“संविधान बचाओ” अभियान से दलितों बीच जायेगी कांग्रेस

हाल के दिनों में संविधान और दलितों पर बढ़ते हमलों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को ‘संविधान बचाओ’ अभियान की शुरुआत करेंगे. इसकी शुरुआत यहां के तालकटोरा स्टेडियम में सुबह 10:30 बजे होगी. यह अभियान अगले साल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक चलेगा. राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव … पढ़ना जारी रखें “संविधान बचाओ” अभियान से दलितों बीच जायेगी कांग्रेस

जाति के कारण बारिश से बचने के लिए छत नहीं मिली थी डॉ आंबेडकर को

स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माता, दलितों के मसीहा व समाज सुधारक डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू इंदौर मध्यप्रदेश में पैदा हुए थे। जिस जाति में बाबा साहब का जन्म हुआ था वो जाति बहुत निम्न और हेय समझी जाती थी. उनके पिता रामजी मौला जी सैनिक स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। उन्हें अंग्रेज़ी ,मैथ और मराठी की अच्छी समझ थी.अपने पिता … पढ़ना जारी रखें जाति के कारण बारिश से बचने के लिए छत नहीं मिली थी डॉ आंबेडकर को

पीएम मोदी ने दी आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं, आज दिखाएँगे कई योजनाओं को हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल की सुबह-सुबह देशवासियों को अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने समाज के गरीब और कमजोर तबके को आगे बढ़ने की उम्मीद दी. हमारा संविधान बनाने वाले बाबा साहेब के प्रति हम हमेशा आभारी रहेंगे. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  छत्तीसगढ़ का दौरा करने वाले हैं. पीएम मोदी का यह दौरा बेहद … पढ़ना जारी रखें पीएम मोदी ने दी आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं, आज दिखाएँगे कई योजनाओं को हरी झंडी

पांड्या ने किया आंबेडकर के विरुद्ध ट्वीट, केस हुआ दर्ज

हार्दिक पंड्या के खिलाफ़ भीमराव आंबेडकर के अपमान करने के मामले में FIR दर्ज हुई है. ज्ञात होकि हार्दिक पंड्या ने एक ट्वीट किया था, जिसमे संविधान निर्माता डॉ बीआर आंबेडकर के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. जिसके बाद उनके विरुद्ध जोधपुर अदालत ने पंड्या पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. हार्दिक पांड्या ने ट्वीट किया गया था, इसमें उन्होंने लिखा … पढ़ना जारी रखें पांड्या ने किया आंबेडकर के विरुद्ध ट्वीट, केस हुआ दर्ज

देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

एक वक्त वह भी था जहां हम भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और विभिन्न संप्रदायों के समूहों का देश, के रूप में देख सकते थे और इस बाबत संविधान या किसी और दस्तावेज़ में किसी प्रकार की कोई घोषणा करने की कहीं जरूरत नहीं थी. ना ही किसी प्रकार के आधिकारिक ऐलान की जरूरत थी. हम भारत को हमेशा एक धर्मनिरपेक्ष और सभी आस्था और … पढ़ना जारी रखें देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व