अमोल पालेकर के भाषण को क्यों रोका गया ?

हुकूमतें किसी की नहीं सुनतीं। उस अभिनेता की भी नहीं जिसने कूड़ा फिल्मों के दौर में भी आर्ट फिल्मों को ज़िंदा रखा। अगर कोई अभिनेता अपनी बात रखना चाहे तो सरकार के कारिंदे उसकी ज़ुबान पकड़ कर वापस कुर्सी पर बैठा देते हैं। अमोल पालेकर ने संस्कृति मंत्रालय के किसी फैसले पर अपनी असहमति जतानी भी चाही तो उसे सरकार पर हमला मानकर उन्हें टोकने … पढ़ना जारी रखें अमोल पालेकर के भाषण को क्यों रोका गया ?