जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

नौसेना के जहाज पर, राजीव गांधी के साथ, विदेशी नागरिक गये थे या नहीं इस पर अलग अलग खबरें आ रही हैं। सरकार ही सच क्या है बता सकती है। सरकार को सच की जांच करके बताना चाहिये। करदाताओं और नागरिकों का यह अधिकार है कि राजकीय धन, साधन आदि के दुरूपयोग पर सभी तथ्यों से अवगत रहें। वैसे भी सभी रक्षा प्रतिष्ठान विशेष सुरक्षित … पढ़ना जारी रखें जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान जो प्रमुख मुद्दे उभर कर आये हैं उनमें एक मुद्दा सेना, सुरक्षा बल और सैनिक कार्यवाहियों का है। सुरक्षा बलों, यानी सेना, पुलिस, अर्ध सैनिक बलों पर सामूहिक चर्चा या जन चर्चा से कोई परहेज नहीं करना चाहिये क्योंकि यह सब तंत्र भी सरकार के अंग है और सुरक्षा, शांति व्यवस्था किसी भी सरकार की प्रथम प्राथमिकता होती है। पर … पढ़ना जारी रखें भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

नज़रिया – राजीव गांधी समय के आईने में

राजीव गांधी जब तक सत्ता में रहे उन्हे बेहद नापसंद किया – कई वजह थीं. नापसंदगी की शुरुआत सिखों के नरसंहार पर उनके “बड़ा पेड़ गिरता है तो ज़मीन हिलती है” बयान से ही हो गई थी. उसके बाद अरुण नेहरू और अरुण सिंह जैसों की पैराशूट से राजनीति में उतरी चौकड़ी आँखों में अखरती थी. जब वो पोस्टल बिल लेकर आये तो उनके प्रति … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – राजीव गांधी समय के आईने में

कैसे रची थी लिट्टे ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश

भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 27 वी पुण्यतिथि है.श्रीपेरंबुदूर में 21 मई 1991 को हुए हमले में भारत ने राजीव गांधी के तौर पर एक होनहार नेता ही नहीं खोया, बल्कि यह भारत में पहला विदेशी आतंकवादी हमला भी था. राजीव गांधी की हत्या के पीछे श्रीलंकाई अलगाववादी संगठन लिट्टे का हाथ था. वेलुपिल्लै प्रभाकरण द्वारा 1976 में स्थापित इस संगठन का … पढ़ना जारी रखें कैसे रची थी लिट्टे ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश