कैसे डूबा “न डूबने वाला ” टाइटैनिक

फ़िल्म “टाइटैनिक” हॉलीवुड का वो नाम है,जिससे अधिकांश भारतीय जनता अवगत होगी.एक सत्य घटना पर आधारित यह फ़िल्म हॉलीवुड की बेस्ट फिल्मों में से एक मानी जाती है.तकरीबन एक सदी पहले विलासिता और शान ओ शौकत के लिए जाना जाने वाला  टाइटैनिक जहाज समुद्र में सफर करते समय अटलांटिक महासागर में डूब गया.जिसमें हजारों लोग मारे गए.हालांकि उस वक़्त दावा किया गया था कि टाइटैनिक … पढ़ना जारी रखें कैसे डूबा “न डूबने वाला ” टाइटैनिक

जलियांवाला बाग़ हत्याकांड में, 10 मिनट तक 1650 राउंड गोलियां बरसाई गईं थी

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जिस घटना ने देशवासियों पर सबसे ज्यादा असर डाला, वह है जलियांवाला बाग का सामूहिक हत्याकांड. 13 अप्रैल 1919  को पंजाब के अमृतसर शहर में स्तिथ जलियांवाला बाग भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की सबसे खूनी दास्तां का गवाह है. इस दिन ब्रिटिश लेफ्टिनेंट जनरल रेगिनाल्ड डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के मौके पर रॉलेट ऐक्ट  का … पढ़ना जारी रखें जलियांवाला बाग़ हत्याकांड में, 10 मिनट तक 1650 राउंड गोलियां बरसाई गईं थी

क्या आप “चिपको आन्दोलन” के बारे में जानते हैं ?

सर्च इंजन गूगल ने आज चिपको आंदोलन के 45 साल पूरे होने अपना विशेष डूडल बनाया है. पेड़ों की रक्षा के लिए हुए इस आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड में 1974 में हुई थी. इस आंदोलन की खास बात यह भी थी कि इसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया था.डूडल में भी दर्शाया गया है कि कैसे महिलाएं पेड़ों के आस-पास उन्हें बचाने की … पढ़ना जारी रखें क्या आप “चिपको आन्दोलन” के बारे में जानते हैं ?

जानिये हिटलर के बदनाम ‘नूरेम्बर्ग क़ानून’ के बारे में

15 सितंबर 1935 के दिन न्यूरेम्बर्ग कानून बनाकर जर्मन यहूदियों को जर्मन नागरिकता से वंचित कर दिया गया था और उल्टे स्वस्तिक को नाजी जर्मनी का आधिकारिक प्रतीक बना दिया गया था ! न्यूरेम्बर्ग शहर में हुई नाजी पार्टी की वार्षिक रैली में ये यहूदी विरोधी न्यूरेम्बर्ग कानून पेश किया गया, 1933 में हिटलर के सत्ता में आने के बाद नाजीवाद जर्मनी की सरकारी विचारधारा … पढ़ना जारी रखें जानिये हिटलर के बदनाम ‘नूरेम्बर्ग क़ानून’ के बारे में

141 साल पहले खेला गया था पहला क्रिकेट टेस्ट मैच

क्रिकेट का सबसे पुराना फॉर्मेट “टेस्ट क्रिकेट” खिलाड़ियों के मनोबल और दृढ़ता की परीक्षा माना जाता है. शायद इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है.बदलते समय के साथ साथ क्रिकेट के अन्य फॉर्मेट भी आते गए और इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी कई बदलाव देखने को मिले.कई बदलावों के बावजूद टेस्ट क्रिकेट आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना कि एकदिवसीय और टी … पढ़ना जारी रखें 141 साल पहले खेला गया था पहला क्रिकेट टेस्ट मैच

शहीद उधम सिंह ने कुछ इस तरह लिया था जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का बदला

जालियांवाला बाग हत्याकांड का दिन भारतीय इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है. आज भी पंजाब में हुए उस नरसंहार कांड की याद कर रूह कांप उठती है. 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी. इस सभा को भंग करने के लिए … पढ़ना जारी रखें शहीद उधम सिंह ने कुछ इस तरह लिया था जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का बदला

जब 1913 के आर्थिक संकट में भी नहीं डिगा था PNB

पंजाब नेशनल बैंक के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से हुए 11 हजार करोड़ से भी ज्यादा के घोटाले ने आम आदमी के विश्वास को तोड़ा है.इस बैंक का इतिहास काफी पुराना है. पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना 19 मई 1894 को हुई थी.पंजाब नेशनल बैंक में सबसे पहला Account खोलने वाले व्यक्ति महान स्वतंत्रता सेनानी, लाला लाजपत राय थे. स्वाधीनता आंदोलन से उपजे इस बैंक … पढ़ना जारी रखें जब 1913 के आर्थिक संकट में भी नहीं डिगा था PNB

लगानबंदी के लिए किया गया था “बारदोली सत्याग्रह”

“सत्याग्रह” जैसे कि नाम से ही अर्थ स्पष्ट है, सत्य के लिए आग्रह. इसका सूत्रपात सर्वप्रथम महात्मा गांधी ने 1894 ई. में दक्षिण अफ़्रीका में किया था. गांधीजी का सत्‍याग्रह कोई आसान काम नहीं है न ही कमजोर लोगों के लिये है.सत्‍याग्रह केवल बहुत ही साहसी व बहादुर लोग ही कर सकते हैं. गांधीजी ने अपने सत्‍याग्रह की परिभाषा कुछ इसी तरह से दी थी … पढ़ना जारी रखें लगानबंदी के लिए किया गया था “बारदोली सत्याग्रह”

क्या है भीमा कोरेगाँव की पूरी कहानी ?

सोमवार को पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की २०० वी सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गयी. खबर है कि हिंदुत्ववादी संगठन (समस्त हिंदू आघाडी, ऑल हिंदू फ्रंट) ने हिंसा फैलाने की शुरुआत की, जिसमें एक शख्स की मौत हो गयी जबकि बड़ी संख्या में वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इस हिंसा ने काफी उग्र … पढ़ना जारी रखें क्या है भीमा कोरेगाँव की पूरी कहानी ?

“खरसावा हत्याकांड”, जहाँ आदिवासियों पर बरसाई गई थीं गोलियां

1 जनवरी 1948 को जब आज़ाद भारत अपने पहले नए साल की, पहली तारीख़ का जश्न मना रहा था, तब बिहार का खरसावां (अब झारखण्ड) में अपना ख़ून अपनो के द्वारा ही बहाया जा रहा था। 1 जनवरी 1948 खरसावां हाट में 50 हज़ार से अधिक आदिवासियों की भीड़ पर ओड़िशा मिलिट्री पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें कई आदिवासी मारे गये थे। आदिवासी … पढ़ना जारी रखें “खरसावा हत्याकांड”, जहाँ आदिवासियों पर बरसाई गई थीं गोलियां

‘सांडर्स’ की हत्या के लिए 17 दिसंबर का ही दिन क्यों चुना गया था ?

बात  1928 की है. इंडिया में अंग्रेजी हुकूमत थी. जब साइमन कमीशन भारत अाया. 30 अक्टूबर 1928 को.  जिसके विरोध में पूरे देश में आग भड़क उठी थी. पूरे देश में ‘साइमन कमीशन वापस जाओ’ के नारे लगे. इस विरोध की अगुवाई पंजाबी शेर ‘लाला लाजपत राय’ कर रहे थे. और लाहौर में 30 अक्टूबर 1928 को एक बड़ी घटना घटी जब लाला लाजपत राय के … पढ़ना जारी रखें ‘सांडर्स’ की हत्या के लिए 17 दिसंबर का ही दिन क्यों चुना गया था ?

16 दिसम्बर 1971- जब बांग्लादेश वजूद में आया

आज का दिन भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता हैं क्योंकि भारत ने आज के दिन ही 1971 में पाकिस्तान को युद्ध में शिस्क्त दी थी, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया था, जो आज बांग्लादेश के रूप में जाना जाता हैं. इस युद्ध के अंत में करीब 93000 पाकिस्तान सैनिको ने आत्मसर्पण कर दिया था.  इस युद्ध में 3900 सैनिक … पढ़ना जारी रखें 16 दिसम्बर 1971- जब बांग्लादेश वजूद में आया

व्यक्तित्व – सरदार वल्लभ भाई पटेल

सरदार वल्लभभाई पटेल. लौह पुरुष, भारत के बिस्मार्क और स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधान मंत्री और ग्रहमंत्री.  पटेल को भारत के एकीकरण का जनक भी कहा जाता हैं. उन्होंने बिखरे हुए भारत की अनेक  रियासतों को एकजुट किया था. रियासतों का एकीकरण  जोधपुर  इनमे सबसे पहले बीकानेर को शामिल किया. दूसरा दिलचस्प मामला जोधपुर रियासत का था.  भोपाल के नवाब की पहल पर जोधपुर के महाराजा और … पढ़ना जारी रखें व्यक्तित्व – सरदार वल्लभ भाई पटेल

आज़ादी के जश्न के समय क्या कर रहे थे “महात्मा गांधी”

जब अपने देश को 15 अगस्त को आजादी नसीब हुई थी, तब गांधी जी ने कहा कि आजादी की घोषणा गांवो और शहरों में एक साथ की जाये. उस समय नेहरू गाँधीजी के सबसे नज़दीक़ी शिष्य थे और नेहरू बहुत तीक्ष्ण बुद्धि वाले थे. और  उन्हें विदेशी मामलों का बहुत गहरा ज्ञान था. भारत की राजधानी नई दिल्ली मे 15 अगस्त को आधी रात को … पढ़ना जारी रखें आज़ादी के जश्न के समय क्या कर रहे थे “महात्मा गांधी”

