मंटो की एक रचना – मैं कहानीकार नहीं जेबकतरा हूँ

सआदत हसन मंटो (11 मई 1912 – 18 जनवरी 1955) उर्दू के प्रसिद्ध लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं, बू, खोल दो, ठंडा गोश्त और बंटवारे पर लिखी मार्मिक और  चर्चित कहानी, टोबा टेकसिंह के लिए प्रसिद्ध हुये थे । कहानीकार होने के साथ-साथ वे फिल्म और रेडिया पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने बाइस लघु कथा संग्रह, एक … पढ़ना जारी रखें मंटो की एक रचना – मैं कहानीकार नहीं जेबकतरा हूँ

व्यक्तित्व – 1857 के भुला दिए गए नायकों में से एक ” शहीद पीर अली खान “

आज 10 मई के दिन भारत के पहले स्वाधीनता संग्राम की वर्षगांठ पर देश 1857 के शहीदों की याद कर रहा है। उनमें ज्यादातर उस दौर के राजे-रजवाड़े और सामंत थे जिनके सामने अपने छोटे-बड़े राज्य को अंग्रेजों से बचाने की भी चुनौती थी। स्वाधीनता संग्राम के विस्मृत नायकों में पीर अली खां जैसे कुछ ऐसे लोग भी थे जिनके पास न तो कोई रियासत … पढ़ना जारी रखें व्यक्तित्व – 1857 के भुला दिए गए नायकों में से एक ” शहीद पीर अली खान “

जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

नौसेना के जहाज पर, राजीव गांधी के साथ, विदेशी नागरिक गये थे या नहीं इस पर अलग अलग खबरें आ रही हैं। सरकार ही सच क्या है बता सकती है। सरकार को सच की जांच करके बताना चाहिये। करदाताओं और नागरिकों का यह अधिकार है कि राजकीय धन, साधन आदि के दुरूपयोग पर सभी तथ्यों से अवगत रहें। वैसे भी सभी रक्षा प्रतिष्ठान विशेष सुरक्षित … पढ़ना जारी रखें जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया – रविश कुमार

जीडीपी ( GDP ) का आँकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल किया गया है। नेशनल सैंपल सर्वे (NSSO) ने एक साल लगाकर एक सर्वे किया मगर उसकी रिपोर्ट दबा दी गई। पहली बार सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था। इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय (Corporate Ministry ) से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया। जब उन … पढ़ना जारी रखें फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया – रविश कुमार

भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान जो प्रमुख मुद्दे उभर कर आये हैं उनमें एक मुद्दा सेना, सुरक्षा बल और सैनिक कार्यवाहियों का है। सुरक्षा बलों, यानी सेना, पुलिस, अर्ध सैनिक बलों पर सामूहिक चर्चा या जन चर्चा से कोई परहेज नहीं करना चाहिये क्योंकि यह सब तंत्र भी सरकार के अंग है और सुरक्षा, शांति व्यवस्था किसी भी सरकार की प्रथम प्राथमिकता होती है। पर … पढ़ना जारी रखें भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

नज़रिया – भारत का आधार धर्म नहीं धर्मनिरपेक्षता है

सन् 85 के बाद पैदा होने वालों के साथ एक बड़ी दिक्कत हो रही है। इनमें से अधिकतर को देश और धर्म के बीच फर्क करना नहीं आ रहा है। ये दिक्कत कश्मीर में उन लोगों के साथ भी है जो सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं, और उनके भी साथ है जो बाकी भारत में मुसलमानों को पीटते हुए भारत मां की जय बोल रहे … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – भारत का आधार धर्म नहीं धर्मनिरपेक्षता है

5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

पाँचवें चरण के चुनाव के लिए शोर थमा चूका है। यहाँ 6 मई को चुनाव होने हैं। बिहार की 5 सीटों पर इस चरण में मतदान होंगे। ये सीट हैं मधुबनी , मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी , हाजीपुर और सारण। दोनों ही खेमों ने इन सीटों को जीतने के लिए सारी ताकत झोंक दी है। फ़िलहाल इन पाँचों सीटों पर भाजपा का ही कब्ज़ा है। इसलिए … पढ़ना जारी रखें 5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

