वायु सेना, सरकार के पराक्रम के बीच पत्रकारिता का पतन झाँक रहा है – रविश कुमार

आज का दिन उस शब्द का है, जो भारतीय वायु सने के पाकिस्तान में घुसकर बम गिराने के बाद अस्तित्व में आया है। भारत के विदेश सचिव ने इसे अ-सैन्य कार्रवाई कहा है। अंग्रेज़ी में non-military कहा गया है। इस शब्द में कूटनीतिक कलाकारी है। बसों से लैस लड़ाकू विमान पाकिस्तान की सीमा में घुस जाए, बम गिराकर बगैर अपने किसी नुकसान के सकुशल लौट … पढ़ना जारी रखें वायु सेना, सरकार के पराक्रम के बीच पत्रकारिता का पतन झाँक रहा है – रविश कुमार

संस्थाओं की बर्बादी के बीच जनता की मदहोशी

सूट-बूट की सरकार से शुरूआत करने वाली मोदी सरकार पांच साल बीतते-बीतते बड़े लोगों की सरकार हो गई है। बड़े लोगों की चिन्ता में जेटली जी दुबले हुए जा रहे हैं। महीनों जजों की कुर्सी ख़ाली रही मगर सरकार अपने अहं की लड़ाई लड़ती रही। आम लोग इंसाफ़ के लिए भटकते रहे। प्रतिष्ठा धूल मिट्टी में मिलती रही। तब भारत के ब्लॉग मंत्री सह वित्त … पढ़ना जारी रखें संस्थाओं की बर्बादी के बीच जनता की मदहोशी

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख पर चुप्पी क्यों?

क्या आपको पता है कि बैंकों को फिर से 410 अरब रुपये दिए जा रहे हैं? वित्त मंत्री जेटली ने संसद से इसके लिए अनुमति मांगी है। यही नहीं सरकार ने बैंकों को देने के लिए बजट में 650 अरब का प्रावधान रखा था। बैंकों की भाषा में इसे कैपिटल इन्फ्लो कहा जाता है। सरकार बैंकों को एक साल में 1 लाख करोड़ रुपये क्यों … पढ़ना जारी रखें किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख पर चुप्पी क्यों?

सीबीआई की चंद्रमुखी और पारो में किसे चुनेंगे देवदास हुज़ूर

आपने फ़िल्म देवदास में पारो और चंद्रमुखी के किरदार को देखा होगा। नहीं देख सके तो कोई बात नहीं। सीबीआई में देख लीजिए। सरकार के हाथ की कठपुतली दो अफ़सर उसके इशारे पर नाचते नाचते आपस में टकराने लगे हैं। इन दोनों को इशारे पर नचाने वाले देवदास सत्ता के मद में चूर हैं। नौकरशाही के भीतर बह रहा गंदा नाला ही छलका है। राजनीति … पढ़ना जारी रखें सीबीआई की चंद्रमुखी और पारो में किसे चुनेंगे देवदास हुज़ूर

गुजरात सरकार ला रही क़ानून, 80 फ़ीसदी रोजगार गुजरातियों को देने होंगे

गुजरात से यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के मज़दूरों को भगाया गया। गुजरात सरकार दस दिनों बाद जागी है। मीडिया की हालत ये हो गई है कि उसे भनक तक नहीं लगी। राजनीतिक आरोप जो लग रहे हैं उसके पीछे बहुत गेम हो रहा है। कहा कुछ जा रहा है और हो कुछ रहा है। क्या आपको पता है कि गुजरात सरकार ऐसा क़ानून लाने … पढ़ना जारी रखें गुजरात सरकार ला रही क़ानून, 80 फ़ीसदी रोजगार गुजरातियों को देने होंगे

मोदीराज में अमीरों के 3 लाख करोड़ के लोन माफ़ हुए

मोदी राज के चार साल में 21 सरकारी बैंको ने 3 लाख 16 हज़ार करोड़ के लोन माफ कर दिए हैं। क्या वित्त मंत्री ने आपको बताया कि उनके राज में यानी अप्रैल 2014 से अप्रैल 2018 के बीच तीन लाख करोड़ के लोन माफ किए गए हैं? यही नहीं इस दौरान बैंकों को डूबने से बचाने के लिए सरकार ने अपनी तरफ से हज़ारों … पढ़ना जारी रखें मोदीराज में अमीरों के 3 लाख करोड़ के लोन माफ़ हुए

भारत में इतनी तादाद में अमरीकियों के नागरिकता के आवेदन आजायें, तो उन्हें घुसपैठिया बताया जाने लगेगा

2017 के साल 50,802 भारतीय अमरीका को प्यारे हो गए। चुपचाप वहां की नागरिकता ले ली। एक ऐसे समय में जब कुछ ठगों के गिरोह ने भारत को विश्व गुरु बना देने का एलान कर दिया है तब पचास हज़ार से ज्यादा भारतीयों को अमरीका प्रेमी हो जाना सुखद आश्चर्य लगता है। अच्छी ज़िंदगी की तलाश में निकला इंसान टीवी पर चल रहे बकवास बहसों … पढ़ना जारी रखें भारत में इतनी तादाद में अमरीकियों के नागरिकता के आवेदन आजायें, तो उन्हें घुसपैठिया बताया जाने लगेगा

यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला, आप फिर उल्लू बने

यूनिफॉर्म सिविल कोड की इस वक्त न ज़रूरत है और न ही यह अनिवार्य है। यह राय भारत के क़ानून आयोग की है। पिछले शुक्रवार को कानून आयोग ने परिवार कानून सुधार पर अपनी तरफ़ से एक चर्चा-पत्र जारी किया है। आयोग का पक्ष है कि समुदायों के बीच समानता की जगह समुदायों के भीतर स्त्री और पुरुष के बीच समानता होनी चाहिए। सती प्रथा, … पढ़ना जारी रखें यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला, आप फिर उल्लू बने

नोटबंदी के समय उल्लू बने लोग हाज़िर हों, 99.30 पैसा बैंक में आ गया है

कल्पना कीजिए, आज रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी टीवी पर आते हैं और नोटबंदी के बारे में रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट पढ़ने लगते हैं। फिर थोड़ा रूक कर वे 8 नवंबर 2016 का अपना भाषण चलाते हैं, फिर से सुनिए मैंने क्या क्या कहा, उसके बाद रिपोर्ट पढ़ते हैं। आप देखेंगे कि प्रधानमंत्री का गला सूखने लगता है। वे खांसने लगते हैं और लाइव टेलिकास्ट … पढ़ना जारी रखें नोटबंदी के समय उल्लू बने लोग हाज़िर हों, 99.30 पैसा बैंक में आ गया है

लाखों नौकरियाँ चुरा रही हैं सरकारें, नौजवान खा रहे हैं झांसा

क्या केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वो कह दिया जो सब जानते हैं। उनका बयान आया कि आरक्षण लेकर क्या करोगे, सरकार के पास नौकरी तो है नहीं। बाद में नितिन गडकरी की सफाई आ गई कि सरकार आरक्षण का आधार जाति की जगह आर्थिक नहीं करने जा रही है। मगर इसी बयान का दूसरा हिस्सा भी था कि सरकार के पास नौकरी है नहीं। … पढ़ना जारी रखें लाखों नौकरियाँ चुरा रही हैं सरकारें, नौजवान खा रहे हैं झांसा

प्रधानमंत्री जी आप भारत को विश्व गुरु बना रहे हैं या बेवकूफ बना रहे हैं?

स्वीस नेशनल बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया है कि 2017 में उसके यहां जमा भारतीयों का पैसा 50 प्रतिशत बढ़ गया है। नोटबंदी के एक साल बाद यह कमाल हुआ है। ज़रूरी नहीं कि स्विस बैंक में रखा हर पैसा काला ही हो लेकिन काला धन नहीं होगा, यह क्लिन चिट तो मोदी सरकार ही दे सकती है। मोदी सरकार को यह समझदारी … पढ़ना जारी रखें प्रधानमंत्री जी आप भारत को विश्व गुरु बना रहे हैं या बेवकूफ बना रहे हैं?

नोटबंदी से जो आतंकवाद ख़त्म हो गया था, उसी के कारण गठबंधन ख़त्म हो गया – रविश कुमार

आज कश्मीर के कई बड़े अख़बारों ने पत्रकार शुजात बुख़ारी की हत्या के विरोध में अपने संपादकीय कोने को ख़ाली छोड़ दिया है। ईद की दो दिनों की छुट्टियों के बाद जब आज अख़बार छप कर आए तो संपादकीय हिस्सा ख़ाली था। ग्रेट कश्मीर, कश्मीर रीडर, कश्मीर आब्ज़र्वर, राइज़िंग कश्मीर के अलावा उर्दू अखबार डेली तमलील इरशाद ने भी संपादकीय ख़ाली छोड़ दिया। धारा 370 … पढ़ना जारी रखें नोटबंदी से जो आतंकवाद ख़त्म हो गया था, उसी के कारण गठबंधन ख़त्म हो गया – रविश कुमार

संविधान की झूठी व्याख्याओं के दंभ की हार हुई है

येदियुरप्पा ने किसानों की जितनी बात की है उतनी तो चार साल में देश के कृषि मंत्री ने नहीं की होगी। उन्हें ही कृषि मंत्री बना देना चाहिए और न्यूज एंकरों को बीजेपी का महासचिव। एक एंकर बोल रहा था कि येदियुरप्पा इस्तीफा देंगे। नेरेंद्र मोदी कभी इस तरह की राजनीति को मंज़ूरी नहीं देते। सुनकर लगा कि अमित शाह राहुल गांधी से पूछकर ये … पढ़ना जारी रखें संविधान की झूठी व्याख्याओं के दंभ की हार हुई है

