एनएसए या राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) क्यों लगाया जाता है?

गौहत्या एक संवेदनशील अपराध है और इसके दुष्परिणाम कानून व्यवस्था पर बहुत तेज़ी से पड़ते रहे हैं, तब भी जब इसका राजनीतिकरण नहीं हुआ था और अब भी जब इसका राजनीतिकरण हो गया है । इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए ही 1857 में हुये जन विप्लव के बाद जब अंतिम मुग़ल सम्राट बहादुरशाह जफर को पुनः स्वतंत्र हिंदुस्तान का बादशाह घोषित किया गया तो उसने … पढ़ना जारी रखें एनएसए या राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) क्यों लगाया जाता है?

डरता हूँ कि कहीं इस डर से लोग सच बोलना न बंद कर दें

एक साया सा फ़ैल गया है हर सिम्त दिल के भीतर / और वहीं बैठ गया है चुपचाप आजकल एक डर मन करता है उस डर को उलीच दूँ यहां पर डर को उलीचना और भी ज्यादा डर से भर जाना है. सामने पार्क में खेलता बच्चा जोर से हंसता है और मैं उसकी हंसी सुन डर जाता हूँ कि कहीं कोई उन्मादी भीड़ न … पढ़ना जारी रखें डरता हूँ कि कहीं इस डर से लोग सच बोलना न बंद कर दें

क्या अभिनेता एजाज़ खान की मांग गलत थी, या फिर बेवजह हुआ विरोध

मुंबई :- आये दिन देश में गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं पर देश में बवाल मचा हुआ है, कभी भी उन्मादी भीड़ या चंद गुंडागर्दी करने वाले लोग किसी को भी गौरक्षा के नाम पर पीट दे रहे थे. हद्द तो तब होने लगी जब गौहत्या के नाम पर हत्याओं का दौर चल पड़ा. अखलाक़ से शुरू हुआ यह दौर अब पहलु खान … पढ़ना जारी रखें क्या अभिनेता एजाज़ खान की मांग गलत थी, या फिर बेवजह हुआ विरोध