जारी रखें कहाँ है पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी ?

तो क्या माल्या के केस सीबीआई ने कमज़ोर किया है ?

भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रूपये का चुना लगा कर भागे विजय माल्या को देश वापस लाना अब बेहद मुश्किल है. सूत्रों के मुताबिक ये बयान धारा 161 के तहत यानी पुलिस के सामने दिए गए हैं. इस का खुलासा किया है ABP न्यूज़ चैनल ने. भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि धारा 161 के तहत लिए गए बयान कोर्ट में सबूत के … पढ़ना जारी रखें तो क्या माल्या के केस सीबीआई ने कमज़ोर किया है ?

मिनटों में क्यों ख़त्म हो जाती है, रेलवे की तत्काल टिकट ?

ट्रेन की तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए लोग हमेशा ही परेशान रहते हैं, सीमित और निश्चित  समय के कारण के कारण महज कुछ सेंकडों में ही टिकट खत्म हो जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं. परन्तु असल में इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क एक्टिव है जो तत्काल टिकटों की हेराफेरी से जुड़ा हुवा है. ट्रैवल एजेंट्स की ओर से ऐसे ऑनलाइन सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल … पढ़ना जारी रखें मिनटों में क्यों ख़त्म हो जाती है, रेलवे की तत्काल टिकट ?