27 मई 1964 – पंडित नेहरु को श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले थे वाजपेयी

27 मई 1964 के दिन जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु हो गयी थी. संसद में भारतीय जनसंघ के नौजवान नेता ,अटल बिहारी वाजपेयी ने 29 मई, 1964 को संसद में उन्हें श्रद्धांजलि दी .उनका भाषण प्रस्तुत है: यह भाषण संसद के रिकार्ड का हिस्सा है. राज्यसभा की 29 मई 1964 की कार्यवाही में छपा है . महोदय, एक सपना था जो अधूरा रह गया, एक … पढ़ना जारी रखें 27 मई 1964 – पंडित नेहरु को श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले थे वाजपेयी

वाजपेयी की भतीजी ने कहा – अस्थि कलश के नाम पर भाजपा कर रही राजनीति

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी व भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला ने कहा कि वह अटलजी की मृत्यु के बाद भाजपा की राजनीति से क्षुब्ध हैं। भाजपा जिस तरह से उनके नाम पर राजनीति कर रही है, उससे व्यथित भी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल से अटल बिहारी वाजपेयी को भाजपा के परिदृश्य से पूरी तरह … पढ़ना जारी रखें वाजपेयी की भतीजी ने कहा – अस्थि कलश के नाम पर भाजपा कर रही राजनीति

एम्स ने जारी किया बुलेटिन – पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाज़ुक

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लगभग दो महीने से AIIMS में भर्ती हैं. उन्हें लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. पीएम मोदी बुधवार की शाम में करीब सवा सात बजे एम्स पहुंचे और वहां करीब 50 मिनट तक रुके. इससे पहले एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत स्थिर है. उन्हें इंजेक्शन द्वारा एंटिबॉयटिक्स दिया … पढ़ना जारी रखें एम्स ने जारी किया बुलेटिन – पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाज़ुक

नज़रिया – क्या अटल जी सबके नेता थे ?

अटल जी, आप राजनीती के “अटल” है,आप बेहतरीन वक़्ता हुआ करते थे,आपने देश के “कारगिल” विजय कराया,आपने बिना “कांग्रेस” वाली सरकार पांच साल चलाकर दिखाई,बहुत बड़ी हिम्मत चाहिए होती है इसमें और आपने वो करके दिखाया,लेकिन क्या आप “सब” के नेता थे? अब जब आप राजनीती से दूर है,तो सवाल तो उठता ही है कि क्या अटल जी देश के असल नेता थे? इसपर कुछ … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या अटल जी सबके नेता थे ?

वाजपेयी और राजीव गांधी ने भी चलाये थे, नये और बड़े नोट

राजीव गांधी की सरकार ने 1987 में 500 व वाजपेयी सरकार ने 1998 में 1000 के नोटों को  दोबारा किया था जारी. सन 1998 के मई में वाजपेयी सरकार को केंद्र में सत्ता संभालते ही सरकार के  वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा को नए करेंसी नोटों की बढ़ती मांग का सामना करना पड़ा था. 1000, 5000 और 10,000 के नोटों को करीब दो दशक पहले ही … पढ़ना जारी रखें वाजपेयी और राजीव गांधी ने भी चलाये थे, नये और बड़े नोट

जब लाहौर में वाजपेयी बोले -“हम जंग न होने देंगे”

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी को उनका 93 वाँ जन्मदिन मुबारक। पाकिस्तान यात्रा के दौरान लाहौर गवर्नर हाउस में सुनाई गई उनकी एक प्रसिद्ध कविता। हम जंग न होने देंगें हम जंग न होने देंगे। विश्व शांति के हम साधक हैं, जंग न होने देंगे। कभी न खेतों में फिर खूनी खाद फलेगी, खलिहानों में नहीं मौत की फसल खिलेगी, आसमान फिर … पढ़ना जारी रखें जब लाहौर में वाजपेयी बोले -“हम जंग न होने देंगे”