यूनिवर्सिटी बचेगी तो सामाजिक और भाषाई विविधता से ही

भारत में जनजाति न तो पूरी तरह से परिभाषित है न ही इसे आंशिक रूप से समझा गया है। ब्रिटिश प्रशासन को उन समुदायों पर नियंत्रण करने या उनसे रिश्ता बनाने में मुश्किल हो रही थी जिन्होंने अपने प्रशासन के लिए वैसी राज्य व्यवस्था का कोई विकसित रूप नहीं बनाया था। अंग्रेज़ों ने इन समुदायों की पहचान कर, उनके इलाके को ब्रिटिश संप्रभु क्षेत्र घोषित … पढ़ना जारी रखें यूनिवर्सिटी बचेगी तो सामाजिक और भाषाई विविधता से ही

क्या जीएसटी ने नए नए चोर पैदा किए हैं?

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के सुमित झा ने लिखा है कि जुलाई से सितंबर के बीच कंपोज़िशन स्कीम के तहत रजिस्टर्ड कंपनियों का टैक्स रिटर्न बताता है कि छोटी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर चोरी की है। कंपोज़िशन स्कीम क्या है, इसे ठीक से समझना होगा। अखबार लिखता है कि छोटी कंपनियों के लिए रिटर्न भरना आसान हो इसलिए यह व्यवस्था बनाई गई है। उनकी प्रक्रिया … पढ़ना जारी रखें क्या जीएसटी ने नए नए चोर पैदा किए हैं?

क्यों अमरीका में सबसे अधिक आत्महत्या किसान ही कर रहे हैं – रविश कुमार

अमरीका के 17 राज्यों में किसानों की आत्महत्या का प्रतिशत बाकी किसी अन्य पेशे के मुक़ाबले 5 गुना ज़्यादा हो गया है। वरिष्ठ सैनिकों की आत्महत्या दर से भी दुगना। आस्ट्रेलिया में हर चार दिन पर और ब्रिटेन में हर सात दिन पर एक किसान आत्महत्या करता है। फ्रांस में हर दूसरे दिन एक किसान आत्महत्या करता है। भारत में 1995 से अब तक 2 … पढ़ना जारी रखें क्यों अमरीका में सबसे अधिक आत्महत्या किसान ही कर रहे हैं – रविश कुमार

अर्थ जगत की कुछ ख़बरों को जानने में बुराई नहीं है – रविश कुमार

वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार अपनी पत्रकारिता और एंकरिंग में धमाल मचाने के बाद आजकल सोशलमीडिया में अपनी पत्रकारिता से धमाल मचाये हुए हैं. तथ्यों और ख़बरों पार आधारित उनकी फ़ेसबुक पोस्ट बहुत ज़्यादा पसंद की जाती हैं. फ़िलहाल उन्होंने देश की प्कुछ प्रमुख आर्थिक घटनाओं पर एक फ़ेसबुक पोस्ट की है, पेश है रविश की वही फ़ेसबुक पोस्ट – इससे पहले कि रद्दी न्यूज़ चैनल … पढ़ना जारी रखें अर्थ जगत की कुछ ख़बरों को जानने में बुराई नहीं है – रविश कुमार

युवाओं की आकांक्षा की हत्या का राष्ट्रीय प्रोजेक्ट – रविश कुमार

भारत से अमरीका पढ़ने जाने वाले छात्रों की संख्या में इस साल 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चीन से जाने वाले छात्रों की संख्या में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लगातार तीन साल से अमरीका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ती जा रहीहै। 186,267 छात्र अमरीका गए हैं। अमरीकी यूनिवर्सिटी में पचास फीसदी छात्र भारत और चीन से पढ़ रहे हैं। बिजनेस … पढ़ना जारी रखें युवाओं की आकांक्षा की हत्या का राष्ट्रीय प्रोजेक्ट – रविश कुमार