जानवर बन जाने के बाद आपका बोलना भी बेकार है

आप अंग्रेज़ी में छपने वाली OPEN पत्रिका में राहुल पंडिता और ndtv.com पर नज़ीर मसूदी का लेख पढ़िएगा। मैं आपकी चुप्पी को समझता हूं, जानवर बन जाने के बाद आपका बोलना भी बेकार है। इससे पहले कि आप अक्षरों को भी हिन्दू मुसलमान की तरह पहचानने लगे, क्या उम्मीद की जा सकती है कि नीचे लिखे गए विवरण को आप पढ़ेंगे? कोशिश कीजिए। मैंने राहुल … पढ़ना जारी रखें जानवर बन जाने के बाद आपका बोलना भी बेकार है

कोई पैसा लेकर भाग जा रहा है, कोई पैसा लेकर बैठ जा रहा है

सरकार कितना काम कर रही है उसका एक नमूना देखिए। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की ख़बर है कि लघु सिंचाई योजना के लिए 5000 करोड़ का फंड 14 महीने से मंत्रालय में ही पड़ा हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 23 फरवरी 2018 को ही मंज़ूरी दे दी थी मगर कृषि मंत्रालय इस पैसे को पास कराने के लिए कैबिनेट के पास प्रस्ताव ही लेकर नहीं गया। इन … पढ़ना जारी रखें कोई पैसा लेकर भाग जा रहा है, कोई पैसा लेकर बैठ जा रहा है

आप कौन सा भारत चाहते हैं, बुज़दिल या बहादुर ?

तीन चार दिन पहले की बात है। एक बैंक का सीनियर अफसर बाज़ार से चूड़ियां ख़रीद लाया अपने नीचे के अफसर को पहनाने के लिए। जुर्म क्या था? अटल पेंशन योजना बेचने का जो दैनिक टारगेट दिया गया था, उसे पूरा नहीं कर पाया था। पूरे बैंक में खड़े उस बैंक कर्मचारी की हालत सोचिए। जो मैनेजर चूड़ियां ख़रीद लाया था उस नालायक के बारे … पढ़ना जारी रखें आप कौन सा भारत चाहते हैं, बुज़दिल या बहादुर ?

भयंकर मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं, बैंक कर्मचारी

बैंक कर्मचारियों के सैंकड़ों मेसेज पढ़ गया। उनकी व्यथा तो वाक़ई भयानक है। क्या किसी को डर नहीं है कि दस लाख लोगों का यह जत्था उसे कितना राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है? कई दिनों से हज़ारों मेसेज पढ़ते हुए यही लगा कि बैंक के कर्मचारी और अधिकारी भयंकर मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं। उनके भीतर घुटन सीमा पार कर गई है। आज जब … पढ़ना जारी रखें भयंकर मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं, बैंक कर्मचारी

नीरव मोदी को नहीं है, जांच एजेंसियों का डर

नीरव मोदी भले ही नरेंद्र मोदी न हो मगर नरेंद्र मोदी की जांच एजेंसियों से नहीं डरता है। पत्र लिखता है। हे भारतत्यागी नीरव मोदी, प्रेरक पत्र के लिए शुक्रिया। आज जांच एजेंसियों में समोसे बंटेंगे कि जिस नीरव मोदी तक वे नहीं पहुंच सके, उस नीरव मोदी का पत्र जन-जन तक पहुंच गया। आपने वाकई इन जांच एजेंसियों का ब्रांड ऊंचा कर दिया है। … पढ़ना जारी रखें नीरव मोदी को नहीं है, जांच एजेंसियों का डर

नीरव ने पीएनबी का कारवां कैसे लूटा

नीरव मोदी का घोटाला 17000 करोड़ से ज़्यादा पहुंच सकता है। रायटर ने इस बारे में रिपोर्ट लिखी है जिसे स्क्रोल ने छापा है। कहां तो सरकार को इस घोटाले से संबंधित सारे तथ्य सामने रखने चाहिए मगर उसकी तरफ से मंत्रियों का बेड़ा इसलिए भेजा जा रहा है ताकि वे लीपापोती कर सकें या फिर इधर-उधर का बात कर कारवां के लुटेरे से ध्यान … पढ़ना जारी रखें नीरव ने पीएनबी का कारवां कैसे लूटा

बकवास और बोगस मुद्दा है लाभ के पद का मामला

हर सरकार तय करती है कि लाभ का पद क्या होगा, इसके लिए वह कानून बनाकर पास करती है। इस तरह बहुत से पद जो लाभ से भी ज़्यादा प्रभावशाली हैं, वे लाभ के पद से बाहर हैं। लाभ के पद की कल्पना की गई थी कि सत्ता पक्ष या विपक्ष के विधायक सरकार से स्वतंत्र रहें। क्या वाक़ई होते हैं? बात इतनी थी कि … पढ़ना जारी रखें बकवास और बोगस मुद्दा है लाभ के पद का मामला