जब फ़िरोज़ गांधी ने किया, देश के पहले घोटाले का ख़ुलासा

आज़ाद हिंदुस्तान का पहला वित्तीय घोटाला 1958 में हुआ था. इसे मूंदड़ा घोटाला भी कहा जाता है क्योंकि इसे अंजाम देने वाले का नाम हरिदास मूंदड़ा था. यह पहला घोटाला था जिसमें व्यापारी, अफ़सर और सरकार शामिल थी. इस घोटालें के बारे में रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब ‘इंडिया आफ्टर गाँधी’ में विस्तृत रूप से लिखा है, इस आर्टिकल में कुछ संदर्भ उनकी किताब से … पढ़ना जारी रखें जब फ़िरोज़ गांधी ने किया, देश के पहले घोटाले का ख़ुलासा

जब ज़हरीले गैस ने ले ली थी, भोपाल शहर की हज़ारों जानें

भोपाल गैस कांड, एक ऐसी भयावह घटना. जो शायद ही इससे प्रभावित परिवार भूल पायें हों. आज 33 साल बाद भी उस तबाही के निशाँ देखे जा सकते हैं. जब एक गैस के रिसाव की वजह से भोपाल और उसके आस-पास मातम पसर गया था. हर किसी की आँखे जलन और तकलीफ़ की वजह से रौशनी खो रही थीं, तो कुछ लोग इस दुनिया को … पढ़ना जारी रखें जब ज़हरीले गैस ने ले ली थी, भोपाल शहर की हज़ारों जानें

चुनाव के आईने में गुजरात का गौरवशाली अतीत

लोकतंत्र के भविष्य के लिए गुजरात चुनाव अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। पर गुजरात के राजनीतिक व्यवहार को समझने के लिए उसकी सामाजिक-वर्ग संरचनाओं को एक ऐतिहासिक संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है। उथल-पुथल के दौर ही में सामाजिक-वर्ग संरचनाओं उभर कर सामने आती हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (BEIC) के खिलाफ 1857-58 के दौरान गुजरात में भारी विद्रोह हुआ था। इस विद्रोह के क्षेत्रों में, ब्रिटिश शासन के … पढ़ना जारी रखें चुनाव के आईने में गुजरात का गौरवशाली अतीत

झांसी की रानी का यह पहलू नहीं जानते होंगे आप ?

आज, 19 नवम्बर 2017 को भारत की महान स्वतन्त्रा सेनानी रानी लक्ष्मी बाई की 189वी जयन्ती है। रानी लक्ष्मी बाई 1857-58 के भारत के अन्ग्रेज़ विरोधी, साम्राज्यवाद विरोधी क्रान्ति की महा नायिका हैं…और अन्ग्रेज़ों से लड़ते हुए युध-छेत्र में शहीद हुईं. यह उनका एक दुर्लभ चित्र है आज भी रानी लक्ष्मीबाई, अपने शौर्य, शत्रु को अस्थिर करने वाली राजनिती, और खूबसूरती के लिये जानी जाती … पढ़ना जारी रखें झांसी की रानी का यह पहलू नहीं जानते होंगे आप ?

जन्मदिन विशेष – धर्मनिरपेक्षता के पैरोकार पंडित नेहरू

आज स्वंतत्रता सेनानी, भारतरत्न और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती है. आइये हम उनके भारत के प्रधानमंत्री रहते हुए बिताये कुछ अभूतपूर्व पलों को संजोते हुए उनके एक किस्से याद करते है. अधिकांश किस्से इतिहासकार व लेख़क  रामचंद्र गुहा रचित किताब ‘इंडिया आफ्टर गाँधी’ से उद्धृत है. आजादी के बाद वाले दशक में नेहरु की वैश्विक छवि का अंदाजा इसी बात से … पढ़ना जारी रखें जन्मदिन विशेष – धर्मनिरपेक्षता के पैरोकार पंडित नेहरू

RSS के पहले, अंग्रेज़ों ने रची थी ताज महल को ध्वस्त करने की साज़िश!

ताज महल और उत्तर भारत का वर्ग संघर्ष RSS द्वारा स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन से दूरी अख्तियार करने की वजह से अंग्रेज़ सरकार ने इनाम के तौर पर इनको फलने फूलने दिया। संघ के लोग अंग्रेज़ सरकार के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जासूसी करते थे। संघ और अंग्रेज़ दोनों को ही मुग़लों से भारी नफरत रही है। औपनिवेशवाद और फ़ासीवाद के विरोध के प्रतीक के … पढ़ना जारी रखें RSS के पहले, अंग्रेज़ों ने रची थी ताज महल को ध्वस्त करने की साज़िश!