पुलिस राजनीतिक एजेंडा लागू करने का उपकरण नहीं है

जब भी कभी आदिम युग के बाद सरकार या राज्य की अवधारणा की गयी होगी तो राज्य का पहला उद्देश्य ही, समाज मे शांति की स्थापना रहा होगा। राज्य या शासन के सामर्थ्य का पैमाना ही यह है कि लोग समाज में शांति और निश्चिंतता से रह सकें। पुलिस के इतिहास के अवलोकन के क्रम में,  प्राचीन भारतीय इतिहास में दंडधारी शब्द का उल्लेख आता … पढ़ना जारी रखें पुलिस राजनीतिक एजेंडा लागू करने का उपकरण नहीं है

क्या लोकतांत्रिक देश में आलोचनात्मक कार्टून शेयर करना, राजद्रोह है ?

खबर है, की फेसबुक पर एक कार्टून पोस्‍ट करने के आरोप में छत्तीसगढ़ के पत्रकार कमल शुक्‍ला के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा कायम हुआ है. मीडिया विजिल की एक ख़बर के मुताबिक़ कमल शुक्‍ला के खिलाफ कांकेर जिला के कोतवाली थाने में मुकदमा कायम हुआ है. कांकेर के एसपी के मुताबिक कमल शुक्‍ला के ऊपर आइपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह) के तहत मुकदमा कायम किया … पढ़ना जारी रखें क्या लोकतांत्रिक देश में आलोचनात्मक कार्टून शेयर करना, राजद्रोह है ?