सवाल करना पत्रकार का अधिकार होना चाहिए

20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में हिंदी और हिंदी पत्रकारिता विभाग ने पुनश्चर्या कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमे श्री.के.जी. / सुरेश (डी.जी.आई.आई.एम),श्री संजय नंदन, वरिष्ठ पत्रकार (ए ,बी.पी.न्यूज़), प्रो.सुधा सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय ), श्री दीपांशु श्रीवास्तव ,अध्यक्ष (प्रबंध समिति) को बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित किया गया. कार्यक्रम का आरम्भ द्वीप उज्जवलन और डॉ अम्बेडकर की मूर्ती पर माल्यार्पण करके किया गया. उसके … पढ़ना जारी रखें सवाल करना पत्रकार का अधिकार होना चाहिए

नज़रिया – “लिंचिंग की बढ़ती घटनाएं”, क्या भारत का “हिंदू तालिबानिकरण” हो रहा है?

स्वामी अग्निवेश पर हमला इस बात को प्रमाणित करने के लिये काफ़ी है कि  यह सरकार ना तो राष्ट्रवादी है, ना ही समाजवादी, ना ही हिंदूवादी, यह सिर्फ़ अवसरवादी है। क्यूंकि इस सरकार को सिर्फ़ ख़ुद के मफ़ाद से मतलब है, इसे सिर्फ़ सत्ता प्यारी है,और इस के लिये यह हर तरह के हथकंडे अपनाएगी। याद रखो जो क़ौम अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त नहीं करती … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – “लिंचिंग की बढ़ती घटनाएं”, क्या भारत का “हिंदू तालिबानिकरण” हो रहा है?

नज़रिया – फ्रांस की जीत पर खुश क्यों हैं दुनिया भर के मुस्लिम?

मुहम्मद इक़बाल फ़्रांस की टीम में सात मुसलमानों की मौजुदगी पर जब मुसलमानों ने ख़ुशी का इज़हार किया तो कुछ लोगो से मुसलमानों की ये ख़ुशी देखी नहीं गयी और इसकी भी आलोचना करने लगे मेरी नज़र से एक आध पोस्ट ऐसा गुज़रा है जिसमे मुसलमानों द्वारा ख़ुशी के इज़हार पर भी घुमा फिरा कर आलोचना कर दी गयी है. मुसलमानों का तो बस यही … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – फ्रांस की जीत पर खुश क्यों हैं दुनिया भर के मुस्लिम?

बिग बैंग थ्योरी देने वाले Georges Lemaitre के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल

मंगलवार को, Google ने डूडल बनाकर बेल्जियम के खगोलविद “जॉर्जेस लेमेत्रे” की 124 वीं जयंती मनाई। लेमेत्रे को बिग बैंग थ्योरी का श्रेय दिया जाता है, जिसके अनुसार ब्रह्मांड एक परमाणु से उत्पन्न हुआ, जोकि एक लौकिक अंडे कि तरह था। वह इस सिद्धांत को मानने वाले पहले व्यक्ति थे, जो मानते थे “कि ब्रह्मांड बढ़ रहा है”। लेमेत्रे 1894 में पैदा हुए थे, उन्होंने … पढ़ना जारी रखें बिग बैंग थ्योरी देने वाले Georges Lemaitre के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल

असम की राजनीति में “बदरुद्दीन अजमल” का उदय कैसे हुआ?

वह लोग भी बदरुद्दीन अजमल क़ासमी को दलाल घोषित कर रहे है जिन्हें यह भी मालूम नहीं कि असम की राजनीति का केंद्र बिंदु क्या है। असम में बदरुद्दीन अजमल के राजनीतिक उदय को समझने के लिए थोड़ा इतिहास में जाना पड़ता है। असम के दो आतंकी संगठनों “बोडो लिबरेशन टाइगर्स फ़ोर्स (बीएलटीएफ)” और “उल्फ़ा” की गतिविधियों से केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व परिचित … पढ़ना जारी रखें असम की राजनीति में “बदरुद्दीन अजमल” का उदय कैसे हुआ?

नज़रिया – क्या हिंदू वोट खोने के डर से “मोब लिंचिंग” पर चुप हैं राहुल गांधी?

प्रधानमंत्री Narendra Modi के तीन मंत्री हैं, एक Dr. Mahesh Sharma वे अखलाक के हत्यारोपी की लाश पर तिरंगा चढ़ाते हैं, उसकी लाश को नमन करते हैं, लेकिन पीड़ित परिवार से नही मिलते, दूसरे हैं Giriraj Singh वे बिहार के दंगाईयों से जेल में मिलने जाते हैं, वे भी उन लोगों से नहीं मिलते जिनका दंगों में जान माल का नुकसान हुआ है। तीसरे हैं Jayant Sinha वे अदालत से अलीमुद्दीन के कत्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या हिंदू वोट खोने के डर से “मोब लिंचिंग” पर चुप हैं राहुल गांधी?