नेता बोल रहे हैं, जनता की कोई नहीं सुन रहा – रविश कुमार

सुशील मोदी ने गुंडा लोगों से फोन करवाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से बात करनी है तो मैंने कहा कि बोलिए बोल रहे हैं। फिर बोला कि मेरा लड़का है उत्कर्ष मोदी उसकी शादी है। बियाह में बुला रहा है, बेइज्ज़त कर रहा है। बियाह में जाएंगे तो वहीं पोल खोल देंगे जनता के बीच में। पूरा जनता के बीच में। लड़ाई चल रहा है। … पढ़ना जारी रखें नेता बोल रहे हैं, जनता की कोई नहीं सुन रहा – रविश कुमार

रोबोट करेंगे काम, आदमी करेगा आराम ही आराम – रविश कुमार

यह लेख पत्रकार रविश कुमार की वाल से लिया गया है – हमें लोगों को काम देने का तरीका खोजना होगा या लोगों को टाइम पास करने का तरीका खोज लेना होगा।” ड्यूश बैंक के सीईओ क्रेन के इस बयान पर हंसी आ सकती है। उनका अपना ही बैंक 2 साल में 4000 नौकरियां कम कर चुका है और आने वाले समय में बैंक के … पढ़ना जारी रखें रोबोट करेंगे काम, आदमी करेगा आराम ही आराम – रविश कुमार

रविश कुमार ने फ़ेसबुक पोस्ट से बताया नोटबंदी का असर

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नोटबंदी के फ़ायदे गिनाते हुए कह डाला कि इससे देह व्यापार में भी कमी आई है. उनके इस बयान के बाद उनका सोशलमीडिया में खूब मज़ाक उड़ाया गया. नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर मोदी सरकार जश्न मनाने जा रही है. जिस कारण वह विपक्ष, बुद्धिजीवी एवं पत्रकारों के निशाने पर है. इसी बीच रविशंकर प्रसाद के बयान के … पढ़ना जारी रखें रविश कुमार ने फ़ेसबुक पोस्ट से बताया नोटबंदी का असर

जिसे देश की ग़रीबी का पता नहीं वही खिचड़ी की बात करता है – रविश कुमार

खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने ‘खिचड़ी’ को इंडियन फूड के रूप में पेश करने का आइडिया दिया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. मंत्रालय का तर्क है कि चाहे अमीर हों या गरीब, ‘खिचड़ी’ सबका पसंदीदा खाना है. वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने खिचड़ी पर चल रही चर्चा पर एक व्यंगात्मक पोस्ट अपने फ़ेसबुक पेज पर डाली है. रविश कुमार लिखते हैं- जब दाल नहीं … पढ़ना जारी रखें जिसे देश की ग़रीबी का पता नहीं वही खिचड़ी की बात करता है – रविश कुमार

खेल तो ठीक है मगर खिलवाड़ मत कीजिए – रविश कुमार

मुंबई रेल ओवर ब्रिज की घटना दहलाने वाली है। सुरेश प्रभु और पीयूष गोयल दोनों मुंबई से आते हैं। दस साल से देख रहा हूं कि जब भी रेल बजट का समय आता है वहां की लोकल रेल की समस्याओं को काफी ज़ोर शोर से उभारा जाता था। इसके बाद भी एक महत्वपूर्ण जगह का ओवर ब्रिज अनदेखा रह जाता है। सुरेश प्रभु ने दूध … पढ़ना जारी रखें खेल तो ठीक है मगर खिलवाड़ मत कीजिए – रविश कुमार

पेट्रोल का भाव 83.32 रुपये प्रति लीटर ?

देशभर में पैट्रोल की बढ़ती कीमतों के बाद रविश कुमार ने अपने फ़ेसबुक पेज पर एक पोस्ट करके इस भयावह स्थिति से अवगत कराते हुये, विपक्ष की खामोशी पर भी सवाल उठाया है.दरअसल जबसे रोज़ पैट्रोल डीज़ल की कीमत तय हो रही हैं,तबसे पैट्रोल की बढ़ती कीमतों का आमजन को अहसास ही नहीं हो रहा है. देखें रविश कुमार ने क्या कहा है अपनी फ़ेसबुक … पढ़ना जारी रखें पेट्रोल का भाव 83.32 रुपये प्रति लीटर ?