नज़रिया – इंतज़ार कीजिये, भीड़ आपके दरवाज़े पर कब दस्तक देती है

इतिहास साक्षी है के प्रथम विश्व युद्ध के बाद यूरोप में अराजकता का चरम था. युद्ध के बाद अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी. युवा वर्ग बेरोज़गारी के कारण बदहवास था और वर्तमान सत्ता से निराश आम जनों का विश्वास लोकतंत्र पर कमज़ोर हो रहा था. विरोध के स्वर उठ रहे थे. प्रदर्शन हड़तालों की सिलसिला जारी था. जनता ये बात समझ चुकी थी के प्रथम … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – इंतज़ार कीजिये, भीड़ आपके दरवाज़े पर कब दस्तक देती है

जानिये हिटलर के बदनाम ‘नूरेम्बर्ग क़ानून’ के बारे में

15 सितंबर 1935 के दिन न्यूरेम्बर्ग कानून बनाकर जर्मन यहूदियों को जर्मन नागरिकता से वंचित कर दिया गया था और उल्टे स्वस्तिक को नाजी जर्मनी का आधिकारिक प्रतीक बना दिया गया था ! न्यूरेम्बर्ग शहर में हुई नाजी पार्टी की वार्षिक रैली में ये यहूदी विरोधी न्यूरेम्बर्ग कानून पेश किया गया, 1933 में हिटलर के सत्ता में आने के बाद नाजीवाद जर्मनी की सरकारी विचारधारा … पढ़ना जारी रखें जानिये हिटलर के बदनाम ‘नूरेम्बर्ग क़ानून’ के बारे में