क्या सरकार आर्थिक मोर्चे पर झूठे और मेन्युपुलेटेड आंकड़े पेश कर रही है?

यह सरकार भारत के इतिहास में सिर्फ झूठ बोलने ओर आंकड़ो को अपने हिसाब से मैनिपुलेट करने के लिए जानी जाएगी. कल (29 जनवरी 2019 को ) खबर आई कि वित्त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 18 फीसद बढ़कर 28.25 लाख करोड़ रुपये हो गया, यह खबर सभी बड़े अखबारों की हेडिंग बन रही थी, लेकिन अंदर खबर पढ़ी तो पता चला कि … पढ़ना जारी रखें क्या सरकार आर्थिक मोर्चे पर झूठे और मेन्युपुलेटेड आंकड़े पेश कर रही है?

यह मामला सीधा आपकी जेब से जुड़ा हुआ है….

कहते है.. बिना आग के धुंआ नही उठता, कल रिजर्व बैंक ने भुगतान और निपटान कानूनों में बदलाव के बारे में सरकार की एक समिति की कुछ सिफारिशों के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों वाला अपना असहमति नोट (डिसेंट नोट) सार्वजनिक किया है, इसका सरल अर्थ यह है कि खुद रिजर्व बैंक के मन में सरकार की नीयत के बारे में गहरी शंकाए है. इस विषय … पढ़ना जारी रखें यह मामला सीधा आपकी जेब से जुड़ा हुआ है….

गंभीर आर्थिक संकट में है देश

देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट की स्थिति में है अब सभी तरफ से बुरे संकेत मिलना शुरू हो गए हैं पेट्रोल डीजल की कीमतें आसमान छू रही है और डॉलर के मुकाबले रुपया पाताल की गर्त में गिरने की ओर अग्रसर है बैंको में एनपीए की समस्या इतनी भयानक है कि कई जानेमाने बैंक दीवालिया होने कि कगार पर है, राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ता जा … पढ़ना जारी रखें गंभीर आर्थिक संकट में है देश

नज़रिया – दिल्ली के शासकों को ना रुपये की चिंता है और ना देश की, उन्हें चिंता है तो कुर्सी की

अब जब सबके समझ में आ गया है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से अर्थव्यवस्था नहीं संभाली जा रही, तो उसी बीच एक और नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है मोदी सरकार ने! रुपये की कीमत को (69.09) की एक नई ऊँचाई पर ले गए है! जो कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ है कि रुपये ने अपनी … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – दिल्ली के शासकों को ना रुपये की चिंता है और ना देश की, उन्हें चिंता है तो कुर्सी की