मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, यह चुनाव आयोग की साख का सवाल है

ओपी रावत देश के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रह चुके हैं। उन्होंने अपने एक बयान में कहा है कि, ” प्रथम दृष्ट्या यह एक गंभीर मामला लगता है। मुझे यह याद नही कि पहले कभी ऐसा प्रकरण ( कि मतगणना में पड़े हुए मतपत्रों और डाले गए वोटों में कोई अंतर ) मेरे कार्यकाल में आयोग के संज्ञान में आया हो। ” निर्वाचन आयोग पर … पढ़ना जारी रखें मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, यह चुनाव आयोग की साख का सवाल है

चुनाव आयोग ने फेरा भाजपा की रणनीति पर पानी

गुजरात में लोकतंत्र का महापर्व  की घड़ी  ज्यों ज्यों नजदीक आ रही  है त्यों त्यों  सूबे का पारा चढ़ रहा है. सभी पार्टी अपना जौरशोर  से लोक लुभावने वादों के साथ मैदान में हैं. आरोप प्रत्यारोप भी खुब लग रहे हैं. अब इमें चुनाव आयोग भी कूद गया है अपने आदेश के जरिये. जी हाँ, ठीक सुन रहे , गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण … पढ़ना जारी रखें चुनाव आयोग ने फेरा भाजपा की रणनीति पर पानी

सवाल चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का है

25 अक्टूबर 1951 को आज़ाद भारत ने पहली बार आम चुनाव में हिस्सा लिया, मतदान की प्रक्रिया चार महीने तक चली, इसी के साथ भारत ने दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र बनने के लिए पहली सीढ़ी पर अपना कदम रखा। तब से आज तक भारत अपनी लोकतांत्रिक गरिमा को विश्व के समक्ष मिसाल के रूप रखता है। “इतिहास का सबसे बड़ा जुआ” कहे जाने वाले … पढ़ना जारी रखें सवाल चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का है