नज़रिया – आपको मनौवैज्ञानिक तौर पर इन ‘घटनाओं का आदी बना दिया गया है

सोचिये उत्तराखंड के सतपुली में एक गाय से दुष्कर्म हो जाता है मगर कोई गौरक्षक उस कुकर्मी को एक थप्पड़ तक नहीं मारता, वहीँ हापुड़ में अपने खेत से गाय भगाने वाले क़ासिम को नामर्द भीड़ घेर कर पीट पीट कर मार डालती है, ये क़त्ले आम करने की सोची समझी साजिश नहीं तो क्या है? मॉब लिंचिंग, मुसलमानों से गौरक्षकों की गुंडागर्दी और क़त्ले … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – आपको मनौवैज्ञानिक तौर पर इन ‘घटनाओं का आदी बना दिया गया है

नज़रिया – ध्रुवीकरण के लिए जान बूझ कर गलतफहमी फैलाई जा रही है

हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम वह क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता भारतीय मुसलमानों की प्रतिनिधि संस्था आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले में “दारुल कुजा” या शरई अदालतों के गठन के एलान के साथ भारत की मीडिया विशेषकर चैनलों ने ऐसा दिखाने अजुर समझाने का प्रयास शुरू कर दिया है जैसे मुस्लिमों की इस संस्था … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – ध्रुवीकरण के लिए जान बूझ कर गलतफहमी फैलाई जा रही है

माँ बनने के बाद छुआ बुलंदियों का आसमान

“माँ ” नाम का शब्द केवल एक शब्द ही नहीं इसमें पूरी दुनिया समा जाती है. हर किसी की जिंदगी में अगर सबसे महत्वपूर्ण इंसान है, तो वो उसकी माँ है क्योंकि उसकी मां से करीब कोई नहीं होता है जो अपने बच्चों को गर्भ से लेकर मृत तक बिना किसी लालच के प्यार करती है. कहते हैं ना कि दुनिया मे आते ही हमारी … पढ़ना जारी रखें माँ बनने के बाद छुआ बुलंदियों का आसमान

नज़रिया – JNU प्रशासन सत्ता में बैठी भाजपा और RSS के इशारे पर काम कर रहा है

अभी हाल में मेरे ऊपर और मेरे कुछ साथियों के ऊपर जो सज़ा RSS/BJP के पिट्ठु JNU के अधिकारियों ने सुनाई है उसके बारे में। एक बार फिर भाजपा और गोदी मीडिया बहुत उत्साहित है JNU के स्टूडेंट्स को अपराधी साबित करने में। इस बार बहाना है JNU प्रसाशन की ‘हाई लेवल’ जाँच समिति का आदेश। जिसमें उनका दावा है के उनकी कल्पना हक़ीक़त हो … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – JNU प्रशासन सत्ता में बैठी भाजपा और RSS के इशारे पर काम कर रहा है

दिल्ली की चुनी हुई सरकार को काम करने दें LG – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया. दिल्ली सरकार बनाम एलजी के बहुप्रतिक्षित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि दिल्ली की बॉस चुनी हुई सरकार है, एलजी नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एलजी की मनमानी नहीं चलेगी और हर मामले में फैसले से पहले एलजी की सहमति की जरूरत नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा है कि दिल्ली के … पढ़ना जारी रखें दिल्ली की चुनी हुई सरकार को काम करने दें LG – सुप्रीम कोर्ट

नानक सिंह- कलम की वजह से जेल भी गए और साहित्य सम्मान भी पाया

पंजाबी भाषा के मशहूर उपन्यासकार नानक सिंह का जन्म 4 जुलाई 1897 में हुआ था, तथा 18 दिसंबर 1971 को उनकी मृत्यु हुई. वह एक लेखक और स्वंत्रता संग्राम सेनानी थे. अंग्रेज़ सरकार के विरुद्ध लिखने की वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा. अपनी साहित्यिक रचनाओं के लिए उन्होंने कई सम्मान प्राप्त किये थे. वह झेलम जिले (अब पाकिस्तान में) में एक गरीब पंजाबी … पढ़ना जारी रखें नानक सिंह- कलम की वजह से जेल भी गए और साहित्य सम्मान भी पाया

बच्चा चोरी की अफवाह पर अब तक 29 मौत, मोब लिंचिंग पर कब जागेगी सरकार?

व्हाट्सएप पर बच्चे चोरी करने की वायरल एक अफवाह और एक वीडियो क्लिप ने पिछले साल मई से लेकर मई 2018 तक 29 लोगों की ज़िंदगियाँ ख़त्म कर डालीं, और किसी को इसकी चिंता नहीं ! और अफवाह पर क़त्ल किये जाने की ये हैवानगी लगातार जारी है, हैरानी की बात ये है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर बिलकुल भी चिंतित नज़र नहीं आती, … पढ़ना जारी रखें बच्चा चोरी की अफवाह पर अब तक 29 मौत, मोब लिंचिंग पर कब जागेगी सरकार?