“3 दिसंबर 1984” – जब भोपाल में हर ओर नज़र आ रही थीं लाशें

उस रात कई आँखें सोने के लिए बंद हुईं, पर हमेशा के लिए वो आँखें बंद हो गई थीं. किसी ने ख्वाबों में भी उस तबाही के बारे में न सोचा था, जो 3 दिसंबर 1984 को भोपाल शहर के कई परिवारों को बर्बाद कर चुकी थी. जब लोग 2 दिसंबर की रात सोये थे, तब सब कुछ ठीक था. पर 3 दिसंबर की उस … पढ़ना जारी रखें “3 दिसंबर 1984” – जब भोपाल में हर ओर नज़र आ रही थीं लाशें