5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

पाँचवें चरण के चुनाव के लिए शोर थमा चूका है। यहाँ 6 मई को चुनाव होने हैं। बिहार की 5 सीटों पर इस चरण में मतदान होंगे। ये सीट हैं मधुबनी , मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी , हाजीपुर और सारण। दोनों ही खेमों ने इन सीटों को जीतने के लिए सारी ताकत झोंक दी है। फ़िलहाल इन पाँचों सीटों पर भाजपा का ही कब्ज़ा है। इसलिए … पढ़ना जारी रखें 5वां चरण- महागठबंधन के लिए खोने को कुछ भी नहीं, जबकि पाने के लिए 3 से 5 सीट हैं

मोदी के राजीव के अंत वाले बयान पर प्रियंका ने दिया जवाब

लोकसभा चुनाव 2019 ( Loksabha Election 2019 )  में सभी पार्टियाँ जीत के लिए सारे पैतरें आज़मा रही हैं. 4 चरण की वोटिंग हो चुकी है और कल ( 6 मई ) को पांचवे व 12 मई को छटवे और 19 मई को सातवें चरण की वोटिंग होगी. 23 मई को परिणाम आने के बाद नै सरकार के गठन की कवायद चालु हो जाएगी. अब … पढ़ना जारी रखें मोदी के राजीव के अंत वाले बयान पर प्रियंका ने दिया जवाब

नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

देश के सभी सरकारी संस्थानों में 10 प्रतिशत गरीब सवर्णों का जातिगत आरक्षण लागू करने के लिए रॉकेट गति से काम हो रहा है। दिल्ली विश्विद्यालय में मीटिंग पर मीटिंग हो रही है। लेकिन दिल्ली विश्विद्यालय में यह नौकरी देने के बजाय नौकरी छीनने का हथियार साबित हो रहा है। 31 जनवरी 2019 को केंद्र सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर एक … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण, सवर्णों के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है

अलविदा आर.के. स्टूडियो !

मुंबई का सबसे पुराना और सबसे मशहूर प्रोडक्शन हाउस आर.के स्टूडियो महज़ एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं, एक सपने का नाम था। हिंदी सिनेमा के उस सपने का नाम जिसे पिछली सदी के चौथे दशक में स्वप्नदर्शी अभिनेता, निर्माता और निर्देशक स्व.राज कपूर और उनकी टीम के साथियों – नर्गिस, ख्वाजा अहमद अब्बास, शैलेन्द्र, हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, मुकेश और राधू करमाकर ने मिलकर देखा था। … पढ़ना जारी रखें अलविदा आर.के. स्टूडियो !

क्या नरेंद्र मोदी ने झूठ पकड़ने वाले पत्रकारों का काम बढ़ा दिया है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पत्रकारों का काम वाकई बढ़ा दिया है जो उनके झूठ पकड़ने लायक पढ़े लिखे हैं। बाकी तो ‘हर हर मोदी’ के जप में व्यस्त हैं और एक दिन मनोवांछित वरदान की अपेक्षा रखते हैं। सोचा था कि नेहरू के खिलाफ दुष्प्रचार के खिलाफ आज कुछ आपके काम का लिखूं लेकिन फिर मालूम पड़ा कि अफवाहबाज़ी के उस्ताद मोदी जी ने … पढ़ना जारी रखें क्या नरेंद्र मोदी ने झूठ पकड़ने वाले पत्रकारों का काम बढ़ा दिया है?

मालेगांव धमाके की मुल्जिम प्रज्ञा ठाकुर के बयान जा रहे बीजेपी के खिलाफ

अपने ‘राष्ट्रवाद’ में शहीदों और उनकी शहादत का खासा ख्याल करने वाली बीजेपी के लिए यह असहज होने का मौका था, जब उसे देश के लिए जान देने वाले एक शहीद के मुद्दे पर ही घिर जाना पड़ा । विपक्षी दलों के नेता शहीद के अपमान को मुद्दा बनाकर बीजेपी पर तीखे वार करते नजर आए। मामला, भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर … पढ़ना जारी रखें मालेगांव धमाके की मुल्जिम प्रज्ञा ठाकुर के बयान जा रहे बीजेपी के खिलाफ

अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

प्रेम प्रकाश जी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेरे मित्र हैं। कम लिखते हैं पर लाजवाब लिखते हैं। उनकी एक रोचक लेख नीचे प्रस्तुत कर रहा हूँ। उसे पढ़ने के पहले मेरी यह बात भी पढ़ लीजिएगा। प्रेम प्रकाश जी ने कल्पना की है कि अगर भगवान राम स्वतः 29 तारीख को आ कर बनारस कचहरी में लोकसभा चुनाव के संदर्भ में अपना पर्चा दाखिल कर … पढ़ना जारी रखें अगर आज राम खुद बनारस में नरेंद मोदी जी के खिलाफ चुनाव में खड़े होते तो ?

क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

क्या खुद चुनाव आयोग मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी कर इस 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है? इसकी आशंका फोन पर मित्र Apurva Bharadwaj ने आज दोपहर में जाहिर की तो मै भी एकबारगी चौक गया अपूर्व डेटा एनिलिसिस के पुराने खिलाड़ी रह चुके हैं इसलिए उनकी बात वजन रखती है. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने एक एप्प … पढ़ना जारी रखें क्या उड़ीसा और बंगाल में वोटिंग टर्नआउट आंकड़े बदल दिए गए ?

बढ़ रही है “क़ानून के उल्लंघन” की आदत

हाल ही के दिनों में एक और प्रवित्ति जड़ जमा रही है और वह प्रवित्ति है कानून के प्रति अवज्ञा का भाव। सरकार अमूर्त होती है और वह अहर्निश गतिशील रहती है। सरकार से यहां मेरा आशय प्रधानमंत्री या मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि उस तंत्र से है जो विभिन्न नियमों और कानूनों के अनुसार सदैव चलता रहता है। जिन कानूनों के आधार पर सरकार गतिशील … पढ़ना जारी रखें बढ़ रही है “क़ानून के उल्लंघन” की आदत