नज़रिया – इंतज़ार कीजिये, भीड़ आपके दरवाज़े पर कब दस्तक देती है

इतिहास साक्षी है के प्रथम विश्व युद्ध के बाद यूरोप में अराजकता का चरम था. युद्ध के बाद अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी. युवा वर्ग बेरोज़गारी के कारण बदहवास था और वर्तमान सत्ता से निराश आम जनों का विश्वास लोकतंत्र पर कमज़ोर हो रहा था. विरोध के स्वर उठ रहे थे. प्रदर्शन हड़तालों की सिलसिला जारी था. जनता ये बात समझ चुकी थी के प्रथम … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – इंतज़ार कीजिये, भीड़ आपके दरवाज़े पर कब दस्तक देती है

आपकी नज़र में आतंकवाद की परिभाषा क्या है ?

कल दोस्तों से बात हो रही थी और किसी ने कहा कि आज तक यूएन ने आतंकवाद की कोई एक और सुनिश्चित परिभाषा नहीं दी है। लेकिन 9/11 के बाद तो जैसे दुनिया भर की मीडिया ने अपनी परिभाषा तय कर ली है – हिंसा का सहारा लेने वाले मुसलमान आतंकवादी हैं जबकि दूसरे धर्म के ऐसे लोग संदेहास्पद, सरफिरे, रामभक्त, गोरक्षक, हमलावर वग़ैरह वग़ैरह … पढ़ना जारी रखें आपकी नज़र में आतंकवाद की परिभाषा क्या है ?

क्या राजनीति में अपना प्रतिनिधित्व मज़बूत कर पाएंगे मुसलमान?

बिहार में लालू और यूपी में मायावती के आने से पहले यादवों और दलितों के हालात पर ज़रा ग़ौर कीजिये, पहले यह दोनों समाज के लोगों का सवर्णों ने जम कर प्रताड़ित किया, शोषण किया, हालात तो यह थे के यह लोग स्वर्ण जाती के साथ बैठना तो दूर की बात, खड़े भी नहीं हो सकते थे,स्वर्ण इनको अछूत समझते थे, लेकिन जैसे ही लालू … पढ़ना जारी रखें क्या राजनीति में अपना प्रतिनिधित्व मज़बूत कर पाएंगे मुसलमान?

क्या भारतीय मुस्लिम “राजनीतिक अछूत” हो गए हैं ?

दोस्तों के साथ बैठा बैठा ये बात कर रहा था, कि मुल्क कितना बदल गया है. अब हर चीज़ हिंदू -मुस्लिम करने की कोशिश की जाने लगी है. आखिर इसका ज़िम्मेदार कौन है ? खूब बातें हुईं अलग-अलग नतीजे निकले – किसी ने कहा नेता लोग अपने बयानों से ये माहौल बना चुके हैं. तो किसी ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है, मीडिया ने … पढ़ना जारी रखें क्या भारतीय मुस्लिम “राजनीतिक अछूत” हो गए हैं ?

नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके भाषण के निहितार्थ निकालने में लगे हैं। जिनका संघ के बारे में अध्ययन नहीं है, वे इसे संघ में बदलाव की संज्ञा दे रहे हैं। लेकिन न संघ बदला है, न ही कभी बदलेगा। दरअसल मोहन भागवत के भाषण को उसके पुराने आचरण से ही समझना होगा। इतिहास गवाह है कि … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

आखिर संघ परिवार में चल क्या रहा है ?

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कथनों का क्या मतलब है, यह मुझे नहीं मालूम। बहुत लोगों को मालूम नहीं होगा। खुद संघियों को भी नहीं मालूम होगा कि भागवत की बातों का मतलब क्या है? क्या वह सरकार से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं? क्या वह कांग्रेस पर डोरे डाल रहे हैं? क्या मुसलमानों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं? संघ बदल रहा है, … पढ़ना जारी रखें आखिर संघ परिवार में चल क्या रहा है ?

यह अध्यादेश असंवैधानिक है. यही नहीं संविधान के समानता के अधिकार के खिलाफ है – ओवैसी

तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी अध्यादेश को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है. अध्याधेश को मंज़ूरी देने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया ने इस मामले को विस्तार से छापा है. इस दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक के दबाव … पढ़ना जारी रखें यह अध्यादेश असंवैधानिक है. यही नहीं संविधान के समानता के अधिकार के खिलाफ है – ओवैसी

Silencing is a hate crime too…

People know a lot about discrimination in judiciary, media, government, banks, universities, corporate houses and other sectors. But not many know about discrimination that happens in civil society on the issue of Muslims. My attempt today is to describe what happens to a young activist who attempts to speak as a Muslim. I dare to speak the truth to power and I know that I … पढ़ना जारी रखें Silencing is a hate crime too…

