क्या राजनेता जनता और डेटा के फ़र्क को समझेंगे?

यूपीए ने 2014 के चुनाव से पहले सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दे दिया था शायद ये सोच कर कि सचिन के चाहने वाले आंख बंद कर के कांग्रेस को वोट दे आयेंगे – पर ऐसा हुआ नहीं. अब मोदी ने भी वही प्रयोग किया है प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दे कर और सोच रहे होंगे कि मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है पश्चिम बंगाल की … पढ़ना जारी रखें क्या राजनेता जनता और डेटा के फ़र्क को समझेंगे?

पद्म पुरस्कारों पर विवाद और चयन प्रक्रिया

हर साल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार अपने नागरिकों को पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और भारतरत्न के सम्मानों से सम्मानित करती रहती है। लेकिन इन पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया का, क्या कोई निर्धारित मापदंड है कि, किसे यह पुरस्कार दिया जाए, या किसे न दिया जाए ?  इसे तय करने के लिये कोई अधिकारप्राप्त चयन कमेटी है या यह सरकार की केवल अपनी … पढ़ना जारी रखें पद्म पुरस्कारों पर विवाद और चयन प्रक्रिया

अबकी बार, नफ़रत की हार

पटना में नफ़रत के खिलाफ एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम के आयोजक महताब आलम ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि अन्याय करने वाला ही दोषी नही है बल्कि उस अन्याय को मूकदर्शक बनकर देखने वाले भी बराबर के दोषी हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले वक्त में बिहार में पीड़ितों की लड़ाई को तेज किया जाएगा। अररिया में पीट पीटकर हत्या कर … पढ़ना जारी रखें अबकी बार, नफ़रत की हार

नेताजी सुभाषचंद्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति (पार्ट-2)

सुभाष बाबू 1938 के कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ही कांग्रेस में वैचारिक संघर्ष भी छिड़ गया था। वे 1921 से 1940 तक कांग्रेस में रहे। फिर उनका कांग्रेस से मोहभंग हो गया। 1939 में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक नामक दल का गठन किया जो प्रगतिशील विचारों का था। यह दल आज भी है और वामपंथी दलों के … पढ़ना जारी रखें नेताजी सुभाषचंद्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति (पार्ट-2)

हत्या का पर्दाफाश करने का विरोध क्यों ?

सोशल मीडिया पर जब भी हरेन पांड्या, जज बीएम लोया और अब गोपीनाथ मुंडे की हत्या, संदिग्ध मृत्यु और दुर्घटना की बात की जाती है तो एक वर्ग इसके बचाव में उतर आता है और येनकेनप्रकारेण इन हत्याओं पर संदेह करने वालों को ही कटघरे में खड़ा करने लगता है। हरेन पांड्या गुजरात के गृह मंत्री रहे हैं, और तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब के प्रधानमंत्री … पढ़ना जारी रखें हत्या का पर्दाफाश करने का विरोध क्यों ?

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति ( पार्ट-1)

सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अप्रतिम योद्धा थे। योद्धा शब्द सच मे केवल उन्हीं के लिये कहा जा सकता है। अंग्रेज़ी हुक़ूमत के खिलाफ 1857 का विप्लव एक विद्रोह था जो चर्बी मिले कारतूस के मुद्दे पर अचानक भड़क उठा था। तब अंग्रेज़ उतने मज़बूत नहीं थे संख्या भी कम थी। 1885 ई में कांग्रेस के गठन के बाद और फिर महात्मा गांधी … पढ़ना जारी रखें नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और साम्प्रदायिक राजनीति ( पार्ट-1)

कितनी पवित्र है EVM ?

‘वोटर और रिजल्ट के बीच टेक्नोलॉजी पर निर्भर करना असंवैधानिक है’. यह सिध्दांत जर्मनी की कोर्ट ने ईवीएम के इस्तेमाल के सुनवाई करते समय निर्धारित किया था लेकिन यहाँ भारत मे जिसे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है हम भयानक रूप से हठधर्मिता के शिकार हैं. लेख लम्बा है पर इस खेल को समझने के लिए पूरा जरूर पढिए. चुनाव आयोग ‘मेरा टेसू … पढ़ना जारी रखें कितनी पवित्र है EVM ?

जिन हत्याओं की बात शुजा का रहा है, क्या उनकी जांच होगी ?

लंदन के इस प्रेस कांफ्रेंस की पत्रकारों के बीच कई दिनों से चर्चा चल रही थी। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन( यूरोप) और फोरेन प्रेस एसोसिएशन ने इस आयोजन के लिए आमंत्रण भेजा था। यह सवाल जायज़ है कि इतने बड़े प्रेस कांफ्रेंस में सबूत भी रखे जाने चाहिए थे। जिनके नहीं होने कारण छेड़खानी वाला हिस्सा कमजोर लगा। सैय्यद शुजा को स्काइप के ज़रिए पेश किया … पढ़ना जारी रखें जिन हत्याओं की बात शुजा का रहा है, क्या उनकी जांच होगी ?

