नज़रिया – कई राज्यों के शिक्षामंत्री भी नहीं जानते होंगे “फ़िराक गोरखपुरी” का असल नाम

यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा में सवाल आया है कि उर्दू शायरी में फिराक़ गोरखपुरी के नाम से किसको जाना जाता है? यह सवाल शिक्षा मंत्रालय, देश के शिक्षण तंत्र का मुंह चिड़ा रहा है, क्योंकि 12th तक किसी भी उर्दू शायर को हिन्दी में पढ़ाया ही नहीं जाता। फिर छात्र को कैसे पता चलेगा कि फिराक़ कौन थे?  शायर थे या कवि थे या … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – कई राज्यों के शिक्षामंत्री भी नहीं जानते होंगे “फ़िराक गोरखपुरी” का असल नाम

क्या डॉ कफ़ील और उनका परिवार अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने की सज़ा भुगत रहे हैं?

गोरखपुर ऑक्सीजन काण्ड से चर्चित हुए डा. कफील अहमद के छोटे भाई काशिफ जमील पर रविवार 11 जून 2018 की रात 10.30 बजे गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में हमला हुआ. दो हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलायीं जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए. जिसके बाद घायल काशिफ को स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जिसके बाद पुलिस सदर अस्पताल ले जाने पर अड़ी रही, … पढ़ना जारी रखें क्या डॉ कफ़ील और उनका परिवार अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने की सज़ा भुगत रहे हैं?

यह एक प्राशासनिक नाक़ामी है, मुझे फसाया जा रहा है – डॉ कफ़ील

सीने में दर्द की शिकायत के बाद डॉ कफ़ील को मेडिकल चेकअप लिए गोरखपुर ज़िला अस्पताल लाया गया था. लौटते समय जब मीडिया ने डॉ कफ़ील से बात करना चाहा तो पुलिस के रवैये ने सभी को हैरान कर दिया. जब मीडिया ने डॉ कफ़ील से बात करनी चाही, तो साथ में खड़े पुलिस अधिकारी ने उनके मुंह और मीडिया के बीच बाधा उत्पन्न करने … पढ़ना जारी रखें यह एक प्राशासनिक नाक़ामी है, मुझे फसाया जा रहा है – डॉ कफ़ील

भाजपा की हार का श्रेय बहनजी को जाता है – अब्बास अंसारी

उत्तरप्रदेश में हुए लोकसभा उपचुनावों के परिणाम आने के बाद से ही बसपा और सपा गठबंधन के चर्चे आम हैं, राजनीतिक चर्चाओं में भी यही विषय छाया हुआ है, कि क्या 2019 में सपा और बसपा साथ आयेंगे. इसी बीच बसपा के युवा चेहरे और पूर्वांचल क्षेत्र की राजनीति में प्रभावी दखल रखने वाले अब्बास अंसारी ने इस जीत का श्रेय बसपा सुप्रीमो को दिया … पढ़ना जारी रखें भाजपा की हार का श्रेय बहनजी को जाता है – अब्बास अंसारी

सोशल – ज़िन्दा कौमें 5 साल इंतज़ार नहीं करतीं

उत्तरप्रदेश और बिहार में हुए उपचुनावों के नतीजे आने के बाद हर कोई अचरज में है, इतने बड़े उलटफेर की कल्पना किसी ने नहीं की थी, जैसे –जैसे चुनाव परिणाम सामने आ रहे थे. सोशल मीडिया में भी एक सी एक प्रतिक्रियाएं आ रही थीं. देखें किस तरह की प्रतिक्रियाएं सोशलमीडिया पर आईं – अभिषेक शर्मा लिखते हैं – ये घमंड की हार है योगी … पढ़ना जारी रखें सोशल – ज़िन्दा कौमें 5 साल इंतज़ार नहीं करतीं

उपचुनावों में हुए कम मतदान के क्या हैं संकेत ?

यूपी की दो बहुत ही अहम सीटों पर हुए उपचुनावों उम्मीद से बहुत कम वोटिंग हुई है. वोटिंग कम होने से सभी प्रत्याशियों की धडकनें तेज़ हो गई हैं. उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए रविवार को मतदान हुए. गोरखपुर में 47.45 फीसदी और फूलपुर में 37.40 फीसदी लोगों ने अपने मतदान का इस्तेमाल किया. निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक … पढ़ना जारी रखें उपचुनावों में हुए कम मतदान के क्या हैं संकेत ?

गोरखपुर प्रकरण : लापरवाही और सरकारी लीपापोती का ज्वलन्त उदाहरण

इस धरती पर अगर सबसे कीमती चीज़ कोई है तो वो है जीवन जिसकी हिफाज़त हम सभी करते है जीवन का अधिकार सभी अधिकारों में प्रथम स्थान रखता हैऔर इस अधिकार की रक्षा करने का ज़िम्मा हम अपनी सरकार को देते है। क्या हो अगर हमारी चुनी हुई सरकार ही इस अधिकार की धज्जियां उड़ाए वह का मंज़र भयावह होगा जैसा गोरखपुर में हो रहा … पढ़ना जारी रखें गोरखपुर प्रकरण : लापरवाही और सरकारी लीपापोती का ज्वलन्त उदाहरण