मोदी के राजीव के अंत वाले बयान पर प्रियंका ने दिया जवाब

लोकसभा चुनाव 2019 ( Loksabha Election 2019 )  में सभी पार्टियाँ जीत के लिए सारे पैतरें आज़मा रही हैं. 4 चरण की वोटिंग हो चुकी है और कल ( 6 मई ) को पांचवे व 12 मई को छटवे और 19 मई को सातवें चरण की वोटिंग होगी. 23 मई को परिणाम आने के बाद नै सरकार के गठन की कवायद चालु हो जाएगी. अब … पढ़ना जारी रखें मोदी के राजीव के अंत वाले बयान पर प्रियंका ने दिया जवाब

नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

देश के सभी सरकारी संस्थानों में 10 प्रतिशत गरीब सवर्णों का जातिगत आरक्षण लागू करने के लिए रॉकेट गति से काम हो रहा है। दिल्ली विश्विद्यालय में मीटिंग पर मीटिंग हो रही है। लेकिन दिल्ली विश्विद्यालय में यह नौकरी देने के बजाय नौकरी छीनने का हथियार साबित हो रहा है। 31 जनवरी 2019 को केंद्र सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर एक … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

अलविदा आर.के. स्टूडियो !

मुंबई का सबसे पुराना और सबसे मशहूर प्रोडक्शन हाउस आर.के स्टूडियो महज़ एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं, एक सपने का नाम था। हिंदी सिनेमा के उस सपने का नाम जिसे पिछली सदी के चौथे दशक में स्वप्नदर्शी अभिनेता, निर्माता और निर्देशक स्व.राज कपूर और उनकी टीम के साथियों – नर्गिस, ख्वाजा अहमद अब्बास, शैलेन्द्र, हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, मुकेश और राधू करमाकर ने मिलकर देखा था। … पढ़ना जारी रखें अलविदा आर.के. स्टूडियो !

क्या नरेंद्र मोदी ने झूठ पकड़ने वाले पत्रकारों का काम बढ़ा दिया है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पत्रकारों का काम वाकई बढ़ा दिया है जो उनके झूठ पकड़ने लायक पढ़े लिखे हैं। बाकी तो ‘हर हर मोदी’ के जप में व्यस्त हैं और एक दिन मनोवांछित वरदान की अपेक्षा रखते हैं। सोचा था कि नेहरू के खिलाफ दुष्प्रचार के खिलाफ आज कुछ आपके काम का लिखूं लेकिन फिर मालूम पड़ा कि अफवाहबाज़ी के उस्ताद मोदी जी ने … पढ़ना जारी रखें क्या नरेंद्र मोदी ने झूठ पकड़ने वाले पत्रकारों का काम बढ़ा दिया है?

मालेगांव धमाके की मुल्जिम प्रज्ञा ठाकुर के बयान जा रहे बीजेपी के खिलाफ

अपने ‘राष्ट्रवाद’ में शहीदों और उनकी शहादत का खासा ख्याल करने वाली बीजेपी के लिए यह असहज होने का मौका था, जब उसे देश के लिए जान देने वाले एक शहीद के मुद्दे पर ही घिर जाना पड़ा । विपक्षी दलों के नेता शहीद के अपमान को मुद्दा बनाकर बीजेपी पर तीखे वार करते नजर आए। मामला, भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर … पढ़ना जारी रखें मालेगांव धमाके की मुल्जिम प्रज्ञा ठाकुर के बयान जा रहे बीजेपी के खिलाफ

अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

प्रेम प्रकाश जी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेरे मित्र हैं। कम लिखते हैं पर लाजवाब लिखते हैं। उनकी एक रोचक लेख नीचे प्रस्तुत कर रहा हूँ। उसे पढ़ने के पहले मेरी यह बात भी पढ़ लीजिएगा। प्रेम प्रकाश जी ने कल्पना की है कि अगर भगवान राम स्वतः 29 तारीख को आ कर बनारस कचहरी में लोकसभा चुनाव के संदर्भ में अपना पर्चा दाखिल कर … पढ़ना जारी रखें अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

क्या खुद चुनाव आयोग मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी कर इस 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है? इसकी आशंका फोन पर मित्र Apurva Bharadwaj ने आज दोपहर में जाहिर की तो मै भी एकबारगी चौक गया अपूर्व डेटा एनिलिसिस के पुराने खिलाड़ी रह चुके हैं इसलिए उनकी बात वजन रखती है. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने एक एप्प … पढ़ना जारी रखें क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

