सिवनी – लिंचिंग की कोशिश के आरोपी सहित चार गिरफ्तार, साध्वी प्रज्ञा से जुड़े हैं तार

मध्यप्रदेश के सिवनी में पुलिस ने श्री राम सेना और बजरंग दल से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. गौरक्षा के नाम पर बर्बरतापूर्वक मारपीट करने वाले इन चारों आरोपियों पर बलवा और मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. ज्ञात होकि सिवनी के डूंडासिवनी क्षेत्र में 22 मई को पीड़ितों को गौमांस के साथ श्रीराम सेना के शुभम बघेल और … पढ़ना जारी रखें सिवनी – लिंचिंग की कोशिश के आरोपी सहित चार गिरफ्तार, साध्वी प्रज्ञा से जुड़े हैं तार

जनता का आदेश – एक बार फिर मोदी सरकार

अब रुझानों से ये साफ़ हो चुका है, कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर देश की सत्ता में क़ाबिज़ होने जा रही है. और नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. आज जब सुबह परिणाम आना शुरू हुए, तो किसी ने सोचा नहीं था, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी को इतनी बड़ी जीत मिलेगी. … पढ़ना जारी रखें जनता का आदेश – एक बार फिर मोदी सरकार

सरकार किसी की भी बने, असल मुद्दे चुनौती बनेंगे

19 मई को लोकसभा चुनाव 2019 का अंतिम चरण पूरा हो गया और परंपरा के अनुसार, सभी न्यूज़ चैनलों ने अपने अपने अनुमान के अनुसार एक्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिये। एक्जिट पोल अनुमान होते हैं और उनका प्रमाणों से कोई सम्बंध नहीं होता है। लेकिन इस बार के चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह चुनाव, सरकार जिस लिये चुनी जाती … पढ़ना जारी रखें सरकार किसी की भी बने, असल मुद्दे चुनौती बनेंगे

वादा फरामोशी के पांच साल

भारतीय जनता पार्टी के एक आम समर्थक से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक को यह बात पता है कि बंगाल में अराजकता है। रोज कोई न कोई खबर छापी जाती है कि वहां दुर्गापूजा रुक गयी। हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। मालदा के दंगों से लेकर अवैध रूप से बांग्लादेशी लोगों और रोहिंगयों तक के बंगाल में पसर जाने आदि आदि की खबरें खूब प्रसारित … पढ़ना जारी रखें वादा फरामोशी के पांच साल

अमित शाह का रोड शो, बंगाल में बवाल और विद्यासागर का अपमान

कल कोलकाता में जो कुछ हुआ वह बेहद दुःखद और निंदनीय है। चुनाव प्रचार में रोड शो की यह जो नयी परम्परा पड़ गयी है वह कभी कभी मुझे राजाओं के शोभा यात्रा की तरह लगती है। वैसा ही ऐश्वर्य, वैसी ही पुष्पवर्षा, वैसे ही विजय दंभ से भरे नेता। उन्माद से भरे समर्थक। और वैसे ही उन्माद से उभरते घोष। जनता के बीचों बीच … पढ़ना जारी रखें अमित शाह का रोड शो, बंगाल में बवाल और विद्यासागर का अपमान

5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

पाँचवें चरण के चुनाव के लिए शोर थमा चूका है। यहाँ 6 मई को चुनाव होने हैं। बिहार की 5 सीटों पर इस चरण में मतदान होंगे। ये सीट हैं मधुबनी , मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी , हाजीपुर और सारण। दोनों ही खेमों ने इन सीटों को जीतने के लिए सारी ताकत झोंक दी है। फ़िलहाल इन पाँचों सीटों पर भाजपा का ही कब्ज़ा है। इसलिए … पढ़ना जारी रखें 5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

प्रेम प्रकाश जी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेरे मित्र हैं। कम लिखते हैं पर लाजवाब लिखते हैं। उनकी एक रोचक लेख नीचे प्रस्तुत कर रहा हूँ। उसे पढ़ने के पहले मेरी यह बात भी पढ़ लीजिएगा। प्रेम प्रकाश जी ने कल्पना की है कि अगर भगवान राम स्वतः 29 तारीख को आ कर बनारस कचहरी में लोकसभा चुनाव के संदर्भ में अपना पर्चा दाखिल कर … पढ़ना जारी रखें अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

नज़रिया – हाफ़िज़ सईद और प्रज्ञा ठाकुर में क्या है समानता ?

