सवाल करना पत्रकार का अधिकार होना चाहिए

20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में हिंदी और हिंदी पत्रकारिता विभाग ने पुनश्चर्या कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमे श्री.के.जी. / सुरेश (डी.जी.आई.आई.एम),श्री संजय नंदन, वरिष्ठ पत्रकार (ए ,बी.पी.न्यूज़), प्रो.सुधा सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय ), श्री दीपांशु श्रीवास्तव ,अध्यक्ष (प्रबंध समिति) को बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित किया गया.

कार्यक्रम का आरम्भ द्वीप उज्जवलन और डॉ अम्बेडकर की मूर्ती पर माल्यार्पण करके किया गया. उसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को उपहार में पौधा देकर स्वागत किया. प्राचार्य श्री जी.के. अरोरा ने हिंदी और पत्रकारिता के परिवार में जुड़ रहे नए छात्रों का स्वागत किया और बहुत सारी शुभकामनाएं दी. इसी के साथ मंच पर उपस्थित सभी मेहमानों को अपनी बात रखने का मौका दिया.

जिसमे संजय नंदन जी ने पत्रकारिता के उसूलो के साथ कहा कि सवाल करना आपका अधिकार होना चाहिए. आपको सवाल के करने की आज़ादी मिली है तो उसकी मर्यादा का भी ध्यान रखना ज़रूरी है। साथ ही उन्होंने अपनी प्रोफेशनल और निजी जीवन से अनुभव को विद्यार्थियों के साथ साँझा किया.

दूसरी वक्ता थी प्रो.सुधा सिंह जी उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा पर पकड़ करनी ज़रूरी है. क्योंकि हमारी माध्यम भाषा वही है,जिस से आप जनता से आसानी से बात चीत कर सके और उनकी परेशानी को समझ सके. तीसरे वक्ता श्री. के.जी.सुरेश जी ने उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का धुर्वीकरण हो रहा है, जिसके लिए ज़्यादा से ज़्यादा अध्ययन करना ज़रूरी है. और आगे कहा कि पत्रकारिता को न विपक्ष के लिए करना है,न पक्ष के लिए करना है,बल्कि जनपक्ष के लिए करना है.पत्रकारिता का एक ही पक्ष है वो है जनपक्ष, पत्रकारिता खुलेमन से, खुले दिमाग़ से करना है ,जो सही है उसे लिखना है। उन्होंने फेक समचार और द्वेष पैदा करने वाली चीजों से परहेज़ बताया एवं अपने अनमोल शब्दों को विराम दिया.

अंत मे महाविद्यालय के वर्तमान अध्यक्ष दीपांशु जी ने सभागार में उपस्थित नए सभी छात्र और छात्राओं को कॉलेज विभाग ,मीडिया लेब और अन्य नई चीज़ों के बारे में अवगत किया। और पत्रकारिता के मैदान में आ रहे नए खिलाड़ियों को सीखने और हुनर को निखारने के लिए प्रोत्साहन दिया.

मंच पर महान कवि श्री गोपालदास “नीरज” और विभाग अध्यापक श्री महावीर वत्स की माता जी के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. उनके निधन पर महाविद्यालय के बगीचे में दोनों के नाम का पौधरोपण किया.

सभी अथितिगण और अध्यापकगण ने एक समूह तस्वीर ली. और आखिर में जलपान करा. कार्यक्रम में मौजूद रहे सभी विद्यर्थियों के लिए जलपान का इन्तज़ाम कैंटीन में किया गया.

हिंदी और हिंदी पत्रकारिता के विभाग ने अपना पहला पुनश्चर्या कार्यक्रम आयोजित किया. जिसमे विभाग के सभी साथियों और विद्यार्थियों की दिन रात मेहनत के बाद प्रोग्राम सफल हो पाया. उम्मीद है महाविद्यालय ऐसे ही कार्यक्रम आगे भी आयोजित करता रहे। ताकि विद्यार्थियों को सीखने और नए लोगो को सुनने का मौक़ा मिलता रहे.

शगुफ्ता ऐजाज़
दिल्ली विश्वविद्यालय

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