बढ़ रही है “क़ानून के उल्लंघन” की आदत

हाल ही के दिनों में एक और प्रवित्ति जड़ जमा रही है और वह प्रवित्ति है कानून के प्रति अवज्ञा का भाव। सरकार अमूर्त होती है और वह अहर्निश गतिशील रहती है। सरकार से यहां मेरा आशय प्रधानमंत्री या मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि उस तंत्र से है जो विभिन्न नियमों और कानूनों के अनुसार सदैव चलता रहता है। जिन कानूनों के आधार पर सरकार गतिशील … पढ़ना जारी रखें बढ़ रही है “क़ानून के उल्लंघन” की आदत

मंच के चारों ओर खाईं – यह भी पहली बार ही है मित्रों

महाराष्ट्र में नरेंद्र मोदी किसानों की एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। लेकिन कोई किसान मंच तक न पहुंच पाये उसके लिये मंच के आगे तीनों तरफ छः फुट का गड्ढा खोदा गया है। इसे पानी से भर दिया जाएगा। जहां सूखे से महाराष्ट्र तबाह है, सबसे अधिक आत्महत्याएं जहां हो रही हों, पीने का पानी भी मुश्किल से उपलब्ध है, वहां 6 … पढ़ना जारी रखें मंच के चारों ओर खाईं – यह भी पहली बार ही है मित्रों

प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

जहां प्रेस कभी एक मिशन रहा हो और, लोकमान्य तिलक के केसरी, महात्मा गांधी का यंग इंडियन, गणेश शंकर विद्यार्थी के प्रताप जैसे अखबारों ने ब्रिटिश साम्राज्य की कभी नींद हराम कर रखी हो, जिस देश की संस्कृति में ईश्वर की आलोचना और निंदा को कभी किसी अपराध की श्रेणी में न रखा गया हो, आज़ादी की लड़ाई के दौरान, जहां तमाम अखबारों ने देश … पढ़ना जारी रखें प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

नज़रिया – हाफ़िज़ सईद और प्रज्ञा ठाकुर में क्या है समानता ?

अभी पिछले साल ही ( 2018) में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में चुनाव हुए थे। पाकिस्तान में हुए उन चुनावों में सबकी नज़र कुछ खास सवालों के जवाब ढूंढ रही थी। पहला सवाल ये था, कि क्या इमरान खान क़ामयाब हो पाएंगे ? जिसका जवाब हमें बख़ूबी मिला और इमरान खान पाकिस्तान के सर्वोच्च पद पर पहुंच गए। इन्हीं चुनावों में एक चीज़ और हुई कि … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – हाफ़िज़ सईद और प्रज्ञा ठाकुर में क्या है समानता ?

इंस्पायरेशनल स्टोरी – पिता की है सब्ज़ी की दुकान, बेटे ने जीता स्वर्ण पदक

वाराणसी  – गरीबी बदहाली को मात देकर सब्जी बेचने वाले के बेटे ने नया मुकाम हासिल किया है, कामयाबी की शानदार हिस्ट्री लिखी…”गले में गोल्ड मेडल डालकर घर पहुंचे तो परिवार खुशी से झूम उठा लोगों ने भी इस बेटे का शानदार स्वागत किया। विशाल की शानदार कामयाबी के लिए उसे सम्मानित करने और नगद पुरस्कार, सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।” विशाल जब घर … पढ़ना जारी रखें इंस्पायरेशनल स्टोरी – पिता की है सब्ज़ी की दुकान, बेटे ने जीता स्वर्ण पदक

पिछले पाँच सालो में 5 लाख 55,603 करोड़ रूपये के लोन को बट्टे खाते में डाला गया है

मोदी समर्थको का सबसे बड़ा इल्जाम पिछली UPA सरकार पर यह होता है कि उनके समय ही सारे कर्ज उद्योगपतियों को बांटे गए जो आज डूब रहे है. लेकिन कल एक बेहद दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है. आरबीआई ने बताया है कि पिछले दस सालों में सात लाख करोड़ से ज़्यादा का बैड लोन राइट ऑफ हुआ. यानी उद्योगपतियों द्वारा न चुकाए गए क़र्ज़ को … पढ़ना जारी रखें पिछले पाँच सालो में 5 लाख 55,603 करोड़ रूपये के लोन को बट्टे खाते में डाला गया है