अपराध और दंड – समझौता विस्फोट फैसले की एक समीक्षा

” मैं इस फैसले का समापन गहरे दुःख और क्षोभ से कर रहा हूँ, क्योंकि एक भयानक हिंसा से जुड़े इस मुक़दमे का अंत मुझे ज़रूरी सुबूतों के अभाव में अभियुक्तों को दोषमुक्त कर के करना पड़ रहा है । “ यह शब्द हैं पंचकूला के एनआईए जज जगदीप सिंह के जिन्होंने समझौता बम धमाके के मुक़दमे की सुनवायी की। जज की यह टिप्पणी किसी … पढ़ना जारी रखें अपराध और दंड – समझौता विस्फोट फैसले की एक समीक्षा

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में, अपील दायर क्यों नहीं कर रही है सरकार ?

अदालतों द्वारा मुल्जिमों को बरी कर देना कोई अनोखी खबर नहीं है। आपराधिक मामलों में साज़याबी का प्रतिशत बहुत उत्साहजनक नहीं है। पर अनोखी बात यह है कि, समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के मामले में असीमानन्द के मामले में एनआईए ने ऊपरी अदालत में अपील करने से मना कर दिया है । क्यों ? जबकि फैसला पढ़ने से साफ साफ यह दिख रहा है कि  सरकारी … पढ़ना जारी रखें समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में, अपील दायर क्यों नहीं कर रही है सरकार ?