EVM हैकर का दावा कोरी किस्सागोई है क्या कुछ हकीकत भी है?

लंदन में हुई एक प्रेस कान्फ्रेंस में वीडियो लिंक के ज़रिये एक हैकर ने कुछ ऐसे सवाल उठाये जिन्हे सामान्य तौर पर विश्वास कर पाना कठिन है. हैकर सैयद शुजा का दावा है कि 2014 का चुनाव EVM को हैक कर बीजेपी ने जीता. शुजा का दावा है कि बीजेपी लगातार EVM को हैक करती रही है अगर कुछ चुनाव वो हारी है वो इसलिये … पढ़ना जारी रखें EVM हैकर का दावा कोरी किस्सागोई है क्या कुछ हकीकत भी है?

तो जल्द ही जेट एयरवेज़ पर होगा विदेशी नियंत्रण

अब तक मोदी सरकार प्रत्यक्ष रूप में देशी उद्योगपतियों पर मेहरबानी दिखा रही थी लेकिन अब वह खुलकर विदेशी उद्योगपतियों पर भी मेहरबान हो गयी है. एक विदेशी कम्पनी का एक भारतीय एयरलाइंस पर कब्जा हो जाए इसके सरकार सेबी के नियमो को भी मोल्ड करने को तैयार हो गयी है. हम बात कर रहे हैं जेट एयरवेज ओर एतिहाद के सौदे की. जेट एयरवेज … पढ़ना जारी रखें तो जल्द ही जेट एयरवेज़ पर होगा विदेशी नियंत्रण

देशद्रोह कानून की ऐतिहासिकता और जेएनयू मामला

संहिताबद्ध कानून अंग्रेज़ो की देन है जो ब्रिटिश न्याय प्रणाली से हमारे देश मे आयी है। प्राचीन भारतीय न्याय प्रणाली और देश के मुस्लिम हुक़ूमत में भी न्याय और विधि व्यवस्था कुछ संहिताबद्ध तो थी, पर ब्रिटिश राज में यह संहिताकरण व्यवस्थित रूप से हुआ जब शासन प्रशासन के लिये विधिवत कानून और उन कानूनों के लागू करने के लिये प्रक्रियागत कानून भी बने।1757 की … पढ़ना जारी रखें देशद्रोह कानून की ऐतिहासिकता और जेएनयू मामला

24 घंटे लेट हो गई ट्रेन कई परीक्षार्थियों की छूट गई परीक्षा

18 जनवरी की आधी रात से पहले राजस्थान के अलग अलग हिस्सों से नौजवान आनंद विहार स्टेशन पर जमा हो गए थे। इसलिए कि 19 जनवरी को सुबह साढ़े छह बजे भुवनेश्वर जाने वाली नंदनकानन एक्सप्रेस छूट न जाए। यह ट्रेन चलने से पहले ही 9 घंटे लेट हो जाती है। दोपहर तीन बजे दिल्ली से रवाना होती है। निर्धारित समय के अनुसार इसे 20 … पढ़ना जारी रखें 24 घंटे लेट हो गई ट्रेन कई परीक्षार्थियों की छूट गई परीक्षा

वेंटिलेटर में पूर्व भारतीय क्रिकेटर, आर्थिक मदद की है ज़रूरत

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन का सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने बाद वडोदरा के अस्पताल में इलाज चल रहा है. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार उनके परिवार के पास इलाज के लिए पैसे भी खत्म हो चुके हैं. ऐसी स्थिति में जैक़ब के परिवार को पैसों की ज़रूरत बताई जा रही है. अंग्रेज़ी अखबार टेलीग्राफ के … पढ़ना जारी रखें वेंटिलेटर में पूर्व भारतीय क्रिकेटर, आर्थिक मदद की है ज़रूरत

जब सीमांत गांधी की इस बात पर इंदिरा ने सिर झुका लिया और जेपी रो पड़े

“दो बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित हुए बादशाह खान की जिंदगी और कहानी के बारे में लोग कितना कम जानते हैं। 98 साल की जिंदगी में 35 साल उन्होंने जेल में सिर्फ इसलिए बिताए ताकि इस दुनिया को इंसान के रहने की एक बेहतर जगह बना सकें।” अपनी पूरी जिंदगी मानवता की कल्याण के लिए संघर्ष करते रहे ताकि एक बेहतर कल का … पढ़ना जारी रखें जब सीमांत गांधी की इस बात पर इंदिरा ने सिर झुका लिया और जेपी रो पड़े

