मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, यह चुनाव आयोग की साख का सवाल है

ओपी रावत देश के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रह चुके हैं। उन्होंने अपने एक बयान में कहा है कि, ” प्रथम दृष्ट्या यह एक गंभीर मामला लगता है। मुझे यह याद नही कि पहले कभी ऐसा प्रकरण ( कि मतगणना में पड़े हुए मतपत्रों और डाले गए वोटों में कोई अंतर ) मेरे कार्यकाल में आयोग के संज्ञान में आया हो। ” निर्वाचन आयोग पर … पढ़ना जारी रखें मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय, यह चुनाव आयोग की साख का सवाल है

विशेष – राष्ट्रवाद और भारत की अवधारणा

23 मई की देर शाम तक लोकसभा चुनाव 2019 के लगभग सभी नतीजे आ गए थे और भाजपा को पूर्ण बहुमत मिल चुका था। 24 मई की सुबह, अपेक्षाकृत शांत और फुसफुसाहट भरी थी। हालांकि एक्जिट पोल ने नतीजों का संकेत दे दिया था, फिर भी अधिकांश लोगों के लिये यह नतीजे अप्रत्याशित रहे। अब एक नयी सरकार 30 मई को शपथ लेगी और वह … पढ़ना जारी रखें विशेष – राष्ट्रवाद और भारत की अवधारणा

मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

पिछड़ों और दलितों की राजनीति ने 20 साल में ही वह गलती दुहरा दी, जिसे करने में कांग्रेस ने करीब 40 साल लगाए थे. यानी वे उन्हीं पुराने मुहावरों और मुद्दों पर चुनाव लड़ते रह गए जो कब के बासी हो चुके थे और वर्तमान जनमानस की हसरतों से मेल नहीं खाते थे. लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी को मिली 300 से अधिक … पढ़ना जारी रखें मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

वादा फरामोशी के पांच साल

भारतीय जनता पार्टी के एक आम समर्थक से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक को यह बात पता है कि बंगाल में अराजकता है। रोज कोई न कोई खबर छापी जाती है कि वहां दुर्गापूजा रुक गयी। हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। मालदा के दंगों से लेकर अवैध रूप से बांग्लादेशी लोगों और रोहिंगयों तक के बंगाल में पसर जाने आदि आदि की खबरें खूब प्रसारित … पढ़ना जारी रखें वादा फरामोशी के पांच साल

अमित शाह का रोड शो, बंगाल में बवाल और विद्यासागर का अपमान

कल कोलकाता में जो कुछ हुआ वह बेहद दुःखद और निंदनीय है। चुनाव प्रचार में रोड शो की यह जो नयी परम्परा पड़ गयी है वह कभी कभी मुझे राजाओं के शोभा यात्रा की तरह लगती है। वैसा ही ऐश्वर्य, वैसी ही पुष्पवर्षा, वैसे ही विजय दंभ से भरे नेता। उन्माद से भरे समर्थक। और वैसे ही उन्माद से उभरते घोष। जनता के बीचों बीच … पढ़ना जारी रखें अमित शाह का रोड शो, बंगाल में बवाल और विद्यासागर का अपमान

जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

नौसेना के जहाज पर, राजीव गांधी के साथ, विदेशी नागरिक गये थे या नहीं इस पर अलग अलग खबरें आ रही हैं। सरकार ही सच क्या है बता सकती है। सरकार को सच की जांच करके बताना चाहिये। करदाताओं और नागरिकों का यह अधिकार है कि राजकीय धन, साधन आदि के दुरूपयोग पर सभी तथ्यों से अवगत रहें। वैसे भी सभी रक्षा प्रतिष्ठान विशेष सुरक्षित … पढ़ना जारी रखें जब मोदी सरकार की अनुमति से पठानकोट एयरबेस में हुआ था आईएसआई का प्रवेश

भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान जो प्रमुख मुद्दे उभर कर आये हैं उनमें एक मुद्दा सेना, सुरक्षा बल और सैनिक कार्यवाहियों का है। सुरक्षा बलों, यानी सेना, पुलिस, अर्ध सैनिक बलों पर सामूहिक चर्चा या जन चर्चा से कोई परहेज नहीं करना चाहिये क्योंकि यह सब तंत्र भी सरकार के अंग है और सुरक्षा, शांति व्यवस्था किसी भी सरकार की प्रथम प्राथमिकता होती है। पर … पढ़ना जारी रखें भारतीय चुनावों का इतिहास – चुनावी मुद्दे, सुरक्षा बल और सैन्य कार्यवाहियां

नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

देश के सभी सरकारी संस्थानों में 10 प्रतिशत गरीब सवर्णों का जातिगत आरक्षण लागू करने के लिए रॉकेट गति से काम हो रहा है। दिल्ली विश्विद्यालय में मीटिंग पर मीटिंग हो रही है। लेकिन दिल्ली विश्विद्यालय में यह नौकरी देने के बजाय नौकरी छीनने का हथियार साबित हो रहा है। 31 जनवरी 2019 को केंद्र सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर एक … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

क्या खुद चुनाव आयोग मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी कर इस 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है? इसकी आशंका फोन पर मित्र Apurva Bharadwaj ने आज दोपहर में जाहिर की तो मै भी एकबारगी चौक गया अपूर्व डेटा एनिलिसिस के पुराने खिलाड़ी रह चुके हैं इसलिए उनकी बात वजन रखती है. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने एक एप्प … पढ़ना जारी रखें क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

जहां प्रेस कभी एक मिशन रहा हो और, लोकमान्य तिलक के केसरी, महात्मा गांधी का यंग इंडियन, गणेश शंकर विद्यार्थी के प्रताप जैसे अखबारों ने ब्रिटिश साम्राज्य की कभी नींद हराम कर रखी हो, जिस देश की संस्कृति में ईश्वर की आलोचना और निंदा को कभी किसी अपराध की श्रेणी में न रखा गया हो, आज़ादी की लड़ाई के दौरान, जहां तमाम अखबारों ने देश … पढ़ना जारी रखें प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

राममंदिर – सौगंध से संभावना तक – एक वायदे की कथा

6 दिसंबर 1992 में जब उन्मादियों की भीड़ ने अयोध्या में जब एक पुरानी इमारत गिरायी थी तो उसमें राम विराजमान थे और उनकी पूजा चल रही थी। इमारत ज़मीदोज़ होती है और उन्मादित भीड़ रामलला के छोटे से विग्रह को उसी कदीम इमारत के मलबे में छोड़ कर भाग जाते हैं। मौके पर तैनात पुलिस के लोग पुजारी की मदद से रामलला को शाम … पढ़ना जारी रखें राममंदिर – सौगंध से संभावना तक – एक वायदे की कथा

AFSPA अफस्पा कानून – इतिहास और विवाद

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि ” जम्मू कश्मीर में सशस्त्र बल अधिनियम और अशांत क्षेत्र अधिनियम की समीक्षा की जायेगी।. सुरक्षा की ज़रूरतों और मानवाधिकारों के संरक्षण में संतुलन के लिए कानूनी प्रावधानों में उपयुक्त बदलाव किए जाएंगे। सशस्त्र बलों की तैनाती की समीक्षा करने, घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर अधिक सैनिकों को तैनात करने, कश्मीर घाटी में सेना और सीआरपीएफ … पढ़ना जारी रखें AFSPA अफस्पा कानून – इतिहास और विवाद

अपराध और दंड – समझौता विस्फोट फैसले की एक समीक्षा

” मैं इस फैसले का समापन गहरे दुःख और क्षोभ से कर रहा हूँ, क्योंकि एक भयानक हिंसा से जुड़े इस मुक़दमे का अंत मुझे ज़रूरी सुबूतों के अभाव में अभियुक्तों को दोषमुक्त कर के करना पड़ रहा है । “ यह शब्द हैं पंचकूला के एनआईए जज जगदीप सिंह के जिन्होंने समझौता बम धमाके के मुक़दमे की सुनवायी की। जज की यह टिप्पणी किसी … पढ़ना जारी रखें अपराध और दंड – समझौता विस्फोट फैसले की एक समीक्षा

अंतरिक्ष कार्यक्रम और ASAT ए सैट की उपलब्धियां और चुनाव

ए सैट A SAT परीक्षण पर उठे सारस्वत के बयान से अंतरिक्ष कार्यक्रम और उससे जुड़ी अन्य परियोजनाओं की गोपनीयता भंग होने का खतरा हो गया है। कल तक ऐसी उपलब्धियों की चर्चा वैज्ञानिक समुदाय करता था, और लोगों के लिये यह बहुत रोचक और चर्चा का विषय नहीं बनता था। लोग वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि को बिना किसी राजनीतिक चश्मे के सराहते थे, प्रशंसा … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष कार्यक्रम और ASAT ए सैट की उपलब्धियां और चुनाव