समीक्षा – समाज को बांटने वाली सोच पर गहरा वार करती है “मुल्क”

जब हम ‘मुल्क’ देख कर बाहर निकले, तो हमारे एक मित्र ने कहा कि ‘मुल्क’ जो बात कहती है, वह पूरे आत्मविश्वास के साथ आज का हिंदुस्तानी मुसलमान कहने की स्थिति में नहीं है। ‘मुल्क’ क्या कहती है? ‘मुल्क’ कहती है कि कोई मुसलमान अपनी देशभक्ति प्रमाणित कैसे करे? क्यों करे? वह ख़ुद पर चस्पां कर दिये गये आतंकवादी कौम के चक्रव्यूह को तोड़ने के … पढ़ना जारी रखें समीक्षा – समाज को बांटने वाली सोच पर गहरा वार करती है “मुल्क”

USA और यूरोप में इस्लामोफोबिया को यूं मात दे रहे हैं मुसलमान

बात अभी ताज़ा ही है फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में फ़्रांस ने विजेता की ट्रॉफी पर क़ब्ज़ा किया था और उस फ़्रांस की टीम में सात विदेशी मूल के मुस्लिम खिलाडी थे, इन खिलाडियों ने न सिर्फ क्रोशिया को हराया बल्कि यूरोप में फैले प्रोपेगंडे ‘इस्लामोफोबिया’ को भी मुंह तोड़ जवाब दिया है. न सिर्फ अमेरिका बल्कि यूरोपियन देशों में ये प्रोपेगंडा दशकों से … पढ़ना जारी रखें USA और यूरोप में इस्लामोफोबिया को यूं मात दे रहे हैं मुसलमान

गौशालाओं में मरती गायों पर चुप हैं, गौरक्षा के नाम पर इंसानों का क़त्ल करने वाले?

देश में आये दिन गौरक्षा के नाम पर समुदाय विशेष को निशाना बनाना आम बात है, पर वास्तव में गौसेवा से यही गुंडागर्दी करने वाला समूह दूर है. खुद को धर्मरक्षक बताने वाले इन गौरक्षकों के आतंक से देश कई हिस्से कलंकित हैं. पर मामला जब गायों के गौशाला में मारे जाने का हो, तो इन फ़र्ज़ी गौरक्षकों की ज़ुबाने सिल जाती हैं. ताज़ा मामला … पढ़ना जारी रखें गौशालाओं में मरती गायों पर चुप हैं, गौरक्षा के नाम पर इंसानों का क़त्ल करने वाले?

इस्लामोफोबिया का फूहड़ भारतीय संस्करण

आप क्या समझते हैं घर वापसी, बीफ बैन, मस्जिद से अज़ान, लाउड स्पीकर्स पर बवाल, मदरसों पर बवाल, जनसँख्या पर बवाल, लव जिहाद, तीन तलाक़, धर्मांतरण पर बवाल, बुर्क़े पर बवाल, तीन तलाक़, हलाला जैसे मुद्दों पर दिन रात न्यूज़ चैनल्स पर हिन्दू मुस्लिम बहसें कर मुसलमानों की नेगेटिव छवि पेश करना, पांच हज़ारी मौलानाओं द्वारा इस्लाम की नेगेटिव इमेज पेश करना, गौरक्षकों द्वारा मुसलमानों … पढ़ना जारी रखें इस्लामोफोबिया का फूहड़ भारतीय संस्करण

नज़रिया – क्या टोपी लगा लेने से मुस्लिमों के प्रति सोच बदल जाती है?

क्या आपको कोई तिलक लगायेगा, तो आप लगवाओगे. बिलकुल नहीं लगवाओगे. फिर योगी या मोदी टोपी नहीं लगाते हैं. तो इतना हो हल्ला क्यों मचाते हो भाई? कुछ गलत नहीं किया यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टोपी न पहनकर. क्या टोपी लगाने से योगी आदित्यनाथ का मन परिवर्तन हो जाता. क्या उस मुंह से कलिमा ए शहादत सुनाई देने लगता, जो कभी मुस्लिम महिलाओं … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या टोपी लगा लेने से मुस्लिमों के प्रति सोच बदल जाती है?

नज़रिया- क्या मुस्लिम समुदाय की आवाज़ उठाना गुनाह हो गया है?

ये तस्वीर अक्सर आपने सोशलमीडिया में देखी होगी, अक्सर इस तस्वीर को पोस्ट करके ये दावा किया जाता है. कि हैदराबाद सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी भाजपा से मिले हुए हैं. अब आप समझ सकते हैं, इस तरह की पोस्ट कौन हजरात किया करते हैं. क्या कोई सांसद किसी केन्द्रीय मंत्री से अपने क्षेत्र के कार्यों के लिए मुलाक़ात नहीं करता. ऐसी कितनी ही फोटो हैं … पढ़ना जारी रखें नज़रिया- क्या मुस्लिम समुदाय की आवाज़ उठाना गुनाह हो गया है?