अभी पिछले साल ही ( 2018) में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में चुनाव हुए थे। पाकिस्तान में हुए उन चुनावों में सबकी नज़र कुछ खास सवालों के जवाब ढूंढ रही थी। पहला सवाल ये था, कि क्या इमरान खान क़ामयाब हो पाएंगे ? जिसका जवाब हमें बख़ूबी मिला और इमरान खान पाकिस्तान के सर्वोच्च पद पर पहुंच गए। इन्हीं चुनावों में एक चीज़ और हुई कि … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – हाफ़िज़ सईद और प्रज्ञा ठाकुर में क्या है समानता ?

राममंदिर – सौगंध से संभावना तक – एक वायदे की कथा

6 दिसंबर 1992 में जब उन्मादियों की भीड़ ने अयोध्या में जब एक पुरानी इमारत गिरायी थी तो उसमें राम विराजमान थे और उनकी पूजा चल रही थी। इमारत ज़मीदोज़ होती है और उन्मादित भीड़ रामलला के छोटे से विग्रह को उसी कदीम इमारत के मलबे में छोड़ कर भाग जाते हैं। मौके पर तैनात पुलिस के लोग पुजारी की मदद से रामलला को शाम … पढ़ना जारी रखें राममंदिर – सौगंध से संभावना तक – एक वायदे की कथा

नज़रिया – क्या यह बीमार होते हुये समाज का लक्षण नहीं है

उनका इरादा साफ है। जब तक पाकिस्तान रहेगा तब तक वे देश मे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार आदि जनहित के मुद्दों पर कुछ नहीं करेंगे। न तो वे कोई बात करेंगे और न उनके समर्थक इन मुद्दों पर कोई सवाल उठाएंगे। विरोधी उठाते रहें सवाल और पूछते रहें जो भी मन हो, उससे उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। ऐसी मानसिकता उनकी बन गयी है। … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या यह बीमार होते हुये समाज का लक्षण नहीं है

आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

आरएसएस ने अपने काडर को तो चुनाव में लगाया हुआ है लेकिन खुद मोहन भागवत और उनके नंबर टू भैयाजी जोशी चुनाव की घोषणा के बाद से ठंडी सांस खींचे हुये हैं. भागवत का आखिरी बयान बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फरवरी के तीसरे सप्ताह में आया था और तब से शांत हैं. 2014 के चुनाव की याद करें तो मतदान के कई सप्ताह पहले … पढ़ना जारी रखें आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

क्या आपको अमित शाह की पर्सनल भाजपा के बारे में पता है ?

Assocation of Billion Minds, ABM, यह वो संगठन और नेटवर्क है जो बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह की पर्सनल टीम की तरह काम करती है। बीजेपी अपने आप में एक विशाल संगठन है। निष्ठावान कार्यकार्ताओं की फौज है। इसके बाद भी ABM पार्टी के समानांतर सिर्फ अध्यक्ष की मर्ज़ी से काम करने वाला ऐसा नेटवर्क है जिसके बारे में ज़्यादातर कार्यकर्ताओं को पता भी नहीं … पढ़ना जारी रखें क्या आपको अमित शाह की पर्सनल भाजपा के बारे में पता है ?

भाजपा भी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन में रह चुकी है

वायनाड से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर अनेक आरोपों के बीच एक आरोप यह भी है कि कांग्रेस का IUML मुस्लिम लीग जो केरल का एक स्थानीय दल है से गठबंधन है। अब चुनाव में जीवन से जुड़े मुद्दे चूंकि पीछे हो गए हैं और पाकिस्तान मुख्य मुद्दा के रूप में बीजेपी ने ला दिया है तो मुस्लिम लीग से गठबंधन, चांद सितारा वाला  … पढ़ना जारी रखें भाजपा भी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन में रह चुकी है

चुनावी मुद्दा बनती सेना और बिना लाइसेंस के चलता नमो टीवी चैनल

लोकसभा चुनाव 2019 देश का पहला चुनाव है जिसने दो बातें अनोखी हुयी हैं। हो तो और भी रही हैं पर जिन दो बातों का में उल्लेख कर रहा हूँ वह आज तक किसी चुनाव में नहीं हुई। एक तो नमो नाम से टीवी चैनल का प्रसारण और दूसरा सेना को चुनावी मुद्दा बनाना। क्या नमो टीवी पर चुनाव आयोग की चुप्पी, भाजपा के साथ … पढ़ना जारी रखें चुनावी मुद्दा बनती सेना और बिना लाइसेंस के चलता नमो टीवी चैनल

2014 में किये वादों का क्या हुआ ?

