आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

आरएसएस ने अपने काडर को तो चुनाव में लगाया हुआ है लेकिन खुद मोहन भागवत और उनके नंबर टू भैयाजी जोशी चुनाव की घोषणा के बाद से ठंडी सांस खींचे हुये हैं. भागवत का आखिरी बयान बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फरवरी के तीसरे सप्ताह में आया था और तब से शांत हैं. 2014 के चुनाव की याद करें तो मतदान के कई सप्ताह पहले … पढ़ना जारी रखें आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

भाजपा से नाराज नितिन पटेल को हार्दिक ने दिया ऑफर

गुजरात में नई सरकार अभी बनी ही है अभी ठीक से मंत्रियों ने पदभार भी नही सम्भाला और विभागों को लेकर विवाद भी हो गया.   भाजपा ने प्रदेश में छठी सरकार तो बना ली, परन्तु इस बार सरकार बनते ही विवाद शुरू हो गया है. खबर है कि नई सरकार में अहम मंत्रालय छिन जाने से नितिन पटेल नाराज हो गए हैं और उन्होंने … पढ़ना जारी रखें भाजपा से नाराज नितिन पटेल को हार्दिक ने दिया ऑफर

गुजरात में भाजपा के कमज़ोर होने के क्या मायने हैं

कैसे समझें मौजूदा राजनीतिक स्थिति को? वो स्थिति जो बहुत कुछ बता भी रहीं है,और बहुत अपने अंदर छुपा भी रही है,मगर जो भी है उसकी तस्वीर उसका माहौल सिर्फ और और 2019 के लिए ही है,और यही वजह है की सत्ता और काबिज़ भाजपा इसमें कोई कमी नही छोड़ रही है,और वो जी जान से इस कोशिश में है कि आने वाले लोकसभा चुनाव … पढ़ना जारी रखें गुजरात में भाजपा के कमज़ोर होने के क्या मायने हैं

2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है

पहली बार गुजरात चुनाव को ले कर कांग्रेस वह अक्लमंदी और दूरदर्शिता दिखा रही है, जो उसे संसदीय चुनाव के बाद होने वाले सभी विधान सभा चुनाव में दिखाना चाहिए था. क्योंकि इन चुनावों में बीजेपी की जीत उसकी लोकप्रियता से ज़्यादा उसके चुनाव मैनेजमेंट और तिकड़मबाज़ी की जीत थी. जिसका शर्मनाक सुबूत गोवा और मणिपुर में उसका हार के बाद भी जोड़ तोड़ और … पढ़ना जारी रखें 2014 के बाद पहली बार कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ती दिख रही है