कर्नाटक – जेडीएस चाहती है “मुस्लिम उपमुख्यमंत्री”

कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद से चल रहा हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद खत्म हो गया. राज्य में अब कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने जा रही है. सोनिया और राहुल से कुमारस्वामी करेंगे मुलाक़ात जेडीएस-कांग्रेस सत्ता में 30-30 महीने की साझेदारी करने की खबरें हैं. कुमारस्वामी से इसी पर सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात … पढ़ना जारी रखें कर्नाटक – जेडीएस चाहती है “मुस्लिम उपमुख्यमंत्री”

संघ जो छवि पेश करता है, उसे पर्दे और टीवी पर फैला रहे निर्माता

“पद्मावत” रिलीज़ भी हो गयी और उसकी कमाई ने कई रिकॉर्ड्स तोड़ नए नए कीर्तिमान भी दर्ज कर दिए,इस फ़िल्म की शुरुआत में कुछ एक सिनेमाघरों को छोड़ दें तो,”पद्मावत” रिलीज़ हो गयी है,फ़िल्म एक फ़िल्म के ऐतबार से केसी है इसको लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है,क्योंकि जिस तरह कड़ी सुरक्षा के बीच फ़िल्म रिलीज़ हुई थी वो एक रुकावट तो थी। लेकिन … पढ़ना जारी रखें संघ जो छवि पेश करता है, उसे पर्दे और टीवी पर फैला रहे निर्माता

ट्रिपल तलाक़ बिल पर कांग्रेस से क्यों नाराज़ हैं मुस्लिम ?

लोकसभा में पेश हुए ट्रिपल तलाक़ बिल पर टीवी से लेकर सोशलमीडिया में लंबी बहस छिड़ी हुई है, चूंकि मामला मुस्लिम समुदाय से सम्बंधित है, इसलिए एक-एक गतिविधि पर मुस्लिम संगठन नज़र बनाए हुए हैं. बताया जाता है, कि संसद में कांग्रेस के द्वारा इस मुद्दे पर विरोध दर्ज न कराने और बिल के पक्ष में वोट देने के कारण मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा … पढ़ना जारी रखें ट्रिपल तलाक़ बिल पर कांग्रेस से क्यों नाराज़ हैं मुस्लिम ?

क्या है, अहमद पटेल के नाम मुस्लिमों का यह पत्र?

सोशल मीडिया में आये दिन कुछ न कुछ अचंभित करने वाली खबर तैरती नज़र आती है. फ़िलहाल एक ख़त सोशलमीडिया में बहुत वायरल हो रहा है. जोकि मुस्लिम समुदाय के तरफ से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के लिए लिखा गया है. इस ख़त को पढ़ने के बाद, भाजपा सरकार के द्वारा लाये गए “ ट्रिपल तलाक़ बिल “ पर जो बड़ी खामियां हैं, … पढ़ना जारी रखें क्या है, अहमद पटेल के नाम मुस्लिमों का यह पत्र?

गुजरात – दस प्रतिशत आबादी की अनदेखी करना कांग्रेस को भारी पड़ा

गुजरात चुनाव के परिणाम आ गए है,चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार भाजपा को बहुमत मिला है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने वहां सरकार बनाने के ऐलान कर दिया है । भाजपा छठी बार लगातार गुजरात मे सरकार बनाने जा रही है,इस बार मुक़ाबला मोदी और राहुल का आमने सामने था और परिणाम बता रहें है कि मोदी जी राहुल के सामने अब भी … पढ़ना जारी रखें गुजरात – दस प्रतिशत आबादी की अनदेखी करना कांग्रेस को भारी पड़ा

क्या मुस्लिम सियासी मुहब्बत और सियासी नफ़रत से बाहर आयेंगे ?

मौलाना आज़ाद ने क्या किया, क्या नहीं किया और वह क्या और कर सकते थे, इस पर खूब बहस हो सकती है. नेहरू को भी हम सुक़ूत-हैदराबाद जो होम मिनिस्टर पटेल के दौर में हुआ और उस क़त्ल आम, उसके लिए उन पर ऊँगली उठाते हैं. लेकिन ये भी सच है कि मौलाना आज़ाद की शख्सियत की वजह से बोहत कुछ बच गया और 47 … पढ़ना जारी रखें क्या मुस्लिम सियासी मुहब्बत और सियासी नफ़रत से बाहर आयेंगे ?