इनका गुनाहगार कौन ?

क़ायदे से देखा जाये तो कर्नाटक के किसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर होना चाहिए था क्योंकि आज कर्नाटक राज्य का नाम लो या वहाँ के महान हस्तियों का ज़िक्र करो तो टीपू सुल्तान का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। ठीक इसी तरह दिल्ली जो मुग़लिया शान-ओ-शौक़त में पली बढ़ी जवान हुई और अपने हुस्न के जलवे से पूरी … पढ़ना जारी रखें इनका गुनाहगार कौन ?

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम भाग पूर्व में प्रकाशित किया जा चुका है, यदि आपने उसे नहीं पढ़ा है. तो यहाँ क्लिक करके पहले उसे पढ़ें , उसके बाद यह भाग दो आपके लिए ज़्यादा बेहतर होगा. अंग्रेज़ों कि कब्रें वर्तमान भारत में विभाजनकारी माहौल और दूरियां बढ़ रही हैं। सम्पूर्ण भारत को 1857 वाले एकता के बंधन की जरूरत है। … पढ़ना जारी रखें आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम

आज 24 अक्टूबर 2017 को आखिरी मुग़ल बादशाह, और 1857 भारत की पहली जंग-ए-आज़ादी के नेता, बहादुरशाह ज़फर, की 242वी जयंती है। सिर्फ दो हफ्ते बाद, 7 नवंबर 2017 को,ज़फर की 155 वीं पुण्यतिथि भी आ जाएगी. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान रंगून में मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फर की कब्र पर श्रृद्धांजलि अर्पित की थी। बहादुर शाह … पढ़ना जारी रखें आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम

The last Mughal and first Indian Freedom Struggle 1857

24th October 2017 will mark the 242nd birth anniversary of Bahadur Shah Zafar, the last Mughal, described by none other than Veer Savarkar as the leader of 1857, India’s first Independence war. Just two weeks later, on 7th November, 2017, Zafar’s 155th death anniversary will arrive; on his recent visit to Myanmar, PM Modi paid homage to Zafar’s grave in Rangoon. BRING BACK ZAFAR’S REMAINS … पढ़ना जारी रखें The last Mughal and first Indian Freedom Struggle 1857