मैं आप के साथ लोकसभा चुनाव 2014 का भाजपा का संकल्प पत्र 2014 साझा कर रहा हूँ। सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ वह चुनाव अनोखा था और उसके वादे तो और भी अलबेले थे। यह उन वादों की फेहरिस्त है। आप स्वतः तय कीजिये कि किन किन वादों का क्या हुआ और अब उन पर क्या हो रहा है। एक एक वादे … पढ़ना जारी रखें 2014 में किये वादों का क्या हुआ ?

लालकृष्ण आडवानी ने भारत को क्या दिया ?

लाल कृष्ण आडवाणी ( Lal Krishna Adwani ) की भारतीय राजनीति की देन पर हो सकता है आने वाले समय मे कोई विश्वविद्यालय शोध कराये और शोधपत्र प्रकाशित कराये। पर किन निष्कर्षों पर शोधार्थी और शोध पहुंचता है इसका अभी कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। पर एक बात मैं कह सकता हूँ कि, लाल कृष्ण आडवाणी की भारतीय राजनीति को जो देन रही … पढ़ना जारी रखें लालकृष्ण आडवानी ने भारत को क्या दिया ?

कभी कहा था – भाजपा में शामिल होने से धुल जाते हैं दाग, अब खुद जॉइन की BJP

लोकसभा चुनाव आते ही, दल बदलने वाले नेताओं के नाम सुनाई देने लगे हैं. सभी अपनी अपनी सहूलियत के हिसाब से एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने लगे हैं. इस कड़ी में नया नाम जुड़ा है  टॉम वडक्कन (Tom Vadakkan) का. टॉम ने आज ( 14 मार्च 2019 ) को कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व केन्द्रीय … पढ़ना जारी रखें कभी कहा था – भाजपा में शामिल होने से धुल जाते हैं दाग, अब खुद जॉइन की BJP

किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे – रविश कुमार

ग्रामीण इलाके में न सिर्फ खेती से आय घटी है बल्कि खेती से जुड़े काम करने वालों की मज़दूरी भी घटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस असफलता को आतंकवाद और राष्ट्रवाद के जोशीले नारों से ढंकने की कोशिश में हैं मगर पांच साल में उस जगह को बर्बाद किया है जहां से किसान आता है और सेना के लिए जवान आता है। इसके बाद … पढ़ना जारी रखें किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे – रविश कुमार

आसमान छू रही है बेरोज़गारी, राष्ट्रवाद के सहारे हवा हवाई प्रधानमंत्री मोदी – रविश कुमार

एक तरफ बेरोज़गारी ( Unemployment in india ) बढ़ रही है तो दूसरी तरफ काम मांगने वालों की संख्या घटती जा रही है। काम मांगने वालों की संख्या को लेबर पार्टिसिपेशन रेट कहते हैं मतलब यह रेट तभी बढ़ता है जब काम मिलने की उम्मीद हो। 2018 की तुलना में 2019 के पहले दो महीने में काम मांगने वालों की संख्या घटी है। सेंटर फॉर … पढ़ना जारी रखें आसमान छू रही है बेरोज़गारी, राष्ट्रवाद के सहारे हवा हवाई प्रधानमंत्री मोदी – रविश कुमार

एयर स्ट्राईक और सेना के नाम पर राजनीति कर रही है भाजपा

पाकिस्तान स्थित बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राईक के बाद हर किसी की ज़ुबान पर बस एक ही शब्द थे, वो थे हमारी सेना पर हमको गर्व है. कि उसने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद एक सिलसिला चालू हुआ था, जिसमें हर व्यक्ति सेना को बधाई दे रहा था. पर हमारे देश के कुछ राजनीतिक राजनीतिक लोग कहाँ सुधरने … पढ़ना जारी रखें एयर स्ट्राईक और सेना के नाम पर राजनीति कर रही है भाजपा