विशेष – मेरे नारे ही, मेरा शासन हैं

आपको याद होगा कुछ दिनों पहले हम एक प्रस्तुति लेकर आये थे और हमने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जादूगर हैं, और हर जादूगर की तरह उन्हें हिप्नोसिस आता है. यानि कि सम्मोहन. और वो देश की जनता के बहुत बड़े हिस्से का सम्मोहन कर रहे हैं. और क्या आप जानते हैं कि इस जादूगर के कुछ नारे भी हैं. वो नारे याद … पढ़ना जारी रखें विशेष – मेरे नारे ही, मेरा शासन हैं

लालकृष्ण आडवानी ने भारत को क्या दिया ?

लाल कृष्ण आडवाणी ( Lal Krishna Adwani ) की भारतीय राजनीति की देन पर हो सकता है आने वाले समय मे कोई विश्वविद्यालय शोध कराये और शोधपत्र प्रकाशित कराये। पर किन निष्कर्षों पर शोधार्थी और शोध पहुंचता है इसका अभी कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। पर एक बात मैं कह सकता हूँ कि, लाल कृष्ण आडवाणी की भारतीय राजनीति को जो देन रही … पढ़ना जारी रखें लालकृष्ण आडवानी ने भारत को क्या दिया ?

बेरोज़गारी के भयावह आंकड़े और सरकार की मुद्दा बदल योजना

जनवरी, 2019 में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग यानी NSC के कार्यवाहक अध्यक्ष पीसी मोहनन और आयोग की सदस्य जेवी मीनाक्षी ने अपने पद से इस्ताफा दे दिया था. दोनों के आरोप थे कि सरकार रोजगार के आंकड़े छिपाने की कोशिश कर रही है. पीसी मोहनन वरिष्ठ सांख्यिकीविद और जेवी मीनाक्षी दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स में प्रोफेसर हैं. दोनों को जून, 2017 में तीन साल के लिए … पढ़ना जारी रखें बेरोज़गारी के भयावह आंकड़े और सरकार की मुद्दा बदल योजना

विशेष रिपोर्ट – कौन हैं ये लोग, जो न्यूज़ीलैंड आतंकी हमले पर ख़ुश हो रहे हैं?

न्यूज़ीलैंड के क्राईस्टचर्च शहर की दो मस्जिदों में हुए आतंकवादी हमले के बाद से पूरी दुनिया स्तब्ध है, दरअसल न्यूज़ीलैंड एक बेहद ही शांतिप्रिय देश माना जाता है. एक ऑस्ट्रेलियाई श्वेत दक्षिणपंथी आतंकवादी द्वारा किये गए इस हमले में 49 लोगों की मृत्यु हुई और लगभग 20 लोग घायल हैं. हमलावर ने एक हैलमेट पहना हुआ था और उसपर कैमेरा लगाया हुआ था. जिससे वह … पढ़ना जारी रखें विशेष रिपोर्ट – कौन हैं ये लोग, जो न्यूज़ीलैंड आतंकी हमले पर ख़ुश हो रहे हैं?

पहले चोरी, फिर फोटोकॉपी और अब तीन पन्ने छूट गए हुज़ूर

इस सरकार में सबसे अधिक धर्मसंकट में अगर कोई है तो देश के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल हैं। यह धर्म संकट राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवायी को लेकर है। सरकार राफेल मामले में फंसी पड़ी है। पीएमओ ने सारी प्रक्रिया को ताक पर रख कर एक डिफाल्टर पूंजीपति को दसॉल्ट का ऑफसेट पार्टनर बनाने के लिये समानांतर बातचीत की जिसकी … पढ़ना जारी रखें पहले चोरी, फिर फोटोकॉपी और अब तीन पन्ने छूट गए हुज़ूर

खोजी पत्रकारिता चोरी नहीं है, यह चोरी उजागर करने का एक नेक माध्यम है

राफेल मामले ( Rafale Scam case )  में प्रशांत भूषण  की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court) में आज 6 मार्च को सुनवायी होनी थी। नियत समय पर सुनवायी शुरू भी हुयी। प्रशांत भूषण ने अपना पक्ष रखते हुए अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ( The hindu )  में छपे एक लेख का हवाला दिया और यह कहा कि भारतीय समझौता दल की बातचीत … पढ़ना जारी रखें खोजी पत्रकारिता चोरी नहीं है, यह चोरी उजागर करने का एक नेक माध्यम है