पीएम मोदी के साढ़े 4 साल में भारत पर बढ़ा 49 फीसदी क़र्ज़

कल एक हैरान करने वाली खबर आई कि पीएम मोदी के साढ़े 4 साल के कार्यकाल में भारत सरकार पर 49 फीसदी का कर्ज बढ़ा है, केंद्र सरकार ने कर्ज पर कल अपनी स्टेटस रिपोर्ट का आठवां संस्करण जारी किया जिसके मुताबिक जून, 2014 में सरकार पर कुल कर्ज 54,90,763 करोड़ रुपये था, जो सितंबर 2018 में बढ़कर 82,03,253 करोड़ रुपये हो गया है. यदि … पढ़ना जारी रखें पीएम मोदी के साढ़े 4 साल में भारत पर बढ़ा 49 फीसदी क़र्ज़

गोदाम, चेक पोस्ट, बाइपास के उद्घाटन के लिए मोदी की सौ रैलियाँ

केरल में 13 किमी बाइपास का उद्घाटन तो मुंबई में भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय के नए भवन का उद्घाटन। सिल्वासा में मेडिकल कालेज की आधारशिला रखी तो मणिपुर के साओमबंग में भारतीय खाद्य निगम के गोदाम का उद्घाटन। ओडिशा में छह नए पासपोर्ट सेवा केंद्रों का शुभारंभ तो मणिपुर में एकीकृत चेकपोस्ट का उद्घाटन। ओडिशा के नील माधव और सिद्धेश्वर मंदिर के नवीनीकरण और … पढ़ना जारी रखें गोदाम, चेक पोस्ट, बाइपास के उद्घाटन के लिए मोदी की सौ रैलियाँ

संजीव भट्ट का मुक़दमा और जस्टिस काटजू का एक लेख

संजीव भट्ट गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें गुजरात सरकार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। संजीव गुजरात के उन पुलिस अफसरों में हैं जिन्होंने 2002 के गुजरात दंगो में एक प्रोफेशनल पुलिस अफसर के रूप में दंगाइयों से लोहा लिया और कानून व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश की। पर पुलिस का यह ईमानदार प्रोफेशनलिज़्म सरकार को रास नहीं आया। वे सरकार के … पढ़ना जारी रखें संजीव भट्ट का मुक़दमा और जस्टिस काटजू का एक लेख

झूठ के आसमान में रफाल की कीमतों का उड़ता सच- द हिन्दू की रिपोर्ट

सरकार जिस रफाल विमान को 9 प्रतिशत सस्ते दर पर ख़रीदने की बात करती है दरअसल वह झांसा दे रही है। द हिन्दू में छपी एन राम की रिपोर्ट से तो यही लगता है। एन राम कहते हैं कि प्रति विमान 41.42 प्रतिशत अधिक दाम देकर खरीदे जा रहे हैं। इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद लगता है कि कीमतों को लेकर संसद में हुई … पढ़ना जारी रखें झूठ के आसमान में रफाल की कीमतों का उड़ता सच- द हिन्दू की रिपोर्ट

ग़ज़ल – जाउंगा कहाँ ऐ दिल तुझको छोड़ कर तन्हा

जाउंगा कहाँ ऐ दिल तुझको छोड़ कर तन्हा कैसे मैं करूं बढ़ती उम्र में सफर तन्हा   भीड़ में या मेले में मैं रहा जहाँ भी हूँ  ढूंढती रही खुद को ये मिरी नज़र तन्हा   हम सफर था जो मेरा हमकदम था जो मेरा वो चले गया मुझको आज छोडकर तन्हा   कानाफूसी करते है लोग ऐसे में अक्सर घूमना नहीं अच्छा है इधर … पढ़ना जारी रखें ग़ज़ल – जाउंगा कहाँ ऐ दिल तुझको छोड़ कर तन्हा

सआदत हसन मंटो की कहानी – टिटवाल का कुत्ता

कई दिन से दोनों पक्ष अपने-अपने मोर्चे पर जमे हुए थे। दिन में इधर और उधर से दस बारह फ़ायर किए जाते जिन की आवाज़ के साथ कोई इंसानी चीख़ बुलंद नहीं होती थी। मौसम बहुत ख़ुशगवार था। हवा ख़ुद ही उगे फूलों की महक में बसी हुई थी। पहाड़ियों की ऊंचाइयों और ढलवानों पर जंग से बे-ख़बर क़ुदरत अपने रोज के काम में मसरूफ़ … पढ़ना जारी रखें सआदत हसन मंटो की कहानी – टिटवाल का कुत्ता