ये यूपी है जनाब…. धर्मनिरपेक्षता यहाँ अंतिम साँसे गिन रही है

इस देश में हर दिन सार्वजनिक स्थलों पर संघ की शाखा लगती है जो शुद्धरूप से राजनीतिक रहती है, क्या इसकी अनुमति कभी ली जाती है? हर महीने बहुसंख्यक समाज का कोई न कोई त्यौहार आता है जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर खूब कार्यक्रम होते हैं पर आजतक किसी ने उसपर आपत्ति नहीं उठाई बल्कि लोग इसमें मिलजुल कर शामिल होते हैं। बनारस से लेकर इलाहाबाद, … पढ़ना जारी रखें ये यूपी है जनाब…. धर्मनिरपेक्षता यहाँ अंतिम साँसे गिन रही है